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में भारतीय सेवाओं के लिए 137 उप-क्षेत्रों में व्यापक बाजार पहुंच प्रदान की है। इनमें आईटी/आईटीईएस, बिजनेस सर्विसेज, प्रोफेशनल सर्विसेज, वित्तीय सेवाएं, दूरसंचार और शिक्षा सेवाएं प्रमुख हैं। यह हरियाणा के गुरुग्राम सहित प्रमुख आईटी एवं सेवा केंद्रों के लिए विशेष महत्व रखता है। सॉफ्टवेयर, डिजिटल सेवाओं, बीपीओ, प्रबंधन परामर्श, वित्तीय सेवाओं, इंजीनियरिंग डिजाइन और तकनीकी परामर्श जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय कारोबार बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। कुशल पेशेवरों के लिए भी खुलेंगे नए अवसर इस समझौते के तहत भारतीय पेशेवरों के लिए यूके में सेवाएं प्रदान करने के संबंध में प्रवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाने और विभिन्न श्रेणियों में सुविधा देने का प्रावधान है। आर्किटेक्ट, इंजीनियर, शेफ, योग प्रशिक्षक और संगीतकारों सहित विभिन्न पेशेवरों के लिए अवसर बढ़ेंगे। इसके साथ ही भारतीय पेशेवरों और उनके नियोक्ताओं के लिए यूके में तीन वर्ष तक सामाजिक सुरक्षा योगदान से छूट का प्रावधान भी प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रदान करता है। हरियाणा के लिए सीईटीए का व्यापक प्रभाव भारत-यूनाइटेड किंगडम के बीच हुआ यह समझौता हरियाणा के लिए केवल निर्यात बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि उत्पादन, निवेश, रोजगार, एमएसएमई विकास और वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में राज्य की भागीदारी बढ़ाने का अवसर है। इस समझौते के साथ भारत के अन्य नए व्यापार समझौतों से भी भारतीय निर्यातकों के लिए विभिन्न वैश्विक बाजारों में पहुंच का विस्तार हो रहा है। ऐसे में हरियाणा के उद्योगों के सामने अब अपने उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, अंतरराष्ट्रीय मानकों और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और मजबूत करते हुए वैश्विक बाजार में विस्तार करने का व्यापक अवसर है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत-यूनाइटेड किंगडम व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता हरियाणा को ग्लोबल मार्केट” से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे राज्य के उद्योग, किसान, कारीगर, एमएसएमई, स्टार्टअप और सेवा क्षेत्र वैश्विक बाजार में अपनी उपस्थिति को और मजबूत कर सकेंगे तथा निर्यात आधारित विकास और रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी।
भारत-यूनाइटेड किंगडम के बीच हुए आर्थिक एवं व्यापार समझौते से हरियाणा के उद्योगों और सेवा क्षेत्र के लिए खुलेंगे वैश्विक बाजार के नए द्वार: मुख्यमंत्री चंडीगढ़, 18 अगस्त : भारत-यूनाइटेड किंगडम व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) हरियाणा के उद्योगों, एमएसएमई, किसानों, निर्यातकों तथा सेवा क्षेत्र के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार के नए अवसर लेकर आया है। 15 जुलाई, 2026 से लागू इस समझौते के तहत भारत के लगभग 99 प्रतिशत निर्यात को यूके के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच प्राप्त हुई है, जो लगभग 100 प्रतिशत व्यापार मूल्य को कवर करती है। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दुनिया के बड़े व प्रभावशाली देशों के साथ व्यापार संबंध मजबूत बनाए जा रहे हैं। भारत व यूके के बीच हुआ समझौता (सीईटीए) भी प्रधानमंत्री की उसी सोच का परिणाम है जो व्यापार के क्षेत्र में भारत की अंतर्राष्ट्रीय छलांग साबित होगा। इससे देश के सभी राज्यों, विशेषकर हरियाणा के उद्योगों को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच हुए इस समझौते के लागू होने से हरियाणा जैसे मजबूत विनिर्माण, कृषि, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल और सेवा क्षेत्र वाले राज्य को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। समझौते के माध्यम से हरियाणा के उत्पादों को यूके के बड़े बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धात्मक कीमत पर पहुंचाने का अवसर मिलेगा तथा राज्य के निर्यातकों को वैश्विक मूल्य शृंखलाओं से जुड़ने में मदद मिलेगी। हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बड़ा अवसर मुख्यमंत्री ने बताया कि समझौते के तहत जिन प्रमुख क्षेत्रों को लाभ मिलने की संभावना है, उनमें टेक्सटाइल एवं परिधान, चमड़ा एवं फुटवियर, रत्न एवं आभूषण, रसायन, इंजीनियरिंग उत्पाद, ऑटो-पार्ट्स, मशीनरी, फार्मास्यूटिकल्स, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, हस्तशिल्प एवं सिरेमिक उत्पाद प्रमुख हैं। इस समझौते से पहले इन उत्पादों पर 4 से 70 प्रतिशत तक शुल्क लगता था। अब इन क्षेत्रों के उत्पादों को यूके में शून्य शुल्क पहुंच मिलने से उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी