🙏SANATAN BHARAT🙏
Статистика🙏🙏दोस्तो आपका बहुत-बहुत स्वागत है मेरे चैनल पर भूली हुई संस्कृति और बिछड़ी हुई परंपरा को समेटने का एक छोटा सा प्रयास कर रहा हूँ🚩 सनातन भारत - धर्म, आध्यात्म, वेद, पुराण और भारतीय संस्कृति से जुड़े सत्य जानिए। Plz join us #Akhand Bharat #Geeta gyaan
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मनुष्य जीवन की सार बात 1. नाम जप ही सबसे बड़ा साधन है “कठिन समय में भी अगर आप भगवान का नाम नहीं छोड़ते, तो वही नाम आपकी रक्षा करता है।” 1. मन को भगवान में लगाओ “मन इधर-उधर भटकेगा, लेकिन उसे बार-बार श्री कृष्ण के चरणों में लगाना ही साधना है।” 1. सच्ची भक्ति में दिखावा नहीं होता “"जहाँ दिखावा है, वहाँ भक्ति नहीं। भक्ति तो हृदय की सच्चाई से होती है।” 1. हर परिस्थिति में भगवान का धन्यवाद करो “सुख हो या दुख—दोनों में ‘धन्यवाद’ कहने वाला ही सच्चा भक्त है।” 1. सेवा से ही कृपा मिलती है “भगवान की कृपा पाने का सबसे सरल मार्ग है—निस्वार्थ सेवा।” 1. अहंकार सबसे बड़ा शत्रु है “जैसे ही अहंकार आया, वैसे ही भगवान दूर हो जाते हैं।” 1. सत्संग का महत्व “अच्छे लोगों और संतों का संग जीवन को बदल देता है।” 1. धैर्य और विश्वास रखो “भगवान सब देख रहे हैं, सही समय पर सब ठीक करेंगे—बस विश्वास रखो।” छोटा सा सार (जीवन मंत्र): नाम जपो, सेवा करो, अहंकार छोड़ो और हर परिस्थिति में भगवान पर विश्वास रखो। आप स्वयं चिंतनकरें निर्णय आपका 🙏🏻 https://t.me/hindu_parampara
श्री हनुमानजी की पूंछ पर लिपटे हुए वस्त्र, घी, तेल आदि में आग लगी हुई है और वे लंका की एक खिड़की के ऊपर बैठ कर मन ही मन प्रभु श्री राम से विनती कर रहे हैं कि हे प्रभु आज्ञा दो जो लीला करनी हो, तभी प्रभु श्री राम की प्रेरणा से सब दिशाओं से एक साथ हवा चलने लगी, तब तुरंत श्री हनुमानजी ने प्रभु का इशारा समझ लिया व जोर से अट्टहास व गर्जना करते हुए ऊपर आकाश में छलांग लगा दी व जलते हुए सब वस्त्रों आदि को हवाओं में ही छोड़ दिया । चूंकि हवा सब तरफ से बह रही थी तो अग्नि तुरन्त हर दिशा में फैलती चली गयी ।।राम राम जी।।
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एक बेटी और एक बेटा होगा तो बेटी भाग जाएगी इस्लाम के जिहादियों के साथ और बेटा नशा करने में है ही बर्बाद इस्लाम के जिहादी बेटे को भी मार के फ़ेक देगा इसलिए संख्या बड़ाओ हिन्दूयों 🙏 जनसंख्या नियंत्रण क़ानून नहीं चाहिए हिन्दू जैन बौद्ध सिख सब संख्या बड़ाओ क्योंकि क़ानून अगर आ गया तो सिर्फ़ हिंदू ही मानेंगे इस्लाम के जिहादी मुसलमान नहीं ,अभी भी बहुत से क़ानून बने पड़े हैं जो सिर्फ़ हिंदू ही मानते हैं जिहादी नहीं, क्योंकि अब सिर्फ़ राष्ट्रधर्म ही नहीं घर परिवार के साथ बहन बेटी को भी बचना है जो की हिन्दू की संख्या बड्ने से ही बच पाएगा हिन्दूयों की नस बंधी बंद करो नहीं तो देश फिर से ग़ुलाम हो जाएगा