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आपका काव्यरंज एक नए अवतार में.. ♡ ㅤ ❍ㅤ ⎙ ⌲ ˡᶦᵏᵉ ᶜᵒᵐᵐᵉⁿᵗ ˢᵃᵛᵉ ˢʰᵃʳᵉ
इबादतों की तरह मैं ये काम करता हूँ, मेरा उसूल है, पहले सलाम करता हूँ! मुख़ालिफ़त से मेरी शख़्सियत सँवरती है, मैं दुश्मनों का बड़ा एहतराम करता हूँ! मैं अपनी जेब में अपना पता नहीं रखता, सफ़र में सिर्फ यही एहतमाम करता हूँ! मैं डर गया हूँ बहुत सायादार पेड़ों से, ज़रा सी धूप बिछाकर क़याम करता हूँ! मुझे ख़ुदा ने ग़ज़ल का दयार बख़्शा है, ये सल्तनत मैं मोहब्बत के नाम करता हूँ! ~ बशीर बद्र ♡ ㅤ ❍ㅤ ⎙ ⌲ ˡᶦᵏᵉ ᶜᵒᵐᵐᵉⁿᵗ ˢᵃᵛᵉ ˢʰᵃʳᵉ
खूबसूरत हैं बहुत रास्ते, खो जाऊंगा, मुझे नींद जहां आएगी, सो जाऊंगा!! मुद्दत से इसी जिद में छिपा बैठा हूं, चांद मुझे खुद लेने आएगा तो जाऊंगा!! ~ बशीर बद्र अलविदा बशीर साहब!.🤲
उम्र गुजरी है मांजते हुए खुद को.. साफ हैं पर चमक नहीं पाए!! ~ विशाल बाग़ ♡ ㅤ ❍ㅤ ⎙ ⌲ ˡᶦᵏᵉ ᶜᵒᵐᵐᵉⁿᵗ ˢᵃᵛᵉ ˢʰᵃʳᵉ
ये भी क्या कोई कमाई है कि बस चूल्हा जले? चार दुश्मन भी जले इतना कमाना चाहिए!! ~ ज़ुबैर अली ताबिश ♡ ㅤ ❍ㅤ ⎙ ⌲ ˡᶦᵏᵉ ᶜᵒᵐᵐᵉⁿᵗ ˢᵃᵛᵉ ˢʰᵃʳᵉ
हवा से कह दो कि यूँ ख़ुद को आज़मा के दिखाए.. बहुत चराग़ बुझाती है इक जला के दिखाए!! ~ कमल हातवी ♡ ㅤ ❍ㅤ ⎙ ⌲ ˡᶦᵏᵉ ᶜᵒᵐᵐᵉⁿᵗ ˢᵃᵛᵉ ˢʰᵃʳᵉ
शिक्षा से वंचित स्त्रियों ने, घर सम्हालना सीखा। शिक्षा लेती स्त्रियों ने, घर और दफ़्तर, दोनों सम्हालना सीखा। स्त्रियों ने हमेशा, सीखने का क्रम आगे बढ़ाया, छोड़ने का नहीं। #copied ♡ ㅤ ❍ㅤ ⎙ ⌲ ˡᶦᵏᵉ ᶜᵒᵐᵐᵉⁿᵗ ˢᵃᵛᵉ ˢʰᵃʳᵉ
ऐसा है कि सब ख़्वाब मुसलसल नहीं होते.. जो आज तो होते हैं मगर कल नहीं होते!! सब ख़्वाहिशें पूरी हों 'फ़राज़' ऐसा नहीं है.. जैसे कई अशआर मुकम्मल नहीं होते..!! ~ अहमद फ़राज़ ♡ ㅤ ❍ㅤ ⎙ ⌲ ˡᶦᵏᵉ ᶜᵒᵐᵐᵉⁿᵗ ˢᵃᵛᵉ ˢʰᵃʳᵉ
देखो ये मेरे ख़्वाब थे देखो ये मेरे ज़ख़्म हैं... मैंने तो सब हिसाब-ए-जाँ-बर-सर-ए-आम रख दिया!! ~ अहमद फ़राज़ ♡ ㅤ ❍ㅤ ⎙ ⌲ ˡᶦᵏᵉ ᶜᵒᵐᵐᵉⁿᵗ ˢᵃᵛᵉ ˢʰᵃʳᵉ
विज्ञान बारिश बचा लेगा पर, सावन बचा पाएगी बस कविता। विज्ञान बनाएगा सड़क पर, रास्ता बना पाएगी बस कविता। विज्ञान बता देगा पता सुदूर छिपे किसी तारे-ग्रह का, तुम्हारा घर ढूंढ पाएगी बस कविता। विज्ञान जानता है उस पहले बन्दर को जिससे पैदा हुए हम सब, पर कविता जानती है बस वह बन्दर मनुष्य किस रोज़ हुआ? विज्ञान चाँद पर उतरेगा पर, चाँद को बालकनियों में बस उतार पाएगी कविता। ~ फफूंद से
आज बहुत दिन ब'अद मैं अपने कमरे तक आ निकला था.. जूँ ही दरवाज़ा खोला है उस की ख़ुश्बू आई है.!! ~ जौन एलिया ♡ ㅤ ❍ㅤ ⎙ ⌲ ˡᶦᵏᵉ ᶜᵒᵐᵐᵉⁿᵗ ˢᵃᵛᵉ ˢʰᵃʳᵉ
क्यों ना बेफिक्र होकर सोया जाए, अब बचा ही क्या है जिसे खोया जाए!! ~ जौन एलिया ♡ ㅤ ❍ㅤ ⎙ ⌲ ˡᶦᵏᵉ ᶜᵒᵐᵐᵉⁿᵗ ˢᵃᵛᵉ ˢʰᵃʳᵉ
जिसे बिस्तर से गीली टॉवल उठाना तक याद न रहता था, उसने ताउम्र याद रखने का वादा किया है!! •••••••••••••••••••••••••••••• जिसे नेलपॉलिश सूखने तक का सब्र नहीं होता था, उसने एक सदी के इंतज़ार का वादा किया है!! ~ किताबगंज
बहुत चुपके से दिया था उसने गुलाब हमें.. कमबख्त ख़ुशबू ने कोहराम मचा दिया..!! #copied ♡ ㅤ ❍ㅤ ⎙ ⌲ ˡᶦᵏᵉ ᶜᵒᵐᵐᵉⁿᵗ ˢᵃᵛᵉ ˢʰᵃʳᵉ
"जो सबकी घड़ी में बज रहा है, वह सबके हिस्से का समय नहीं है." ~ विनोद कुमार शुक्ल ♡ ㅤ ❍ㅤ ⎙ ⌲ ˡᶦᵏᵉ ᶜᵒᵐᵐᵉⁿᵗ ˢᵃᵛᵉ ˢʰᵃʳᵉ
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं! 🧡 🤍 💚
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।। या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा।। शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं। वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्।। हस्ते स्फाटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्। वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्।। या देवी सर्वभूतेषु विद्या-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। @kavyranj परिवार के तरफ से सरस्वती पूजा एवम् नवरात्रि की ढेरों शुभकामनाएं। मां की कृपा से शिक्षा, स्वास्थ्य और समृद्धि बरकरार रहे आप सबकी। इन्हीं मंगलमय शुभकामनाओं के साथ...🙏 फोटो:- सरस्वती माता (मिथिला पेंटिंग शैली) (साभार:- सोशल मीडिया) #kavyranj