जिसका सीधा लाभ हरियाणा को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में पानीपत का टेक्सटाइल एवं होम फर्निशिंग उद्योग, गुरुग्राम-मानेसर का ऑटोमोबाइल एवं ऑटो-पार्ट्स उद्योग, फरीदाबाद का इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण क्षेत्र तथा राज्य के विभिन्न जिलों में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। इंजीनियरिंग और ऑटो-पार्ट्स क्षेत्र को मिलेगी नई बढ़त उन्होंने बताया कि हरियाणा के लिए इंजीनियरिंग उत्पाद और ऑटो-पार्ट्स विशेष महत्व रखते हैं। समझौते के तहत इन क्षेत्रों को यूके के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलने से हरियाणा के निर्माताओं और एमएसएमई की अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत होगी। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण 15 जुलाई, 2026 को देखने को मिला, जब समझौते के लागू होने के बाद हरियाणा से यूके के लिए फास्टनर्स की पहली निर्यात खेप रवाना हुई। इसे हरियाणा के विनिर्माण एवं निर्यात क्षेत्र के लिए एक नए अवसर की शुरुआत के रूप में देखा गया। टेक्सटाइल और श्रम-प्रधान उद्योगों को बढ़ावा श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि हरियाणा के टेक्सटाइल, परिधान, होम फर्निशिंग तथा अन्य श्रम-प्रधान उद्योग बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराते हैं। भारत-यूनाइटेड किंगडम व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते के तहत इन उत्पादों को यूके के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलने से निर्यात ऑर्डर बढ़ने, उत्पादन क्षमता के विस्तार और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावनाएं बढ़ी हैं। इससे विशेष रूप से एमएसएमई, कारीगरों, महिला उद्यमियों और छोटे निर्यातकों को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में नए बाजार उभरेंगे उन्होंने बताया कि हरियाणा की मजबूत कृषि अर्थव्यवस्था को देखते हुए भारत-यूनाइटेड किंगडम व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते के तहत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए यूके का बाजार महत्वपूर्ण अवसर बनकर उभरा है। यूके ने इस समझौते के तहत लगभग सभी भारतीय कृषि निर्यातों के लिए शुल्क-मुक्त बाजार उपलब्ध कराया है, जबकि कुछ संवेदनशील उत्पादों को अपवाद के रूप में रखा गया है। इससे हरियाणा में फल-सब्जियों, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, मसालों, अनाज से जुड़े मूल्यवर्धित उत्पादों तथा अन्य कृषि-आधारित उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे किसानों के साथ-साथ एफपीओ, कृषि-प्रसंस्करण इकाइयों और एमएसएमई को भी लाभ पहुंचने की संभावना है। आईटी और सेवा क्षेत्र के लिए भी व्यापक संभावनाएं यह समझौता केवल वस्तुओं के निर्यात तक सीमित नहीं है बल्कि इसने यूके
से युक्त केंद्र विकसित करने की दिशा में कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। इस केंद्र का उद्देश्य नशे से प्रभावित व्यक्तियों को उपचार उपलब्ध कराने के साथ उन्हें दोबारा सामान्य सामाजिक जीवन से जोड़ना होगा। यह सोच बदलाव का संकेत है, नशे से प्रभावित व्यक्ति को केवल समस्या के रूप में नहीं, बल्कि उपचार और अवसर के हकदार व्यक्ति के रूप में देखने की। *योजनाओं से आगे, लाभार्थी तक पहुंचने की चुनौती:* किसी भी सरकार के लिए सबसे बड़ी सफलता केवल योजना घोषित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उसका लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इसी अंतिम छोर पर विशेष जोर दे रहे हैं। पात्र लाभार्थियों का आंकड़ा जुटाना, बैंक खातों का सत्यापन, आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना और जन-जागरूकता बढ़ाना इसी दिशा में उठाए जा रहे कदम हैं। *सरकार का प्रयास है कि सरकारी योजना और लाभार्थी के बीच की दूरी लगातार कम हो*: नायब सिंह सैनी का चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री निवास पर देर रात तक आमजन से मिलने का दृश्य और दूसरी ओर प्रदेशभर में लागू की जा रही जनकल्याणकारी योजनाएं, दोनों को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। एक ओर मुख्यमंत्री सीधे लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं, तो दूसरी ओर सरकार उन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए नीतियां और योजनाएं तैयार कर रही है। महिलाओं को आर्थिक सहारा, वरिष्ठ नागरिकों को घर पर देखभाल, युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और नशे से प्रभावित लोगों को पुनर्वास का अवसर, इन पहलों में एक साझा सूत्र दिखाई देता है, सरकार का फोकस केवल सहायता देने पर नहीं, बल्कि लोगों को सम्मानजनक और बेहतर जीवन देने पर है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का विजन भी इसी व्यापक सोच से जुड़ा है। उनका लक्ष्य वर्ष 2047 के विकसित भारत के संकल्प के साथ हरियाणा को भी एक विकसित और सशक्त राज्य के रूप में आगे ले जाना है और इस यात्रा में विकास का अर्थ केवल सड़क, भवन और उद्योग तक नहीं, बल्कि ऐसा समाज भी है जहां महिला आर्थिक रूप से मजबूत हो, बुजुर्ग सम्मान के साथ जीवन जी सके और नशे से प्रभावित युवा को वापस मुख्यधारा में लौटने का अवसर मिले। यही वह बदलाव है, जहां सरकारी घोषणा कागज से निकलकर किसी परिवार की जिंदगी में उम्मीद बनती है और जनकल्याण, वास्तव में जन के जीवन का कल्याण बनता है।