इस्लामिक जिहादियों का, और सोचो अगर सर्फ़ एक बेटी बेटा रहेगा तो क्या वो राष्ट्रधर्म की रक्षा हेतु कार्य कर पाएगा या घर परिवार देखेगा दोनो कार्य एक साथ नहीं हो सकते और करना चाहा भी तो दोनो कlमो में 100% नहीं दे पाएगा , सोचो जिस तरह से इस्लाम के जिहादियों की संख्या बड़ रही है आने वाले समय में जिहादी ही जाएँगे आर्मी में भी क्योंकि हिन्दूयों का तो सिर्फ़ एक लड़का लड़की होंगी , भारत में हजारों संसाधन है और जिसका जनसंख्या ज्यादा होगा वही उन संसाधनों पर राज करेगा और इस्लाम के जिहादी मुसलमान इसीलिए अपना जनसंख्या तेजी से बढ़ा रहे हैं भारत में और अगर एसा हुआ तो भारत पे फिर से इस्लाम के जिहादियों का इस्लामिक राज होगा देश बनेगा तालिबान और फिर ना कोई मोदी ना योगी ना कोई संगठन काम आएगा॥ जाग जाओ रे हिन्दूयों बड़ाओ अपनी संख्या ॥ जाग जाओ रे हिंदूयों।। 🔴
पांडवों ने पांच गांव मांगा था:उसमे आज इस नाम से पहचानते है * इंद्रप्रस्थ, दिल्ली कहलाता है। * तिलप्रस्थ, फरीदाबाद कहलाता है। * पानप्रस्थ, पानीपत कहलाता है। * सोनप्रस्थ, सोनीपत कहलाता है। * और गजप्रस्थ, गाजियाबाद कहलाता है। और शर्म की बात कि 75 साल के बावजूद भगवान कृष्ण के उन पांच गांव का नाम वापस नहीं हुआ। भगवान कृष्ण की पूजा तो हो रही है, लेकिन आज तक संसद में किसी ने ये नहीं कहा, या विधानसभा में किसी ने ये नहीं कहा कि भगवान कृष्ण जो पांच गांव मांगे थे, उन पांचों गांव का नाम वापस फिर से पौराणिक तरीके से रखा जाए। हम आप बदल भी नहीं सकते, हां जगा सकते हैं। हम आप केवल उनको जगा सकते हैं, उनको बता सकते हैं, भैया बहुत हो गया। ठीक है, बाकी सब काम करते रहो 10%, 15%, 20% जितना लेना है वो सब करो, हमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन थोड़ा काम भी करते रहो यार। और किसी भी पार्टी में हो, काम करो। हम किसी पार्टी की बात नहीं कर रहे, याद रखना। हि.nन्दू का मतलब हि.nन्दू। वो भाजपाई हो वो सपाई हो, वो बसपाई हो, वामपंथी हो, कांग्रेसी हो, कोई हो। अगर वो पार्टी का गुलाम बनके बैठा हुआ है, गुलामी का नाम मिटाने की बात नहीं करता, गुलामी का निशान मिटाने की बात नहीं करता, गुलामी की कुरीतियां खत्म करने की बात नहीं करता, गुलामी की कुप्रथाएं खत्म करने की बात नहीं करता, गुलामी की शिक्षा बदलने की बात नहीं करता, गुलामी की पुलिस व्यवस्था बदलने की बात नहीं करता, गुलामी की न्यायिक व्यवस्था बदलने की बात नहीं करता, गुलामी की टैक्स व्यवस्था बदलने की बात नहीं करता... तो वो हि.nन्दू नहीं है, वो दल-गुलाम पाखंडी है। ऐसे लोगों को हि.न्दू मत कहिए, उनको बाकायदा एक्सपोज करना शुरू करिए। हि.न्दू का मतलब प्रखर होके बोलना, मुखर होके बोलना, सबके सामने बोलना, दल से ऊपर हि.nन्दू होना। जितने आपके भाजपाई सपाई, बसपाई मित्र हैं, गांधीवादी, अंबेडकरवादी, लोहियावादी, पेरियारवादी, वामपंथी... यह पोस्ट उन तक जरूर पहुंचा देना। 🔴
