आनपान-सति ध्यान साधना
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📝 Research Paper : Effects of Ānāpāna Meditation on The Sustained Attention Span of Students 🧘♂️ 👥 Researcher : Ashwini Londhe, Dr. Sudhir Deshpande, Dr. Venkat Giri Pusuluri 🌐 Language: English 📊 Description: A scientific research paper published in The International Journal of Indian Psychology exploring the cognitive benefits of Ānāpāna Meditation on middle school students. ✨ This research demonstrates that practicing Ānāpāna meditation for just 10 minutes daily significantly improves sustained attention and focus in children. Conducted over a six-month period, the study shows measurable cognitive enhancements and increased attention spans in meditating students compared to non-meditators. It scientifically validates the ancient technique of natural breath observation as a powerful, non-pharmaceutical tool for developing concentration, working memory, and emotional regulation. 🪷🪷🪷 📲 Dhamma Library Telegram Group Link 🔗 https://t.me/Dhammabook
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🔵 किरण बेदी - विपश्यना के बारे में बातचीत @ Ladakh 🪷🪷🪷 Vipassana Video Library Telegram Group Link https://t.me/VipassanaDhamm
📺 URJA | Full Episode - 03 👤 गुरुजी: सत्य नारायण गोयनका जी 📌 मुख्य विषय: 🔸 धर्म का अर्थ: धर्म किसी संप्रदाय या विशेषण (जैसे हिंदू, बौद्ध, मुस्लिम) का मोहताज नहीं है; धर्म सार्वभौमिक और स्वतंत्र होता है। 🔸 धर्म का सार: चित्त की शुद्धता, सदाचरण, शांति और सुख ही धर्म का वास्तविक सार है, न कि ऊपरी संप्रदाय के छिलके। 🔸 मधुर वाणी का महत्व: अहंकार त्यागकर मीठे और शीतल वचन बोलने से स्वयं को भी शांति मिलती है और सुनने वाला भी प्रेरित होता है। ❓ Q&A: विभिन्न संप्रदायों और धर्मों के बीच का अंतर क्या है, और धर्म के वास्तविक स्वरूप को कैसे समझा जाए? ✨ इस विषय पर गुरुजी का पूरा मार्गदर्शन सुनने और गहराई से समझने के लिए पूरा वीडियो अवश्य देखें: 🔗 https://youtu.be/e9OPwtlG9v8 📲 आनापानसति टेलीग्राम ग्रुप लिंक 👇 🔗 https://t.me/anapansati 📲 व्हाट्सएप चैनल लिंक 👇 🔗 https://whatsapp.com/channel/0029Vaw8yrILI8YRSWZqDo1x
🎥 A Teenager Shares Their Vipassana Meditation Experience.... Telegram Group Link https://t.me/anapansati 🪷🪷🪷
📺 URJA Full Episode - 02 👤 गुरुजी: सत्य नारायण गोयनका जी 📌 मुख्य विषय: 🔸 इच्छा (आकांक्षा) और तृष्णा के बीच का गहरा अंतर 🔸 प्राकृतिक आवश्यकताओं (जैसे भूख-प्यास) की पूर्ति और तृष्णा का पागलपन 🔸 अनासक्ति (बिना आसक्ति के जीना) और जीवन में संवेदनशीलता ❓ Q&A: क्या बिना आसक्ति के जीने से जीवन में रूखापन आ जाता है? एक गृहस्थ के लिए अनासक्त जीवन कैसे संभव है? ✨ इस विषय पर गुरुजी का पूरा मार्गदर्शन सुनने और गहराई से समझने के लिए पूरा वीडियो अवश्य देखें: 🔗 https://youtu.be/J0SjIYVUIBs?si=5P4PNzNLBteHIyHu 🪷🪷🪷 📲 आनापान सति ध्यान टेलीग्राम ग्रुप लिंक 🔗 https://t.me/anapansati 📲 आनापान ध्यान व्हाट्सएप ग्रुप लिंक 🔗 https://whatsapp.com/channel/0029Vaw8yrILI8YRSWZqDo1x