जब मुख्यमंत्री के दरवाजे पर पहुंचती है उम्मीद, तो सरकार की योजनाओं को मिलती है नई रफ्तार चंडीगढ़, 18 अगस्त: रात का वक्त है, मुख्यमंत्री निवास संत कबीर कुटीर पर नायब सिंह सैनी के सामने हाथों में कागज लिए लोग अपनी समस्याएं और उम्मीदें लेकर खड़े हैं। किसी को अपनी बेटी के भविष्य की चिंता है, कोई परिवार की आर्थिक परेशानी लेकर आया है, तो कोई सरकारी योजना का लाभ मिलने की आस लगाए है। समय आगे बढ़ता जाता है, लेकिन मुलाकातों का सिलसिला थमता नहीं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एक-एक कर लोगों से मिलते हैं। चेहरे पर सहज मुस्कान, सामने खड़े व्यक्ति की बात ध्यान से सुनना और समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों को तत्काल निर्देश देना, यह दृश्य अब हरियाणा में मुख्यमंत्री और आमजन के बीच सीधे संवाद की पहचान बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री और आमजन के बीच का यह सीधा संवाद सरकार की जनकल्याणकारी सोच को योजनाओं की जमीन से जोड़ रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण को केवल बजट घोषणाओं तक सीमित रखने के बजाय उन्हें पात्र लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव का माध्यम बनाने पर जोर दिया है। महिलाओं से लेकर वरिष्ठ नागरिकों और नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों तक, सरकार की कई पहलें इसी सोच को आगे बढ़ा रही हैं। *एक योजना, लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा:* हरियाणा की महिलाओं के लिए दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बनकर सामने आई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने योजना का दायरा बढ़ाते हुए पात्रता के लिए वार्षिक आय सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये करने की घोषणा की है। यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आय सीमा बढ़ने से बड़ी संख्या में अतिरिक्त महिलाएं योजना के दायरे में आ सकेंगी। योजना के तहत वर्तमान में लगभग 10 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 2,100 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। सरकार के लिए अब केवल सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि कोई पात्र महिला जानकारी, दस्तावेज या आवेदन प्रक्रिया की जटिलता के कारण लाभ से वंचित न रह जाए। इसी उद्देश्य से पात्र महिलाओं का आंकड़ा जुटाने, बैंक खातों का सत्यापन, आवेदन व्यवस्था में जरूरी बदलाव और व्यापक जन-जागरूकता अभियान की कार्ययोजना तैयार की गई है। इस पहल के पीछे संदेश साफ है, महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल योजनाओं में नाम जोड़ना नहीं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक निर्णय लेने में अधिक सक्षम बनाना है। साथ ही मुख्यमंत्री ने यह कहकर विपक्ष के दुष्प्रचार पर रोक लगाई है कि दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ ले रही किसी माता-बहन या बेटी को अन्य किसी भी योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा। *बुजुर्गों के लिए सरकार अब घर तक पहुंचाएगी देखभाल:* मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने समाज की सबसे अनुभवी पीढ़ी के लिए भी नई सोच के साथ कदम बढ़ाया है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर पर देखभाल और प्राथमिक चिकित्सा सहायता की व्यवस्था को मजबूत करने की पहल करते हुए प्रदेश में 1,000 देखभाल सहायक (केयर गिवर्स) तैयार किए जाएंगे। यह पहल उस बदलती सामाजिक परिस्थिति का जवाब है, जहां कई वरिष्ठ नागरिकों को घर पर ही नियमित देखभाल और सहयोग की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही प्रदेश में वरिष्ठ नागरिक कल्याण क्लब स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। उद्देश्य केवल स्वास्थ्य संबंधी सहायता देना नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक जुड़ाव, सम्मान और सुरक्षा का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट है, वरिष्ठ नागरिक समाज पर बोझ नहीं, बल्कि अनुभव और संस्कारों की अमूल्य धरोहर हैं। *देखभाल करने वाले हाथ किए जाएंगे प्रशिक्षित:* वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल की इस नई व्यवस्था को मजबूत आधार देने के लिए विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय और ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय को प्रशिक्षण संस्थानों के रूप में चिन्हित किया गया है। इन संस्थानों में दो चरणों में 500-500 प्रशिक्षुओं को तैयार करने की योजना बनाई गई है। प्रशिक्षण में युवाओं और महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। यानी एक पहल से दो उद्देश्य पूरे करने की कोशिश है, वरिष्ठ नागरिकों को प्रशिक्षित देखभालकर्ता उपलब्ध कराना और युवाओं तथा महिलाओं के लिए नए कौशल एवं रोजगार के अवसर पैदा करना। *नशे के खिलाफ लड़ाई अब उपचार से पुनर्वास तक:* नशे की समस्या से प्रभावित लोगों के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केवल कार्रवाई और रोकथाम तक सीमित रहने के बजाय उपचार, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन के नए आयाम तक पहुंचाने की पहल की है। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के माध्यम से नशामुक्ति के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की घोषणा की है। इसके लिए कुरुक्षेत्र में स्थल का निरीक्षण किया जा चुका है और आधुनिक सुविधाओं
परिवार में प्रॉपर्टी ट्रांसफर पर स्टैंप ड्यूटी में छूट में बेटी के बच्चे भी शामिल हैं - डॉ. सुमिता मिश्रा चंडीगढ़, 18 अगस्त — प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने वाले परिवारों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। हरियाणा सरकार ने स्पष्ट किया है कि परिवार के भीतर अचल संपत्ति के जीवनकाल में ट्रांसफर पर मिलने वाली पूरी स्टैंप ड्यूटी छूट में बेटी के बच्चे (दोहता-दोहती / नाती-नातिन) भी शामिल हैं। राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार ने 2014 के नोटिफिकेशन के हिंदी-वर्शन में लंबे समय से चली आ रही भाषा संबंधी अस्पष्टता को दूर करने के लिए एक औपचारिक सुधार जारी किया है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि 16 जून 2014 को हरियाणा सरकार ने इंडियन स्टैंप एक्ट, 1899 की धारा 9 के तहत, मालिक के जीवनकाल में खून के रिश्तों (जैसे माता-पिता, बच्चे, पोते-पोतियां, भाई-बहन और जीवनसाथी) के पक्ष में किए गए प्रॉपर्टी ट्रांसफर डीड पर 100% स्टैंप ड्यूटी माफ कर दी थी। हालांकि, जहां मूल अंग्रेजी टेक्स्ट में व्यापक रूप से "grandchildren" (पोते-पोतियां/नाती-नातिन) शब्द का इस्तेमाल किया गया था, वहीं हिंदी नोटिफिकेशन में केवल "पौत्र-पौत्री" (बेटे के बच्चे) का ही जिक्र था। इस शब्दावली के कारण स्थानीय सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में भ्रम पैदा हो गया, जिससे अक्सर बेटी के बच्चे जीरो-ड्यूटी के लाभ से वंचित रह जाते थे। इस समस्या को हल करने के लिए, राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग ने 24 जुलाई 2026 को एक सुधार जारी किया, जिसे 13 अगस्त 2026 को हरियाणा सरकार के गजट में औपचारिक रूप से प्रकाशित किया गया। संशोधित सुधार में "पौत्र-पौत्री" वाक्यांश को बदलकर "पौत्र-पौत्री, दौहता-दोहती/नाती-नातिन" कर दिया गया है। इससे स्टैंप ड्यूटी छूट के लिए बेटी के बेटे-बेटियों को स्पष्ट रूप से बेटे के बच्चों के बराबर का दर्जा दिया गया है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि मूल 2014 के आदेश में सुधार के तौर पर यह स्पष्टीकरण जारी करने से राज्य के सभी राजस्व और रजिस्ट्री ऑफिस में पिछली तारीख से कानूनी स्पष्टता सुनिश्चित होती है। इससे नागरिक बिना किसी अनावश्यक टैक्स विवाद या प्रक्रियात्मक देरी के आसानी से अपनी बेटी के बच्चों को प्रॉपर्टी गिफ्ट या ट्रांसफर कर सकेंगे।
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प्रदेश की 10 लाख एकड़ भूमि सुधार हेतू जिप्सम खरीद को स्वीकृति: मुख्यमंत्री चण्डीगढ, 18 अगस्त : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के किसानों की 10 लाख एकड़ भूमि को सुधारने के लिए लगभग 15.63 करोड़ रुपए की लागत से 25 हजार टन जिप्सम की खरीद की जाएगी ताकि किसानों को पर्याप्त मात्रा में जिप्सम उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी चंडीगढ़ में हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री विपुल गोयल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। कैथल में बनेगा 21680 एमटी का गोदाम तथा क्वालिटी कंट्रोल लेब मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा भूमि सुधार निगम के माध्यम से किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर भूमि सुधार के लिए जिप्सम उपलब्ध करवाया जाता है। उन्होंने कहा कि जिप्सम उच्च गुणवतायुक्त सुलभ करवाया जाए ताकि भूमि में जल्द सुधार कर उसे अधिक उपजाऊ बनाया जा सके। इसके अलावा कैथल के हैफेड कॉम्पलेक्स में 9.80 करोड़ रुपए की लागत से 21680 एमटी का गोदाम बनाने तथा क्वालिटी कंट्रोल लेब बनाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई। पानीपत के 