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महाभारत युद्ध से पहले कृष्ण गए थे दुर्योधन के दरबार में, यह प्रस्ताव लेकर, कि हम युद्ध नहीं चाहते तुम पूरा राज्य रखो.... पाँडवों को सिर्फ पाँच गाँव दे दो वे चैन से रह लेंगे, तुम्हें कुछ नहीं कहेंगे ! कृष्ण को पता था कि वह प्रोपोजल एक्सेप्ट नहीं करेगा... उसके मूल चरित्र के विरुद्ध था ! फिर कृष्ण ऐसा प्रोपोजल लेकर गए ही क्यों थे..? वे तो सिर्फ यह सिद्ध करने गए थे कि दुर्योधन कितना कितना अन्यायी था ! वे पाँडवों को सिर्फ यह दिखाने गए थे, कि देख लो बेटा... युद्ध तो तुमको लड़ना ही होगा... हर हाल में... अब भी कोई शंका है तो निकाल दो....मन से...! तुम कितना भी संतोषी हो जाओ, कितना भी चाहो कि "घर में चैन से बैठूँ "... दुर्योधन तुमसे हर हाल में लड़ेगा ही लड़ेगा !! "लड़ना.... या ना लड़ना" - तुम्हारा ऑप्शन है ही नहीं ..." फिर भी बेचारे अर्जुन को आखिर तक शंका रही... "सब अपने ही तो बंधु बांधव हैं...."😞 कृष्ण ने सत्रह अध्याय तक फंडा दिया...फिर भी अर्जुन को शंका थी.. ज्यादा अक्ल वालों को ही ज्यादा शंका होती है ना !!!😄 दुर्योधन को कभी शंका नहीं थी... उसे हमेशां पता था कि "उसे युद्ध करना ही करना है... "उसने गणित लगा रखा था.... हिन्दुओं को भी समझ लेना होगा यह आपका ऑप्शन है ही नहीं ... आपने तो पाँच गाँव का प्रोपोजल भी देकर देख लिया... देश के तीन टुकड़े मंजूर कर लिए, (वहाँ से भी हिंदू खदेड़ा गया अपनी जमीन जायदाद ज्यों की त्यों छोड़कर....) हर बात पर विशेषाधिकार देकर देख लिया.... हज के लिए सबसीडी देकर देख ली, उनके लिए अलग मुस्लिम पर्सनल लॉ बना के देख लिया... उनके लिए अलग नियम कानून (धारा 370 और 35A) बनवा कर देख लिए... "आप चाहे जो कर लीजिए, उनकी माँगें नहीं रुकने वाली" उन्हें "सबसे प्यारी" वही मस्जिदें हैं, जो हजारों साल पुराने "आपके" ऐतिहासिक मंदिरों को तोड़ कर बनी हैं.... उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी उसी आवाज से है जो मंदिरों की घंटियों और पूजा-पंडालों से है... उन्हें समस्या हमारे "अस्तित्व" से है.. तुम जब तक हो, उन्हें कुछ ना कुछ प्रॉब्लम रहेगी... इसलिए हे अर्जुन, और डाउट मत पालो... कृष्ण घंटे भर की क्लास बार-बार नहीं लगाते.. बाढ़ में सेना के जवानों ने जिनकी जानें बचाई वो उन्हीं जवानों को पत्थरों से कुचल डालने पर आमादा हैं.... इसे ही कहते हैं संस्कार..... ये अंतर है धर्म" और मजहब" में..!! सन्देश साफ़ है,,, एक कौम, देश और तमाम दूसरी कौमों के खिलाफ युद्ध छेड़ चुकी है.... अब भी अगर आपको नहीं दिखता है तो... यकीनन आप अंधे हैं ! या फिर शत-प्रतिशत देश के गद्दार..!! हिन्दुओं गहरी नींद से जाग जाओ, नहीं तो सोये सोये ही मारे जाओगे... मैंने तो आपको जगाने का प्रयास करके अपना फर्ज़ पूरा कर दिया, अक्ललेश ममता ,केजरी,खानग्रेस से बचो नही तो ऊपर आपने पढ ही लिया होगा कि आगे क्या होगा। जय श्री राम 🙏🚩 🖋️━━━━✧👁️✧━━━ 🔗 Join :- 👇टेलीग्राम चैनल https://t.me/boost/Sanatanbharat1111
