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  • 30 мар.8 608481из SunilydvSS

    सपनों और संघर्षों से इस गर्व के पल तक का सफर… मिशन विश्व गुरु भारत कॉन्फ्रेंस 2026 में मानद डॉक्टरेट ( Honorary Doctorate - P.hd ) प्राप्त करना मेरे लिए बेहद भावुक क्षण है। जीवन में कुछ पल ऐसे होते हैं जिन्हें शब्दों में बयां करना मुश्किल होता है… आज का दिन मेरे लिए वही एक भावुक और यादगार पल है। स्वामी विवेकानंद नेशनल एंड इंटरनेशनल अवॉर्ड सेरेमनी – मिशन विश्व गुरु भारत कॉन्फ्रेंस 2026 में मानद डॉक्टरेट प्राप्त करना मेरे लिए अत्यंत गर्व और कृतज्ञता का क्षण है। यह सफर आसान नहीं था। इसमें कई सपने, संघर्ष, मेहनत और उन लोगों का विश्वास शामिल है जिन्होंने हर मुश्किल समय में मेरा साथ दिया — मेरा परिवार, मेरे मित्र और मेरे मार्गदर्शक। आज इस सम्मान के साथ मेरी पहचान में भी एक नया अध्याय जुड़ गया है — अब से आप मुझे डॉ. सुनील यादव एस.एस. बुला सकते हैं। 😁 - @SunilydvSSS

  • 30 мар.7 97221из SunilydvSS

    From dreams and struggles to this proud moment… Honored to receive the Honorary Doctorate at the Mission Vishwa Guru Bharat Conference 2026. Some moments in life cannot be expressed in words… today is one of those moments. Receiving the Honorary Doctorate at the Swami Vivekanand National & International Award Ceremony – Mission Vishwa Guru Bharat Conference 2026 fills my heart with deep gratitude and emotion. This journey was not easy. It was built on dreams, struggles, sacrifices, and the constant support of my family, friends, and mentors who always believed in me even when the path was difficult. With this honor, a new identity has been added to my name — from now on, you can call me Dr. Sunil ydv SS🙈😛 - @SuniydvSSS

  • без подписи

  • 18 окт. 2025 г.19,7 тыс4

    без подписи

  • 18 окт. 2025 г.19,4 тыс3

    без подписи

  • 18 окт. 2025 г.17,8 тыс4

    без подписи

  • 18 окт. 2025 г.20 тыс524из SunilydvSS

    आज धनतेरस पर बहुत सारा धन खर्च करके, सोना तो नहीं लिया… मगर सोने का फ़ोन खुद को गिफ्ट किया क्योंकि खुद को दिया हुआ तोहफा हमेशा खास होता है। 📱 A golden choice for a golden occasion. हैप्पी धनतरेस। Handle - @SunilydvSSS

  • 3 авг. 2025 г.28,8 тыс15627

    *🌧️ “पापा की चप्पल” — एक सच्ची सी कहानी* बरसात का मौसम था। लड़का कॉलेज से घर लौटा — पूरा भीगा हुआ, गुस्से में भरा हुआ। “पापा! कितनी बार कहा था एक छतरी दिला दो, हर बार भीग जाता हूँ!” पापा कुछ नहीं बोले… बस मुस्कराए और बोले, “ठीक है बेटा, कल चलते हैं।” अगले दिन जब लड़का तैयार हो रहा था कॉलेज के लिए, तो बाहर पापा पहले से खड़े थे — नंगे पाँव… हाथ में एक नई छतरी लिए। लड़के ने चौंककर पूछा, “आपकी चप्पल कहाँ है?” पापा बोले, “तू भीगता है तो बुखार हो जाता है… मैं भीगता हूँ तो आदत है।” लड़का कुछ नहीं कह पाया। उस दिन छतरी से ज़्यादा पापा के नंगे पाँव उसे भीगते दिखे। ⸻———————————————— 💔 पिता बहुत कुछ कहे बिना भी सब दे जाते हैं। उनका “ठीक हूँ” अक्सर बहुत कुछ छुपा लेता है। ⸻———————————————— अगर आपने भी कभी पापा के त्याग को देर से समझा हो, तो आज ही उन्हें एक कॉल या एक प्यारा मैसेज कर देना।चाहो तो ये मेसेज भी उन्हें फॉरवर्ड कर सकते हो कभी-कभी उनकी भीगती चप्पलों को थोड़ा ध्यान चाहिए… ❤️ ⸻——————————— अगर ये भी दिल को छू गया हो, तो ❤️ रियेक्ट जरूर करें