9 गांवों में 75.50 करोड़ रुपए की पेयजल योजनाएं स्वीकृत मुख्यमंत्री ने पानीपत जिले के भैंसवाल, कुतानी, राजाखेड़ी, निम्बरी, उग्रखेड़ी, रिसालु, नांगलखेड़ी, काबरी, गढी, सिकन्दरपुर सहित 9 गांवों में महाग्राम योजना के तहत 75.50 करोड़ रुपए की लागत से पेयजल योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की। इसी प्रकार गोहाना शहर के शनि मंदिर, एमपीएस गुढा क्षेत्र में सीवरेज लाईन भी 16.30 करोड़ रुपए की लागत से मंजूर की गई। श्री नायब सिंह सैनी ने पिंजौर कालका सेक्टर 27 में न्यायिक परिसर का निर्माण करने की स्वीकृति प्रदान की। इस पर 22.70 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसी प्रकार अम्बाला शहर में लघु सचिवालय के प्रशासनिक ब्लॉक के तृतीय चरण का कार्य 34 करोड़ रुपए की लागत से करने की मंजूरी दी गई। सफीदों में बनेगा राजकीय नर्सिंग कॉलेज मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कार्य निश्चित अवधि से कम समय में पूरा किया जाएगा, सरकार की योजना अनुसार उसे प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने अम्बाला कैंट में बैंक स्कवेयर भवन फेज 1 का निर्माण कार्य 52 करोड़ रुपए की लागत से तैयार करने की स्वीकृति प्रदान की। इसके अलावा राजकीय नर्सिंग कॉलेज सफीदों का भी निर्माण 37.49 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा। पंचकूला व फतेहाबाद में बनेंगी जिला जेल मुख्यमंत्री ने इण्डस्ट्रीयल एरिया फेज 1 पंचकूला में सड़कों को अपग्रेड एवं मजबूत बनाने के लिए 16.80 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की। पंचकूला के गांव जलोली में जिला जेल का निर्माण लगभग 40 करोड़ रुपए की लागत किया जाएगा। इसके अलावा कुण्डली मानेसर सड़क सेक्शन मार्ग की 65.66 करोड़ रुपए लागत से लगभग 83 किलोमीटर मार्ग की मुरम्मत एवं रखरखाव किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने फतेहाबाद में जिला जेल बनाने की भी स्वीकृति प्रदान की। इस पर 37 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसी प्रकार जुलाना शहर में वाटर सप्लाई कार्य पर 21.17 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि नारनौल के होस्पीटल को अप्रगेड कर 100 से 200 बेड का बनाया जाएगा। इस पर 26.30 करोेड़ रुपए की लागत आएगी। यमुनानगर में 16.89 करोड़ रुपए की लागत से 50 बेड का आयुष हस्पताल का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र सहारनपुर स्टेट हाईवे के कार्य की मंजूरी प्रदान की। लगभग 10 मीटर चौड़ी सड़क पर 26.90 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस सड़क मार्ग को फोन लेन बनाने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। इसके बाद कुरुक्षेत्र सहारनपुर सड़क मार्ग को फोरलेन बनाया जाएगा। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, सुधीर राजपाल, ए के सिंह, विजयेंद्र कुमाऱ, अनुराग अग्रवाल, जीएमडीए के मुख्य सलाहाकार डी एस ढेसी, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, महानिदेशक यश गर्ग सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
हरियाणा को अग्रणी विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए औद्योगिक परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतार रही सरकार : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी चंडीगढ़, 17 अगस्त: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को देश का अग्रणी विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए प्रमुख औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतार रही है। मुख्यमंत्री सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट की शीर्ष मॉनिटरिंग अथॉरिटी की तृतीय बैठक में शामिल हुए। इस दौरान औद्योगिक एवं विनिर्माण परियोजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने की। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल तथा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में जुड़े। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में हरियाणा के नांगल चौधरी की इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब (IMLH) और हिसार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) सहित प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में भूमि स्वीकृति, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और सरकार का लक्ष्य इन्हें जल्द धरातल पर उतारना है। श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा शुरू की गई भव्या योजना के तहत हरियाणा के अंबाला में 108 एकड़ भूमि पर एक औद्योगिक पार्क विकसित करने का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नांगल चौधरी में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब के प्रथम चरण से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। शीघ्र