📺 ऊर्जा (Urja) - एपिसोड 01 👤 गुरुजी: सत्य नारायण गोयनका जी 📌 मुख्य विषय: 🔸 भय और तनाव के मुख्य कारण 🔸 मनुष्य में असुरक्षा की भावना और उसका प्रभाव 🔸 बेबुनियाद (निराधार) भय और उससे मुक्ति 🔸 चिंता और चिंतन में अंतर: जिम्मेदारी निभाना 🔸 मनुष्य जीवन की श्रेष्ठता: धर्म और अनुभूति का महत्व 🔸 आहार, निद्रा, भय और मैथुन - मनुष्य और पशु में अंतर ❓ Q&A: क्या मान्यताएं, ताबीज या केवल प्रार्थनाएं हमें भय से मुक्त कर सकती हैं? ✨ इस विषय पर गुरुजी का पूरा मार्गदर्शन सुनने और गहराई से समझने के लिए पूरा वीडियो अवश्य देखें: 👇 🔗 https://youtu.be/Wynxgqpqn94 आनापान ध्यान के लिए नीचे दिए गए ग्रुप से जुड़ सकते हैं टेलीग्राम ग्रुप लिंक https://t.me/anapansati व्हाट्सएप ग्रुप लिंक https://chat.whatsapp.com/K1JYxOeysUEAnlnLt0zR6q व्हाट्सएप चैनल लिंक https://whatsapp.com/channel/0029Vaw8yrILI8YRSWZqDo1x 🍁 मंगल मैत्री 🍁
🍁 महत्वपूर्ण जानकारी 🍁 8 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे और जिन्होंने विपश्यना का 10 दिवसीय शिविर नहीं किया है वे रेगुलर ऑनलाइन आनापान ध्यान सत्र से जुड़ने के लिए और जानकारी प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए लिंक द्वारा ग्रुप ज्वाइन कर सकते हैं इस ग्रुप में रोजाना सुबह-शाम 10 मिनट के आना-पान के सत्र ऑनलाइन आयोजित किए जाते हैं और रविवार को 1 घंटे का सत्र ऑनलाइन आयोजित किया जाता है 👇 https://chat.whatsapp.com/K1JYxOeysUEAnlnLt0zR6q सभी साधकों से अनुरोध है कि अपने 8 वर्ष से अधिक के बच्चों को आनापान ध्यान से जोड़ें और जिन लोगों ने 10 दिवसीय शिविर अभी तक नहीं किया है उन लोगों को भी यह आनापान सत्र कराया जा सकता है तो इसे अधिक से अधिक शेयर करें उन लोगों तक जिन्हें इसकी आवश्यकता है। 🍁 मंगल मैत्री🍁
🍁 *Vipassana साधकों के लिए आमंत्रण*🍁 प्रिय धम्म मित्रों, 😊 अब WhatsApp के अलावा अब जुड़िए एक *स्वदेशी और सुरक्षित प्लेटफ़ॉर्म* — 🇮🇳 *Arattai App* 🇮🇳 पर। 🌸 यह ऐप पूरी तरह *भारतीय* है ✨ *आइए, मिलकर Vipassana समुदाय को Arattai पर भी जोड़ें!* 🪷 *Arattai App play store se डाउनलोड करें:* 👉 https://chat.arattai.in/app/download 🪷 App download करके *Vipassana Meditation Group से जुड़ें:* 👉 https://aratt.ai/@vipassana_dhyan 📲 *स्वदेशी अपनाओ* आइए, अपने ही देश की ऐप इस्तेमाल करें और *धम्म संदेश को और आगे बढ़ाएँ!* 🇮🇳 🙏🌼 *मंगल मैत्री* 🌼🙏
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🟡🟡🟡 🌷 आना पान साधना से क्या लाभ है? (What are the advantages of anapana meditation for Children? ) उत्तर- सबसे बड़ा लाभ तो यह है की जीवन में जब कभी कोई कठिनाई आए, फट सांस पर काम करना शुरू कर दें। इससे तुरंत लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। 1) परीक्षा के समय लोग नर्वस(चिंतित) हो जाते हैं और याद की हुई बातें भूल जाते हैं। प्रश्न पत्र( question paper) खोलने से पूर्व यदि 2-3 मिनिट तक सांस को जानने का काम कर लिया जाय तो सारी व्याकुलता दूर हो जाती है और याद की हुई बातें स्मृति(memory) पर उभर आती हैं। इससे परीक्षा में निश्चित(definite) सफलता मिलती है। 2) किसी सार्वजनिक सभा (public meeting) में बोलने से पहले यदि 1-2 मिनिट तक साँस को जानते रहें तो मन अत्यंत स्थिर हो जाता है और बिना किसी घबराहट के धारा प्रवाह बोल सकते हैं। 3) कभी मन भटक रहा हो, बैचैन हो तो आना पान पर काम करने से मन का भटकाव और बेचैनी दूर हो जाती है। 4) वर्तमान में जीने का अभ्यास दृढ (firm) होने लगता है। बिना किसी प्रयोजन के भूतकाल में लोट प्लोट(wandering unnecessarily in past and future) लगाना अथवा भविष्य की चिंता करते रहना हमें दुखी ही बनाते हैं। 5) दिवास्वप्नो( day dreams) जिसमे मानस की बहुत सी शक्ति व्यर्थ चली जाती है, से छुटकारा हो जाता है। 