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@his_inq
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1 रुपी का सिक्का। इस सिक्के को देख तो मुझे पहले चार आना ( 25 पैसे का सिक्का , चवन्नी ) की याद आ गईं, वो भी इतना छोटा सिक्का था। भारत में 25 पैसे का सिक्का अब चलन में नहीं है। भारत सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक ( RBI )ने 30 जून , 2011 से 25 पैसे और उससे कम मूल्य के सभी छोटे सिक्कों को आधिकारिक रूप से बंद (विमुद्रीकृत) कर दिया था। अब ये कानूनी वैध मुद्रा (लीगल टेंडर) नहीं रहे। @his_inq
एक क्वेशन हर बार पक्का है। @his_inq
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सती प्रथा के साक्ष्य। चीरवा का शिलालेख। @his_inq
UGC NET परीक्षा PAPER 1 IMP प्रश्न। @his_inq
exam में एक क्वेश्चन पक्का है। @his_inq
बागोर मध्य पाषाण काल का क्षेत्र है। • यहाँ से वृत्ताकार झोपड़ियो के साक्ष्य मिले है। • बूचड़खाने के साक्ष्य मिले है। • यहाँ से एक मानव कंकाल मिला है जिसके गले में पत्थर व हड्डियों से निर्मित 36 गुरियों का हार पाया गया है। • एक मानव कंकाल (सिर पूर्व में) ओर मिला है जिसके ग्रीवा कशेरूक में एक मुस्लिम काल का सिक्का चिपका मिला है। • फर्श बनाने के लिए पत्थर का प्रयोग करते थे व फूंस से वातरोधी पर्दे बनाते थे। • बागोर भारत का सबसे विस्तृत पाषाण स्थल है। @his_inq
जोधपुर शासको की उपाधियां .. 1.उदय सिंह.... (मोटा राजा)=अकबर 2. सूर सिंह.... (सवाई)=अकबर 3. गजसिंह.. दलथम्भन= जहांगीर 4. जसवंत सिंह... महाराज=शांहजहां अक्सर पूछे गए प्रश्न। @his_inq
चौथ से प्राप्त आय का वितरण 🔸मोकासा - यह मराठा सरदारों को घुड़सवार के रखरखाव के लिए दिया जाता था जो नगद के स्थान पर जागीर के रूप में आमंत्रित किया जाता था यह कुल प्राप्त चौथ का 66% होता था 🔸 नाडगुंडा -यह सचिव को दिया जाता था जो 3% होता था 🔸 सहोत्र- यह 6% होता था 🔸 बबती- यह 25% होता था जो राजा की इच्छा के अनुसार खर्च किया जाता था ये फैक्ट काफी बार पुछा जाता है विशेषकर मोकासा से संबंधित। @his_inq
ग्रुप के सभी सदस्यों को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं।💐🎊👏
भारत टैक्सी :- शुरुआत - 25 जुलाई 2026 शुभारंभ - सीएम भजनलाल शर्मा, HCM रीपा संस्थान जयपुर से • भारत टैक्सी देश की पहली सहकारिता आधारित कैब सेवा है, जिसमें ड्राइवर (सारथी) ही इसके मालिक और हिस्सेदार होंगे। @his_inq
4. मेजिनी @his_inq
परीक्षा सुधार के लिए नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में बनेगी हाई पावर समिति -- समिति में शामिल सदस्य – 1. नंदन नीलेकणी 2. एस. सोमनाथ 3. तपन डेका 4. वी कामकोटी 5. अनीता करवाल 6. अमृतलाल मीणा @his_inq
उत्तर -- 1 बलिया बहुत बार परीक्षाओं में पूछा गया हैं। @his_inq
जॉन सुर्मन @his_inq
" शक्ति के विरुद्ध अधिकार कि इस लड़ाई में मैं विश्व की सहानुभूति चाहता हूं " यह कथन गांधी जी का सविनय अवज्ञा आंदोलन से संबंधित था। दांडी मार्च के समय महात्मा गांधी ने कहा था कि" मै ब्रिटिश साम्राज्य के नाश के लिए ही पैदा हुआ हूं मैं कौवे की मौत मरु या साधारण मौत ,लेकिन अंग्रेजो को देश से निकालकर रहूंगा, इस दौरान अमेरिकी पत्रकार वेब मिलर भी उपस्थित था , जिन्होंने अपने अखबार न्यू फ्रीमैन में लिखा की "संवाददाता के रूप में पिछले 18 वर्ष में असंख्य नागरिक विद्रोह देखें लेकिन धरसाना जैसा विद्रोह मैंने अपने जीवन में कभी नहीं देखा"। सुभाष चंद्र बोस ने इस यात्रा की तुलना मुसोलिनी के रोम मार्च और नेपोलियन के एल्बा से पेरिस पेरिस मार्च से की। सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान सीमांत गांधी के नाम से मशहूर खान अब्दुल गफ्फार खान ने लाल कुर्ती आंदोलन जिसे खुदाई खिदमतगार कहा जाता हैं। वही जंदोनाग की मृत्यु के बाद ( मणिपुर) रानी गैडिनल्यु ने, तंजौर में राजगोपालाचारी, कै केलपण्ण ने कालीकट से पेन्नार का नेतृत्व किया गांधी इरविन पैक्ट जिसके तहत यह आंदोलन स्थगित कर दिया गया और गांधीजी द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने के लिए सहमत हो जाते हैं यह समझौता सर तेज बहादुर एव एस जयकर के प्रयासों से हुआ था। सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान यदुनाग के नेतृत्व में पूर्वी भारत में जियातरंग आंदोलन चला था बाद मे यदुनाग पर हत्या का अभियोग लगाकर फांसी दे दी गई बाद में इस आंदोलन का नेतृत्व रानी गैडिनल्यु के द्वारा किया गया था इसे 17 अप्रैल 1933 को गिरफ्तार किया जो देश कि आजादी के पश्चात भी जेल में रही थी इसे जवाहरलाल नेहरू ने रानी की उपाधि दी थी।
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दहशाला व्यवस्था - 🔹इस व्यवस्था को अकबर ने अपने शासन के 24 वे वर्ष यानी 1580 में लागू किया था। 🔹टोडरमल को इस प्रणाली का वास्तविक परिणीता माना जाता है लेकिन इसे लागू करने का श्रेय शाह मसूर को दिया जाता है। 🔹दस्तूर - पैदावार के आधार पर जमीनों की देय भू राजस्व को हलके में बांट लिया जाता था। 🔹जिसं ए कामिल - पिछले 10 वर्षों में बोये गए क्षेत्र फसलों और पैदावार की कीमतों का पता लगाया जाता था और उसमें 10 का भाग दिया जाता था। 🔹दस्तूर उल अमल- भू राजस्व संबंधी नियमों की पूरी श्रृंखला को दस्तूर अल अमल कहा गया। 🔹अकबर ने टोडरमल के लिए दीवाने अशरफ का प्रयोग किया जो दीवान से ऊपर का तथा वकील से नीचे का पद होता था। @his_inq