ही भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी कर फेज वन के कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा, जिसके बाद सेकेंड फेज का काम भी शुरू किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि 23 अगस्त को वे स्वयं मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब का दौरा करेंगे और रेल को हरी झंडी दिखाएंगे। सीडब्लयूसी आईएमएलएच के रेल यार्ड का संचालन करेगा। इसके साथ ही अन्य कार्य को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया को गति दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने हिसार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि फेज वन के आधारभूत ढांचे के लिए लगभग 707 करोड़ रुपये की ईपीसी परियोजना के लिए बोलियां प्राप्त हो चुकी हैं और उनका मूल्यांकन किया जा रहा है। ईपीसी एजेंसी की नियुक्ति जल्द की जाएगी। साथ ही, मास्टर प्लान की अधिसूचना की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है और इसे 31 अगस्त, 2026 तक अधिसूचित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि फेज वन में नहर डायवर्जन के निर्माण कार्य को अवार्ड किया जा चुका है। वहीं, ढंढूर जंक्शन पर प्रस्तावित डबल लूप इंटरचेंज का कार्य एनएचएआई द्वारा ईपीसी मोड पर अवार्ड किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के लिए ईपीसी एजेंसी की नियुक्ति, मास्टर प्लान की अधिसूचना और बाहरी संपर्क मार्गों से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। इसके अलावा, हरियाणा में प्रस्तावित अन्य इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स के लिए भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में 10 आईएमटी के लिए भी जमीन एक्वायर की जा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में औद्योगिक आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश में बड़े पैमाने पर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और हरियाणा को देश के प्रमुख विनिर्माण एवं लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में और मजबूत पहचान मिलेगी। बैठक में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने भी इन परियोजनाओं बारे अपने सुझाव दिए। इस दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, नागरिक उड्डयन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल भी मौजूद थे।
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हरियाणा सरकार का बिजली सुधारीकरण पर विशेष जोर, हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में 26161 ट्रांसफामर्स की खरीद को स्वीकृति चंडीगढ़, 17 अगस्त: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हरियाणा निवास में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी (एचपीपीसी) की बैठक में प्रदेश की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने हेतु बिजली निगमों के लिए 26161 ट्रांसफार्मर्स की खरीद को हरी झंडी दी गई। इसके साथ ही प्रदेश में कार्यरत लाइनमैन व सहायक लाइनमैनों की सुरक्षा के लिए 5000 से 7500 की संख्या में टी एंड पी किट की खरीद को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री विपुल गोयल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इस दौरान हाई पावर्ड वर्क्स परचेज कमेटी द्वारा विभिन्न बिजलीघरों में जीआईएस-बे के निर्माण कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से नैगोशिएशन करते हुए ट्रांसफार्मर्स व सुरक्षा किट की खरीद तथा जीआईएस-बे के निर्माण कार्य के लिए फर्मों के साथ निर्धारित से भी कम दरों पर सहमति कायम की। एचपीपीसी की बैठक में डीएचबीवीएन के लिए थ्री-फेस के 11केवी/433-250वी, 400 केवीए के 100 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर्स, एचवीपीएनएल के लिए 40/50 एमवीए, 132/33 केवी के 28 पावर ट्रांसफामर्स, 25/33.5 एमवीए, 66/11 केवी के 33 पावर ट्रांसफामर्स तथा यूएचबीवीएनएल के लिए 100 केवीए के 26000 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफामर्स की खरीद को हरी झंडी दी गई। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम व उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम में कार्यरत लाइनमैन व सहायक लाइनमैन की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा पहली बार 5000 से 7500 की संख्या में विशेष टी एंड पी किट खरीदी जाएंगी जिसमें 14 आइटम होंगे। इनके अलावा हाई पावर्ड वर्क्स परचेज कमेटी द्वारा विभिन्न बिजलीघरों में 81 करोड़ रुपये की लागत से जीआईएस-बे का निर्माण कार्य करवाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की ओर विशेष ध्यान दे रही है। सरकार का प्रयास है कि जहां जरूरत हों वहां पर्याप्त संख्या में ट्रांसफामर्स उपलब्ध करवाए जाएं और एमरजेंसी के लिए भी सभी बिजली निगमों के पास पर्याप्त बैकअप मौजूद हो। उन्होंने कहा कि बिजली निगमों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा भी सरकार की प्राथमिकता है। इसी के मद्देनजर आज हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में प्रदेश के लिए ट्रांसफामर्स तथा सुरक्षा किट को प्राथमिकता के आधार पर हरी झंडी दी गई है। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार, ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशीमा बराड़, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लि. के प्रबंध निदेशक तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया तथा ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव श्री विक्रम सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।
हरियाणा के औद्योगिक प्रतिष्ठानों में प्रतिदिन होगा 5 मिनट का योग ब्रेक चंडीगढ़, 17 अगस्त : हरियाणा सरकार ने प्रदेश के प्रत्येक औद्योगिक प्रतिष्ठान में प्रतिदिन पांच मिनट का ‘वाई-ब्रेक’ (कार्यस्थल पर योग ब्रेक) सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध पहल शुरू की है। इसके तहत प्रत्येक औद्योगिक इकाई में योग शिविर एवं प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे तथा एक माह के भीतर प्रत्येक 50 कर्मचारियों पर कम से कम एक कर्मचारी को प्रशिक्षित किया जाएगा, जो कार्यस्थल पर योग सत्रों का संचालन करेगा। यह जानकारी आयुष विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने दी। शिफ्ट में संचालित होने वाली औद्योगिक इकाइयों में प्रत्येक कार्यरत शिफ्ट में 50 कर्मचारियों के समूह पर कम से कम एक प्रशिक्षित कर्मचारी की व्यवस्था की जाएगी। इससे अलग-अलग शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी कार्यस्थल पर योग की सुविधा सुनिश्चित हो सकेगी। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा के अनुरूप शुरू किया गया है, जिसमें हरियाणा के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए प्रतिदिन पांच मिनट के ‘वाई-ब्रेक’ का प्रावधान किया गया था। आयुष विभाग ने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को पत्र लिखकर हरियाणा के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं औद्योगिक संघों तक इस एडवाइजरी को पहुंचाने तथा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार इसे समयबद्ध ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। डॉ. मिश्रा ने बताया कि प्रत्येक जिले में जिला उद्योग केंद्र (GM-DIC) के महाप्रबंधक, जिला आयुर्वेद अधिकारी के साथ समन्वय कर योग शिविरों और प्रशिक्षण सत्रों का कार्यक्रम तैयार करेंगे। इस समन्वित प्रयास के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिले की प्रत्येक औद्योगिक इकाई को इस कार्यक्रम का लाभ मिले। योग सहायकों के मार्गदर्शन में एक माह के भीतर प्रत्येक औद्योगिक इकाई द्वारा एक या दो कर्मचारियों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे प्रत्येक 50 कर्मचारियों पर कम से कम एक प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक उपलब्ध होगा, जो अपने कार्यस्थल पर ‘वाई-ब्रेक’ सत्रों का संचालन करेगा। एडवाइजरी के तहत उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों से भी स्वेच्छा से कार्य अवधि के दौरान पांच मिनट का ‘वाई-ब्रेक’ अपनाने और उसका अभ्यास करने का आग्रह किया गया है। इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना तथा अधिक स्वस्थ, उत्पादक और तनावमुक्त कार्य वातावरण तैयार करना है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि ‘वाई-ब्रेक’ प्रोटोकॉल वैज्ञानिक रूप से तैयार की गई एक सरल दिनचर्या है, जिसमें आसान योगासन, प्राणायाम और ध्यान की तकनीकें शामिल हैं। इसका अभ्यास कार्यस्थल पर बिना किसी विशेष उपकरण या बुनियादी ढांचे के किया जा सकता है। आयुष मंत्रालय द्वारा तैयार यह प्रोटोकॉल कर्मचारियों को तनावमुक्त करने, ऊर्जा पुनः प्राप्त करने और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करने के साथ-साथ कार्यस्थल की दक्षता, उत्पादकता और समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। आधिकारिक ऐप और वीडियो का किया जाएगा उपयोग एडवाइजरी में कर्मचारियों के लिए आयुष मंत्रालय के ‘वाई-ब्रेक’ प्रोटोकॉल को सुलभ बनाने तथा उन्हें निर्धारित क्रम के अनुसार इसका अभ्यास करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया है। कर्मचारियों को निर्देशित अभ्यास के लिए आधिकारिक ‘वाई-ब्रेक’ मोबाइल एप्लिकेशन और प्रशिक्षण वीडियो का उपयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। ‘वाई-ब्रेक’ पुस्तिका और वीडियो सहित संदर्भ सामग्री आयुष मंत्रालय/MDNIY के ‘वाई-ब्रेक’ संसाधनों के माध्यम से उपलब्ध है। एडवाइजरी में नियमित योग के स्वास्थ्य लाभों को लेकर जागरूकता अभियान चलाने तथा कर्मचारियों को अपनी