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Jay shri Ram🚩
#पैर_में_काला_धागा – पार्ट 1 कहीं कोई चीज लाँघने या खानेपीने के बाद बिटिया या परिवार में किसी की तबियत खराब रहने लगती है। यह फूँककर,थूककर पढ़ा हुआ टोटका रेस्टोरेंट, ढाबों से लेकर फल, सब्जी वाले तक कर सकते हैं। इलाज शुरु होता है। जाँचों में कुछ नहीं निकलता। सेहत गिरती जाएगी। हारकर किसी की सलाह पर कहीं से पढ़वाया हुआ हम एक काला धागा मरीज के पैर में बाँध देते हैं। सेहत में चमत्कारिक रूप से सुधार दिखाई देगा। परिवार का भरोसा कालेधागे में बढ़ जाएगा। पर परिवार में अन्य दूसरी समस्याएं पैदा होने लगेंगीं।.... आपस में लड़ाई, अविश्वास, चिड़चिड़ापन, कन्फ्यूजन, लैक ऑफ एनर्जी, घाटा आदि होने लगेगा। धागा बँधवानेवाली कन्या या स्त्री का व्यवहार अजीब होता चला जाएगा। यंत्रचालित जैसे कोई और आदेश दे रहा हो, ऐसे काम करने लगेगी। अच्छी खासी सीधी सुशील कन्या या स्त्री बात व्यवहार में अत्यंत अभद्र, निर्लज्ज हो जाएगी। घरवालों की बात ना मानना, घरवालों से झूठ बोलना, लड़ना, अभद्र आचरण करना, जिन हरकतों से माता-पिता के हृदय को कष्ट पहुँचे वे सभी कार्य करना। विवाहित महिलाओं के संदर्भ में अगर काला धागा बाँध रखा है तो पति, बच्चों, गृहस्थी से मन उचट जाएगा। व्यवहार में अश्लीलता का प्रदर्शन करने लगेगी। कुल मिलाकर काले धागे के प्रभाव में आनेवाली कन्याएं / स्त्रियाँ सबकी नजरों में स्वयं को पूरी तरह से गिरा लेंगीं जबकि उन्हें पता तक नहीं चलेगा वे कर क्या रहीं हैं। किसी के समझाने, रोनेधोने का इन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। समाज, परिवार इन स्त्रियों को दोषी, निर्लज्ज, चरित्रहीन समझेगा पर टोने के प्रभाव में रहने तक उन्हें जरा भी पता नहीं चलेगा वे क्या कर रही हैं। और यह सब एकाएक नहीं होगा। शनैः शनैः होगा। यह मात्र 1% लिखा है। स्वानुभूत है। सैकड़ों केसेज में देखा, परखा, ऑब्जर्व किया हुआ है। लक्षण कम ज्यादा हो सकते हैं पर अंत बहुत बहुत बहुत दु:खद ही होगा। अब भी समय है। अपनी बहन, बेटियों, स्त्रियों को बचाइए। जिन भाईबहनों को इस पोस्ट पर विश्वास ना आ रहा हो, कोई बात नहीं। कोई बाध्यता नहीं। जैसे आपको अच्छा लगे कीजिए। आज एक और भयावहतम घटना देखकर आखिर सबके हित की बात कहने से स्वयं को रोक ना सकी। जबकि ओपन पब्लिक प्रोफाइल होते हुए ऐसा करने के क्या परिणाम हो सकते हैं, मैं अच्छी तरह जानती हूँ। आगे और भी है....... (चित्र में कालाधागा पहने हुई 18 वर्षीया हिंदू कन्या का निर्वस्त्र शव है) © Wafah Faraaz का लेख ■ मनोज जैन पंचम जी के कमेंट : 🔶हिंदू लड़कियाँ सतर्क रहें और सावधान रहें, वरना नई मुसीबत के लिए तैयार रहिएगा....!