VGPT Vikash Sir
СтатистикаI'm the HOD of chemistry department of my institution. I have passed from IIT kharagpur
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*क्या अभी भी दूध पीना चाहिए? चुनाव आपका,मर्जी आपकी!!*
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Akshay Kumar's Favorite Healthy Fruit सभी बड़े हीरो,हीरोइन,खिलाड़ी अपने स्वास्थ्य के बारे मे सोचते हुए सही भोजन का चुनाव करते है... लेकिन आप कब अपने सही आहार सही भोजन को चुनोगे.... लौट आओ प्रकृति की और ईश्वर और परमात्मा के बनाये हुए आहार se जुड़े... रोगी से निरोगी बने... 🙏🙏
हमारे बच्चों को लगातार बाजार के चिप्स और जूस का सेवन कराने से खाने की भूख की क्रैविंग हमेशा बनी रहती है जो हमारे ब्रेन के सिग्नल को हमेशा स्विच ऑन रखती है.....कृप्या कर के बच्चों को ऐसे बाजार के प्रोडक्ट और जहरयुक्त भोजन से दूर रखे.... बच्चों को समझाये और उन्हें प्यार से बात करें... उन्हें सही मार्गदर्शन कराये... बच्चों को भोजन बदलने से अच्छा है की पहले माता - पिता खुद अपनी भोजन बदले... क्यूंकि जब आप सही दिशा मे चलेंगे तभी बच्चे भी आप के बताये सही मार्ग पे चलेंगे...
https://youtu.be/pK3_0BhANmY?si=N3FxKhgaE1HZSrgP
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https://youtu.be/eYF32jtAxqQ?si=cGLvgriUuJjmoFXn
सैल्यूट है ईन भाई साहब को जिनसे जीवन की कई कड़वी सचाई बया की है *ध्यान से पूरा जरुर सुनिए* ये बिनय जी है। आर्ट ऑफ लिविंग बैंगलोर का फार्म परमाकल्चर विधि से ये ही चलाते है। पत्थरों में सब्जियां उगा दी इन्होंने । बहुत ही प्रभावशाली व्यक्तित्व है।
सभी को नमस्ते आप सभी से एक आग्रह है ये हमारी एक student है आरती कौशल, उनके एक relative है जिनकी दो किडनी लगभग खराब हो चुकी है, उनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब है इस महिला के पति का भी बहुत पहले देहांत हो चुका है इनकी संतान के रुप में एक बारह साल की बेटी है,उनके पहले ही ईलाज के दौरान 10 लाख खर्च हो चुका है आगे का ईलाज कराने में सक्षम नहीं है। अतः आप सभी यथासंभव मदद करें ताकि ये पुनः स्वस्थ हो सके। धन्यवाद 🙏
केवल लिवर प्रत्यारोपण ही मेरे रिश्तेदार की जान बचा सकता है। कृपया मदद करे! मेरा नाम आरती कौशल है और मैं अपनी रिश्तेदार मंजू देवी के लिए फंड जुटा रही हूं । वह किडनी फेल्योर से पीड़ित हैं। डॉक्टर ने मुझे सूचित किया है कि गुर्दे की बीमारी से उबरने के लिए उसे तत्काल डायलिसिस की जरूरत है। उसके इलाज की लागत 5 लाख रुपये है, जो हमारे भुगतान करने की क्षमता से परे है क्योंकि मैं एक श्रमिक वर्ग के परिवार से हूं। अब तक हम 10 लाख रुपये खर्च करने में सफल रहे हैं। यह मदद के लिए एक बेताब दलील है। *Donation Link :* https://www.impactguru.com/fundraiser/please-contribute-to-manju-devi - Bank Name: RBL Bank - Account number : 2223330029263286 - Account name : Manju Devi - IFSC code : RATN0VAAPIS (The digit after N is Zero) *For UPI Transaction:* assist.manju89@icici
*कैंसर और ग्वारपाठा* *ग्वारपाठा अर्थात घीकुआंर को अंग्रेजी में एलोवेरा कहा जाता है। यह अनगिनत रोगों का शमन करने में सक्षम है। इसमें विभिन्न प्रकार के खनिज लवण-कैल्शियम, पोटैशियम एवं एमिनो एसिड आदि काफी मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा कॉपर, मैग्नेशियम, आयरन, फॉस्फोरस, सोडियम, मैग्नीज तथा अन्य तत्व भी थोड़ी-थोड़ी मात्रा में उपस्थित होते हैं।