Essay by SWR PCS
СтатистикаDedicated Channel for UPPCS/BPSC Essay Contact - @Enquiry_SWRPCS
- Последний пост
- 13 авг.
- Последнее чтение
- 13 авг.
- Постов за неделю
- 4
- Всего постов
- 21
- Тип
- открытый
- Язык
- хинди
- В каталоге с
- 13 авг.
- 1/24сутки в ленте
- 340
- 1/48двое суток
- 389
- 1/72трое суток
- 420
Оценка по просмотрам недавних постов: пост набирает почти всё за первые сутки.
Посты
видео или голосовое, без подписи
видео или голосовое, без подписи
видео или голосовое, без подписи
https://t.me/BPSC_Equator
"मुझे दृढ़ विश्वास है कि भारत का यह पुनरुत्थान दुनिया पर विजय प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि दिग्भ्रमित दुनिया को शांति, सहिष्णुता और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाने के लिए हो रहा है।" — स्वामी विवेकानंद @essaybyswrpcs
"भारत का उदय केवल उसके अपने भौतिक या राजनीतिक स्वार्थों के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के आध्यात्मिक और नैतिक कल्याण के लिए होगा।" — महर्षि अरबिंदो @essaybyswrpcs
"अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्।" "उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥" (अर्थात्: 'यह मेरा है और वह पराया है', ऐसी सोच संकीर्ण मन वालों की होती है। उदार हृदय वालों के लिए तो संपूर्ण पृथ्वी ही एक परिवार है।) @essaybyswrpcs
https://www.instagram.com/reel/Dbypz2oy9bM/?igsh=bnl0cXg3dW5mYnlk
видео или голосовое, без подписи
हाथी चले बाजार, कुकुर भोके हजार.... @swrpcs @essaybyswrpcs
Solution 1.pdf BPSC Essay Test
70th BPSC Essay Copy 180 Marks @SWRPCS.pdf https://t.me/EssayBySWRPCS
Join करने के लिए @Enquiry_swrpcs पर संपर्क करें Fee: 699 * हर टेस्ट में एक टॉपिक सामान्य विषय और एक टॉपिक बिहार में प्रचलित लोकोक्ति का होगा*
UPPCS prelims 2026 Test Series Register yourself by sending message at @Enquiry_SWRPCS Medium - Both हिन्दी and English. अधिक जानकारी और टेस्ट सीरीज से जुड़ने के लिए हमारे व्हाट्सअप 8595281029 या @Enquiry_SWRPCS पर संपर्क करे. Prepare under guidance of Selected and Experienced Team
भारत भारती.....से यह कविता लिया गया है। @essaybyswrpcs
BPSC, UPPCS, ROARO Essay को लेकर जल्द अपडेट दिया जाएगा। @swrpcs @essaybyswrpcs
GIC Essay.... Join करने के लिए @Enquiry_swrpcs पर संपर्क करें
"अरुण यह मधुमय देश हमारा। जहाँ पहुँच अनजान क्षितिज को मिलता एक सहारा॥" अर्थात्, हमारी यह सांस्कृतिक भूमि वह प्रकाशमयी और मिठास से भरी जगह है, जहाँ विश्व के किसी भी कोने से आए भटके या थके हुए व्यक्ति या सभ्यता को शांति और अंतिम सहारा प्राप्त होता है। जयशंकर प्रसाद
видео или голосовое, без подписи
पहले एक गौरैया होती थी एक आदमी होता था लेकिन आदमी इतना ऊँचा उड़ा कि गौरैया खो गई! पहले एक पहाड़ होता था एक आदमी होता था लेकिन आदमी ऐसे तन कर खड़ा कि पहाड़ ढह गया! पहले एक नदी होती थी एक आदमी होता था लेकिन आदमी ऐसे वेग से बहा कि नदी सो गई! पहले एक पेड़ होता था एक आदमी होता था लेकिन आदमी ऐसे ज़ोर से झूमा कि पेड़ सूख गया! पहले एक पृथ्वी होती थी एक आदमी होता था लेकिन आदमी इतने ज़ोर से घूमा कि पृथ्वी रो पड़ी! रो पड़ी... कि पहले एक आदमी होता था। अजेय