🔶 🤔 #मिशन_काला_धागा..! बहुतों को शायद ये पता न हो कि दरगाहो मे एक बेड़ी बाँधने और काटने की रस्म होती है। दरगाह में जाकर मन्नत माँगने वाली लड़की के पैर मे काले रंग के धागे से बेड़ी बाँध दी जाती है। ये बेड़ी कथित मन्नत के पूरा होने पर दरगाह मे जाकर खादिम से कटवाई जाती है, तब जाकर वो लड़की बेड़ी कटवाकर मुक्त होती है। ये मजारों के खादिमों का नया टंटा है, जिसमे अधिकतर हिन्दू लड़कियाँ दरगाहों पर बेड़ी बँधवा रही हैं। इसकी शुरुआत कलियर शरीफ से हुई थी... यह भोली भाली हिन्दू लड़कियों को फँसाने का टोटका है जो बहुत हद तक कामयाब हो रहा है। आजकल हर छोटी बडी दरगाह मे यही बाँधने -काटने का धंधा चल रहा है। पैर के पास जहाँ पायल या धागा पहनते हैं उस जगह पर मंगल ग्रह का निवास माना जाता है और मंगल ग्रह को काली चीज पसंद नहीं इसलिए काला धागा पैरों में नहीं पहनना चाहिए। इससे अशुभ हो सकता है। परंतु फिर भी कुछ लोग पैरों में काला धागा बाँधने के पीछे अपने अज्ञानता पूर्ण तर्क देते हैं, पुरूष एवं महिला वर्ग के पैर के अंगूठे में धागा बाँधने से उन्हें उनकी गुप्त समस्याओं से छुटकारा मिल जाता हैं परंतु कुछ दिग्भ्रमित लोग धागा अंगूठे के बजाय पैर में भी बाँधने लगे हैं। जय श्री राम!🚩 🙏🏽
🚩 अपनी जड़ों की ओर लौटें: आधुनिक युग में 'सनातन' शक्ति का उदय! 🚩 मेरे युवा साथियों, आज हम जिस भागदौड़ भरी ज़िंदगी में खुद को खो रहे हैं, उसका समाधान आधुनिक तकनीक में नहीं, बल्कि हमारी प्राचीन वैदिक पद्धति और गुरुकुल परंपरा में छिपा है। राष्ट्र प्रेम केवल नारों में नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति को जीने में है। 💡 क्यों ज़रूरी है गुरुकुल शिक्षा और सनातन जीवन शैली? 1️⃣ वैदिक दिनचर्या (Art of Living): 'ब्रह्म मुहूर्त' में जागना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि ऊर्जा का स्रोत है। जब आप सूरज की पहली किरण के साथ तालमेल बिठाते हैं, तो मानसिक तनाव अपने आप खत्म हो जाता है। 2️⃣ गुरुकुल शिक्षा का सार: यहाँ केवल साक्षरता नहीं, बल्कि 'संस्कार' सिखाए जाते हैं। यह आपको केवल नौकरी के लिए नहीं, बल्कि जीवन की हर जंग जीतने के लिए तैयार करती है। अनुशासन, संयम और सेवा ही एक सच्चे राष्ट्रभक्त की पहचान है। 3️⃣ सनातन प्रेम: सनातन धर्म हमें सिखाता है—‘वसुधैव कुटुंबकम्’। अपनी संस्कृति पर गर्व करना सीखें। जब आप अपनी जड़ों से मजबूत होंगे, तभी राष्ट्र एक वटवृक्ष की तरह अडिग खड़ा रहेगा। 4️⃣ जीने की कला: आयुर्वेद, योग और ध्यान—ये हमारे पूर्वजों का दिया हुआ वो विज्ञान है जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है। तो हम क्यों पीछे रहें? 🚀 आज से ही संकल्प लें: ✅ अपनी दिनचर्या में योग और प्राणायाम को जगह दें। ✅ अपनी सांस्कृतिक विरासत के बारे में पढ़ें और उसे दूसरों को बताएं। ✅ स्वदेशी अपनाएं और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। याद रहे, एक सशक्त और स्वाभिमानी युवा ही एक शक्तिशाली राष्ट्र की नींव है। आइए, अपनी वैदिक विरासत को फिर से जीवित करें! 🇮🇳 🚩 गर्व से कहो, हम सनातनी हैं! 🚩 Plz jjoin us👇👇👇https://t.me/Sanatanbharat1111