* *कैंसर रोग में रामबाण है ग्वारपाठे का सेवन ग्वारपाठा सूजन, ज्वर, एलर्जी एवं विषाणुओं को नष्ट करने में कारगर है। ग्वारपाठे द्वारा विभिन्न प्रकार के कैंसरों का भी शमन किया जा सकता है। यह अर्बुद, कैंसर की गांठ, रसौली, स्तन कैंसर, गले का कैंसर, थाइरॉइड ग्रंथि का कैंसर, यकृत कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर तथा प्रोस्टेट ग्रंथि का कैंसर आदि रोगों में लाभदायक होता है। इस अध्याय में हम ग्वारपाठे द्वारा मात्र कैंसर से संबंधित रोगों के निवारण पर प्रकाश डाल रहे हैं।* *→काली तुलसी की 21 पत्तियां पीसकर 100 ग्राम ग्वारपाठे में मिलाकर प्रतिदिन शौचादि से निवृत्त होकर नियमित रूप से सेवन करें। इससे सभी प्रकार के कैंसर का नियंत्रण होता है और धीरे-धीरे रोग ठीक हो जाता है। → गाजर एवं नींबू के रस के साथ ग्वारपाठे का सेवन करने से कैंसर रोग की तीव्रता में काफी कमी आ जाती है।* *→ लहसुन का रस 4 चम्मच और ग्वारपाठे का गूदा 50 ग्राम- दोनों का सेवन प्रतिदिन करने से कैंसर रोग पर नियंत्रण होने लगता है। → हल्दी और ग्वारपाठा—दोनों की जड़ को पीसकर स्तनों पर लैप लगाने से स्तनों का कैंसर ठीक हो जाता है।* *→ नीम की निंबौली का तेल 10 ग्राम और ग्वारपाठे का ताजा रस 50 ग्राम-दोनों को मिलाकर प्रतिदिन सेवन करने से शरीर में सभी प्रकार के अर्बुद (गांठ) का नाश हो जाता है।* *→ कड़वी तोरई का रस और ग्वारपाठे का गूदा- दोनों को मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से कैंसर की उग्रता एवं दर्द में लाभ होता है। → 125 ग्राम कुचला चूर्ण और 50 ग्राम ग्वारपाठे का रस दोनों को मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से कैंसर रोग की रोकथाम होती है। → खरबूजे का रस और ग्वारपाठे का सेवन नियमित रूप से 1 माह तक करने से कैंसर रोग की उग्रता कम हो जाती है।* *→ मुलहठी, असगंध और छोटी पीपल-तीनों का समभाग चूर्ण बना। लें। फिर 1-1 चम्मच चूर्ण का सेवन ग्वारपाठा के 100 ग्राम ताजे रस के साथ रोजाना सुबह-शाम करें। गले के कैंसर में लाभ होगा।* *फूली फिटकरी के ½ चम्मच चूर्ण का सेवन ग्वारपाठा के रस के साथ करने से गले एवं थाइरॉइड ग्रंथि का कैंसर ठीक हो जाता है।* *केले की जड़ का रस 4 चम्मच और हल्दी का चूर्ण 1 चम्मच-दोनों वस्तुओं का सेवन ग्वारपाठा के रस के साथ करें। गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर एवं डिंब ग्रंथि के कैंसर में बहुत लाभ होगा।* *→देवदार, मुलहठी, कलिहारी की जड़, तेजपत्ता, मूली, गाजर और मेथी के बीज - इन सबका समभाग चूर्ण बना लें। फिर 1-1 चम्मच चूर्ण का सेवन ग्वारपाठा के 10 ग्राम गूदे के साथ प्रतिदिन सुबह-शाम करें। इससे गर्भाशय का अर्बुद ठीक हो जाएगा।* *पपीते के बीजों को सुखाकर बारीक चूर्ण बना लें। फिर 1 बड़ा चम्मच चूर्ण का सेवन 20 मि.ली. ग्वारपाठा के रस के साथ खाली पेट करें। यकृत की सूजन, कैंसर एवं सिरोसिस 1 माह में ठीक हो जाएगा।* *नौसादर ग्राम आंवले का रस 4 चम्मच और ग्वारपाठे का रस 4 चम्मच-तीनों को मिलाकर सेवन करने से यकृत का कैंसर ठीक होते देखा गया है। यह सिरोसिस में भी लाभदायक होता है।* *→त्रिफला, सोंठ, काली मिर्च, पीपल, सहिजन की छाल, दारूहल्दी, कुटकी, गिलोय एवं पुनर्नवा - इन सबका समभाग चूर्ण बनाकर रख लें। फिर 1 चम्मच चूर्ण को 20 मि.ली. ग्वारपाठा के गूदे के साथ लेने से पाचन तंत्र के कैंसर की गांठों में बहुत लाभ होता है। में → तुलसी की पत्तियां 20 ग्राम, अजवायन 20 ग्राम, सेंधा नमक 10* *ग्राम और ग्वारपाठे का गूदा 100 ग्राम- इन सबको पीसकर प्रतिदिन खाली पेट खाएं। प्रोस्टेट ग्रंथि के कैंसर तथा मूत्र ग्रंथि के अबुर्द में लाभ होगा। ग्वारपाठा के 100 ग्राम गूदे को गरम करके पुनर्नवा की जड़ के 1 चम्मच चूर्ण में मिलाकर खाएं। शरीर के किसी भी भाग में मौजूद कैंसर की गांठों में रक्त शुद्धि होकर वह ठीक हो जाएगा।* *→ यदि नित्य सुबह-शाम बिना कुछ खाए-पिए ग्वारपाठा के 10 ग्राम गूदे का सेवन किया जाए तो सभी कैंसरों से बचाव होता है।*
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