6) यदि किसी से खटपट(dispute) हो जाए और क्रोध उभरने लगे तो देखेंगे की साँस तेज हो गया। इस तेज साँस को देखने लगेंगे तो देखते देखते गुस्सा शांत हो जाएगा। 7) छोटी उम्र में बच्चों को धूम्रपान(smoking) या अन्य किसी प्रकार का व्यसन लग जाए तो यदि वह इनकी तलब( craving) लगने पर थोड़ी देर आना पान का काम करे तो इन व्यसनों की पकड़ ढीली पड़ने लगती है। 🌹गुरूजी- जो बच्चों के कोर्स हैं इन्हे बढ़ावा देने की बहुत ही आवश्यकता है।अगली पीढ़ी इस देश की भी व इस विशव की भी एक ऐसी मानवता को तैयार करे जो सारे संसार में सुख शांति का वातावरण तैयार कर सके।इस छोटी उम्र में ही धर्म का बीज पड़ सके इस और प्रयत्नशील होना चाहिये। 🍁 यह धर्म का जीवन जीने का बीज जितनी जल्दी पड़ जाए उतना ही जीवन अधिक सुखी होगा। इससे मन को वश में करने की विद्या मिलती है, जो जीवन में बहुत काम आएगी। बच्चों के लिए शील सदाचार का जीवन जीना आसान हो जायेगा। 🌷 सांस सांस को जानना, यह ही आनापान। जितना जाने सांस को, हो उतना कल्याण। आते जाते सांस पर, पहरा लगे कठोर। मन भटके तो मोड़ लें, पुनः सांस की ओर। इस पावन अभ्यास से, चित्त सुधरता जाय। एक एक कर पाप की, परत उतरती जाय। -------------- 💐 प्रश्न--कभी कभी शिक्षक होने के नाते राग को बढ़ाना पड़ता है और द्वेष को भी। क्रोध भी करना पड़ता है। उत्तर--उन्ही के कल्याण के लिये क्रोध आया।हम तो सिखा रहे हैं एक अच्छी बात और वह बच्चा सीख ही नही रहा है। हमें क्रोध आया, दो चांटे भी लगाए-ठीक रास्ते चलो। यह रास्ता अच्छा है। लेकिन अगर विपश्यना नही कर रहे हो तो देखोगे की यह करते हुए हमने जो क्रोध जगाया तो अपने आप को दुखी बनाया, और उस क्रोध के साथ जो वाणी हमने कही-- भले ही न्यायिकरण(justify) तो करते हैं की हम ऐसा नही कहते तो वह समझता ही नही। लेकिन उस वाणी के साथ जो तरंगे गयी वे तरंगे उसे कहीं भी समझने लायक नही बनाएंगी। वह और भी ज्यादा व्याकुल होकर गलत रास्ते जाएगा। 🌷तो क्या करें ? जब क्रोध करना हो-- हम इसे क्रोध नही कहते, माने जब कठोरता का व्यवहार करना हो; क्योंकि उस बच्चे को मृदु भाषा बहुत कह कर देख चुके, कुछ भी असर नही होता उसपर। कठोरता की ही भाषा समझता है, तो पहले अपने भीतर देखेंगे-- अंदर समता है ना ! क्रोध तो नही जाग रहा है ना। और इसी बच्चे के प्रति करुणा जाग रही है ना। और कोई भाषा समझता ही नही है यह, तो बड़ी कठोरता से व्यवहार करेंगे। भीतर तो करुणा ही करुणा है। यह अंतर आएगा। 🍁कठोरता की जगह कटुता आ जाती है तो वह अपने लिये भी हानिकारक है, औरो के लिये भी हानिकारक होती है। यह इस विद्या से सीखेंगे। संवेदना जाग रही है। हमको कुछ करना है, तो भीतर क्या संवेदना है, और उस संवेदना से हम नही प्रभावित होते। हम तो समता में हैं, और यह समझ रहे हैं कि इस व्यक्ति के साथ कठोरता का व्यवहार करना है। 🟠🟠🟠
https://youtu.be/X5dYjLZ2V60?si=7knhGw3SaooOK1E_
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👆बच्चा ध्यान करते हुए सो जाता है तो क्या करें
8 साल से अधिक उम्र के बच्चे या जिन्होंने विपश्यना का शिविर नहीं किया है वे आनापान ध्यान की जानकारी और अपडेट के लिए व्हाट्सएप चैनल ज्वाइन कर सकते हैं Follow the आनापान सति ध्यान साधना channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Vaw8yrILI8YRSWZqDo1x
🟢 20 मिनिट के आनापान साधना पर पूजनीय गुरुजी के निर्देश।
🟢 👆 10 मिनट आनापान ध्यान + 2 मिनट मंगल मैत्री By Guruji S N Goenka
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