दैनिक दिनचर्या में ‘वाई-ब्रेक’ को शामिल करने के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया गया है। इसमें कर्मचारियों की भागीदारी स्वैच्छिक रहेगी। औद्योगिक इकाइयों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि पांच मिनट के योग सत्र सुरक्षित तरीके से आयोजित हों और उनके सामान्य कामकाज में किसी प्रकार का व्यवधान न आए। डॉ. मिश्रा ने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री की वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा के अनुपालन में शुरू की गई है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को इस कार्यक्रम को पूरे हरियाणा के औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं औद्योगिक संघों तक पहुंचाने तथा निर्धारित SOP के अनुसार इसका समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
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राम नाम मनुष्य को कठिन परिस्थितियों में भी सही मार्ग चुनने की शक्ति देता है : मुख्यमंत्री चंडीगढ़ , 16 अगस्त : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राम नाम का सिमरन मन को स्थिर करता है, विवेक को जागृत करता है और मनुष्य को कठिन परिस्थितियों में भी सही मार्ग चुनने की शक्ति देता है। श्री सैनी आज पंजाब के अमृतसर के रामपुरा स्थित सुलहाकुल मंदिर में आयोजित सत्संग के दौरान साध संगत को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बाबा अवतार सिंह महाराज से आशीर्वाद लिया। मंदिर प्रबंधन की ओर से बाबा अवतार सिंह महाराज ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने पंजाब के युवाओं से आह्वान किया कि अपने जीवन को नशे के हाथों न सौंपें। माता-पिता के सपनों को अपना संकल्प बनाइए। खेलिए, पढ़िए, कौशल सीखिए, परिश्रम कीजिए और हर दिन कुछ समय ईश्वर-स्मरण के लिए निकालिए। उन्होंने गुरु नगरी अमृतसर की धरा को पवित्र ,त्याग, तपस्या, भक्ति, वीरता और मानव सेवा की धरा बताते हुए कहा कि भारत सदियों से आध्यात्मिक प्रकाश से पूरी दुनिया को आलोकित करता आ रहा है। भारत मानवता की वह आवाज है जो सदियों से पूरी दुनिया को कहती आई है-प्रेम से रहो, मिलकर चलो और प्रत्येक जीव में परमात्मा को देखो। इसी महान भारतीय परंपरा को सुलाहकुल मिशन पिछले लगभग दो सौ वर्षों से आगे बढ़ा रहा है। श्री नायब सिंह सैनी ने परम पूज्य संत श्री साहिब दयाल जी द्वारा शुरू किये गए इस आध्यात्मिक मिशन द्वारा मानवता के लिए निरंतर हो रहे कार्यों की सराहना की और कहा कि हमारे संतों की विशेषता यह है कि वे अपने जीवन से उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। संत श्री अवतार सिंह जी महाराज का जीवन भी इसी सत्य का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में भी इस मिशन ने जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाई। ये सभी कार्य बताते हैं कि सच्ची सेवा समाज की जरूरतों से कभी अलग नहीं होती। मुख्यमंत्री श्री सैनी ने नशा के फैलते जाल पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि आज हमारे समाज के सामने नशा एक गंभीर चुनौती है। नशा केवल एक युवा के शरीर को नहीं, बल्कि पूरे परिवार के सपनों को तोड़ देता है। मुझे इस बात की खुशी है कि महाराज जी युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए 40 गांवों के स्वास्थ्य क्लबों को कबड्डी और वॉलीबॉल प्रतियोगिताएं आयोजित करने में सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में आज देश विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत का सपना तब साकार होगा, जब विकास के साथ संस्कार हों, समृद्धि के साथ संवेदना हो, शक्ति के साथ संयम हो और प्रगति के साथ प्रकृति तथा परमात्मा का स्मरण हो। उन्होंने लोगों से देश के विकास में प्रधानमंत्री श्री मोदी का साथ देने की अपील की।
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मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया चंडीगढ़, 16 अगस्त -हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर रविवार को चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय वाजपेयी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और देश के प्रति उनके अतुलनीय योगदान को याद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अटल जी का राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण, विचारों में दृढ़ता और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के प्रति उनकी निष्ठा ने उन्हें भारतीय राजनीति का एक ऐसा युगपुरुष बनाया, जिनकी स्मृति सदैव देशवासियों के मन में जीवंत रहेगी। उन्होंने कहा कि अटल जी के विचार, दूरदर्शी नेतृत्व और उच्च आदर्श राष्ट्र सेवा के पथ पर हम सभी को निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करते रहेंगे।
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