शाङ्कर किंकर:🌹 SHANKAR KINKAR🌹
Статистикаयहां श्रुति स्मृति पुराण धर्मशास्त्र आदि के महापुरुषों द्वारा किए गए व्याख्यान एवं विचार तथा आगम-निगम से संलग्न प्रवचनादी प्रस्तुत किए जाएंगे Feedback/सुझाव:- @brijesh_vyaas PDF के लिए:- @SHANKAR_KINKAR_PDF चैनल संबंधित बातचीत के लिए:- @S_K_jigyasa
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विद्या तपश्च योनिश्च एतद् ब्राह्मणकारकम् । विद्यातपोभ्यां यो हीनो जातिब्राह्मण एव स:॥ अर्थात- ”विद्या, तप और ब्राह्मण-ब्राह्मणी से जन्म ये तीन बातें जिसमें पाई जायँ वही पक्का ब्राह्मण है, पर जो विद्या तथा तप से शून्य है वह जातिमात्र के लिए ब्राह्मण है, पूज्य नहीं हो सकता” (पतंजलि भाष्य 51-115)।
धनवान लोगों का धन सांसारिक उद्देश्यों पर खर्च होता है। जबकि धन अक्सर उचित कारणों की ओर निर्देशित नहीं होता है, वेद संरक्षण पर धन खर्च करने का मन लाखों लोगों में से कुछ ही लोगों में होता है। ~ श्री महासन्निधानम् 🙌🌹🙌
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क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र के लिए स्वर्ग तक पहुँचने के मार्ग ❣️, - विदुरनीति के अनुसार 🙌🌹🙌
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सभी जातियों/वर्णों में से लोकाचार जानने वाले, सदाचारी, समभाव वाले, धर्मज्ञ, सत्यवादी वृद्ध लोगों को राजसभा का सदस्य बनाएँ। Old persons from ALL CASTES/VARNA, who know social norms & Dharma, are truthful, neutral & of good conduct should be members of King’s council. - Śukranīti 🙌🌹🙌
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क्या दुर्योधन ने कर्ण से मित्रता का प्रस्ताव किया था? नहीं। गुरुकुल में पढ़ते समय ही कर्ण ने दुर्योधन के साथ मित्रता स्थापित कर ली थी। आगे चल कर रंगमंडप में धनुर्विद्या के प्रदर्शन के समय उसने फिर मित्रता का प्रस्ताव रख कर अपने संबंधों को और सुदृढ़ कर लिया। - #महाभारत 🙌🌹🙌
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जब युधिष्ठिर ने भीष्म पितामह से पूछा कि - #क्षत्रिय, #वैश्य या #शूद्र किस उपाय से ब्राह्मण बन सकते हैं? तो पितामह ने उन्हें मतंग की कथा सुनाई। मतंग का जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था और वह ब्राह्मण ही जान जाते थे। एक दिन उन्हें पता चला कि वह ब्राह्मण नहीं, चण्डाल हैं क्योंकि उनकी ब्राह्मणी माता ने चोरी छुपे एक नाई से संबंध करके उन्हें जन्म दिया है। अन्त में इन्द्र के समझाने पर उन्होंने ब्राह्मण बनने की इच्छा छोड़ कर देवता बनना स्वीकार कर लिया। तब से वह स्त्रियों के द्वारा छन्दोदेव के रूप में पूजे जाने लगे। #महाभारत
“यदि कोई व्यक्ति, बिना समझे बूझे, श्रुति या शास्त्रों पर दोष लगाता है, तो उसे ब्रह्मघाती ही समझना चाहिए।” - भीष्म पितामह #महाभारत 🙌🌹🙌
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