  • 3 авг. 2025 г.21,5 тыс15638

    नौकरी लगने के बाद खुल कर जी लूंगा ये ख़ुद को समझाता रहा ज़िम्मेदारियां आती गई और शौक जाता रहा 🌻 ⸻———————————————— कई बार हम सोचते हैं कि एक बार नौकरी लग जाए, सब कुछ आसान हो जाएगा… खुलकर जिएंगे, अपने शौक पूरे करेंगे, दुनिया देखेंगे। लेकिन जैसे ही नौकरी मिलती है, ज़िंदगी हमें एक नई दौड़ में धकेल देती है। ज़िम्मेदारियाँ बढ़ती जाती हैं, और हम अपने ही सपनों को “फिर कभी” कहकर टालते जाते हैं। धीरे-धीरे वो “फिर कभी” कभी आता ही नहीं… और हम खुद को ही भूल जाते हैं। 🌻 लेकिन क्या वाकई ज़िंदगी बस इतना ही है? नहीं… ज़िंदगी का असली मतलब है जिम्मेदारियों के बीच खुद को जिंदा रखना। हर दिन थोड़ी सी जगह अपने लिए भी बनानी होगी — अपने शौक़ों के लिए, अपनी मुस्कान के लिए। 🎯 काम के साथ-साथ खुद से भी वादा करो… कि हर दिन थोड़ा सा वक़्त खुद को दोगे। क्योंकि तुम भी उतने ही ज़रूरी हो, जितनी तुम्हारी ज़िम्मेदारियाँ। क्या आप आज से खुद के लिए 15 मिनट निकालना शुरू करेंगे? 🔥 बिल्कुल! 🤔 सोच रहा हूं… ⸻—————————————————- अगर आपको हमारी पोस्ट अच्छी लगे तो डबल टैप करके ❤️ रियेक्ट जरूर करें और पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें

  • 3 авг. 2025 г.17,1 тыс8824

    दुनिया मेरे बारे में क्या सोचती है, ये Notification मैंने Off कर रखी हैं 🌻 हर जगह अपनी काबिलियत नहीं दिखाई जाती कुत्तो की दौड़ में चीते नहीं दौड़ा करते 🌝 तेरे दुख तेरे ही रहेंगे तू चाहे इसको सुना या उसको सुना 🌻 Agree - ❤️

  • 3 авг. 2025 г.15,6 тыс11513

    औरत कोई शहज़ादा नहीं चाहती, बल्कि ये चाहती है कि मर्द पहले दिन से लेकर आख़िरी दिन तक वैसा ही रहे जैसा वो पहले दिन था 🌺 क्या आप सहमत है ? हाँ - 👍 , नहीं - 🙁

  • 3 авг. 2025 г.16,4 тыс7318

    🌻 सफ़र लंबा होगा… तुम सुंदर से पहले समझदार चुनना अच्छी शक्ल पर नहीं, अच्छे दिल पर भरोसा रखो — क्योंकि चेहरा बदल सकता है, दिल नहीं। लोग बदलते नहीं, बस असली चेहरे सामने आने में वक्त लगता है। Agree-👍

  • 3 авг. 2025 г.16,5 тыс13316

    इंसान की आधी मौत तब ही हो जाती है, जब उसका मनपसंद इंसान बदल जाता है सहमत-😢 असहमत-❤️

  • 3 авг. 2025 г.20,3 тыс14038

    बर्ताव सबके याद है मुझे मुस्कुरा कर मिलने को माफ़ी मत समझना 🌻 कुछ लोग वहां बदल गए, जब मुझे उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी..! बड़े तमाशों में गुजरी है ज़िंदगी हमारी जज़्बात मरते गए, हम पत्थर होते गए 🌻 Double Tap ❤️ IF you Like

  • без подписи

  • 13 дек. 2024 г.38,6 тыс17225

    कड़वा सत्य जब-जब आपके खास लोग दूर होने लगे तो समझ लीजिए उनकी जरूरते पूरी हो चुकी है...

  • 12 дек. 2024 г.34,2 тыс9218

    बहुत मुश्किल है अब बेटों को भी सुरक्षित रख पाना, खतरे से खाली नहीं है, अब बहुओं को घर ले आना। #JusticeForAtul

  • 12 дек. 2024 г.31,3 тыс1479

    तुम किसी का कुछ मत बिगाड़ना मैं तुम्हारा कुछ नही बिगड़ने दूंगा जय सिया राम दोस्तों🙏

  • 12 нояб. 2024 г.39,5 тыс18124

    जानता हूँ थक चुके हो , संभाल लूंगा यक़ीन रखो

  • 7 нояб. 2024 г.37,1 тыс10833

    लोगो को उनकी हरकतों से समझना सीखों आप उनके शब्दों से बेवक़ूफ़ बनना छोड़ दोगे