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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में युवाओं के लिए अध्यात्म (Spirituality) कोई 'पुराना विचार' नहीं, बल्कि एक 'सुपरपावर' है। यह हमें न केवल मानसिक शांति देता है, बल्कि हर तरह के नशे और एडिक्शन (Addiction) से लड़ने की ताकत भी देता है। यहाँ एक प्रभावी सोशल मीडिया पोस्ट का ड्राफ्ट है जो युवाओं को प्रेरित करेगा: कैप्शन: क्या आप अपनी 'Real Power' से मिलना चाहते हैं? 🚀 आज की दुनिया में 'Cool' दिखने की होड़ में हम अक्सर नशे और गलत आदतों के जाल में फंस जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि असली शांति बाहर के धुएं या ड्रिंक्स में नहीं, बल्कि आपके अंदर है? अध्यात्म (Spirituality) आपको एडिक्शन से कैसे बचाता है? ✨ Self-Awareness (आत्म-बोध): जब आप खुद को गहराई से जानते हैं, तो आपको समझ आता है कि आपका शरीर और मन अनमोल है। आप इसे कचरे (नशे) से नहीं भरते। Mental Strength (मानसिक शक्ति): मेडिटेशन और योग आपके 'Will Power' को इतना मजबूत कर देते हैं कि आप किसी भी बुरी लत को "ना" कह सकें। Dopamine Detox (डोपामाइन डिटॉक्स): नशा हमें अस्थायी खुशी देता है, लेकिन अध्यात्म हमें 'आनंद' देता है जो स्थायी होता है। यह आपके दिमाग को बिना किसी बाहरी पदार्थ के खुश रहना सिखाता है। Purpose of Life (जीवन का उद्देश्य): जब जीवन में एक बड़ा लक्ष्य और आध्यात्मिक जुड़ाव होता है, तो बोरियत या तनाव दूर करने के लिए नशे की जरूरत ही नहीं पड़ती। एक बेहतर समाज की शुरुआत 'खुद' से करें! 🤝 नशा मुक्त जीवन ही असली स्वतंत्रता है। आइए, अपनी ऊर्जा को विनाश की ओर नहीं, बल्कि विकास और शांति की ओर मोड़ेंl और मुझ्से नाता जोड़े। 👇👇👇👇👇👇👇 https://t.me/Sanatanbharat1111
यदी अपनी बहन बेटियों कि इन नरपिशाचों के हाथों फाईलें बनते नहीं देखना चाहते...🇵🇰🧟♂️ तो अपनी बहन बेटियों के साथ इन नरपिशाचों के कुकर्मों कि सच्चाई से अवगत कराने के लिए ये फिल्म देखने अवश्य जाऐं...🙏🏻🪷
यह जिस मुस्लिम शख्स को आप देख रहे हैं यह मुंबई के बोरीवली में एक ओवर ब्रिज पर खड़े हो जाता था और पानी की प्लास्टिक की बोतल में पेशाब इकठ्ठा करके नीचे गुजर रहे लोगों पर फेंकता था पकड़े जाने पर बेशर्मी से बोला हमें तो मौलाना साहब ने बोला है काफिरों को नापाक करो मैं वही काम कर रहा हूं अब आप इनकी घटिया सोच देखिए! गंदी कौम के गंदे लोग
Devavrat Mahesh Rekhe ji completed the toughest Vedic Dandakrama in 50 days, proving India’s ancient memory science, discipline and human potential remain unmatched.