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⁂༄Śşʂ𝑘༄⁂..मधुशाला धाम 🌹🧸

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  • हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो गम मिलते है, इसलिए अब हम हर शख्स से कम मिलते है..see more

  • GOOD MORNING HAVE A GREAT DAY

  • GOOD EVENING HAVE A LOVELY DAY

  • GOOD MORNING HAVE A BEAUTIFUL DAY

  • GOOD EVENING HAVE A NICE DAY

  • GOOD MORNING HAVE A GREAT DAY

  • 11 авг.212из Old_gold_song_lyrics

    🥀शिव जी की अद्भुत आरती 1 आरती होला कपूरवा से हमरा भोला बाबा के-2 भोला बाबा के हमरा, भोला बाबा के, हमरा भोला बाबा के-2 आरती होला कपूरवा से हसरा भोला बाबा के-2 पहिली आरतिया देवघर में होला, देवघर में होला हो, बाबा धाम में होला। बाबा बैद्यनाथ के मंदिरिया में, हमरा भोला बाबा के। आरती होला कपूरवा से हसरा भोला बाबा के-2 दूसरी आरतिया काशी में होला, काशी में होला हो, बनारस में होला। बाबा विश्वनाथ के मंदिरिया में, हमरा भोला बाबा के। आरती होला कपूरवा से हसरा भोला बाबा के-2 तीसरी आरतिया उज्जैन में होला, उज्जैन में होला हो, उज्जैन में होला। बाबा महाकाल के मंदिरिया में, हमरा भोला बाबा के। आरती होला कपूरवा से हसरा भोला बाबा के-2 चौथी आरतिया नारद गावे, नारद गावे और वीणा बजावे। जो भोलेनाथ जी की आरती गावे, आरती गावे और ताली बजावे। बसहिं वैकठ. परम पद पावें. आरती होला कपूरवा से हमरा भोला बाबा के-2 भोला बाबा के हमरा, भोला बाबा के, हमरा भोला बाबा के-2 आरती होला कपूरवा से हसरा भोला बाबा के-2

  • 10 авг.311из success_life_95

    जिस मिट्टी पर हम अपना घर बनाते हैं, उसी मिट्टी में मजदूर अपना पसीना बहाते हैं। हमारी खुशियों की नींव में अक्सर, उनके अधूरे सपनों की ईंटें लगी होती हैं।” 😢😢

  • GOOD EVENING HAVE A NICE DAY

  • GOOD MORNING HAVE A BEAUTIFUL DAY

  • बिन पिया बीते तीज-त्योहार बिन पिया बीते तीज-त्योहार, पिया बसे हैं दूर परदेश में। सावन आया, जग झूम उठा, पर सूना है मन उसके परिवेश में। हरी चूड़ियों की खनक से जब गलियाँ गूँज उठती हैं, तब उसकी सूनी कलाइयाँ चुपचाप अपना दुःख कहती हैं। न कोई समझे मन का भाव, न कोई जाने उसकी चाह, श्रृंगार की छोटी-सी इच्छा भी बन जाती है जैसे कोई गुनाह। आसान नहीं होता बिन पिया साजन के घर रहना, सबको खुश रखते-रखते हर पल भीतर से मरना। जिम्मेदारियाँ उठाओ, सबकी सेवा करो, घर का हर काम करो— यही तो उसका भाग्य लिखा है। दूसरों के अरमान सँवारते-सँवारते उसका अपना हर सपना कब टूटकर बिखर गया, उसे स्वयं भी पता नहीं चला। आँखों में आँसू लिए दिन-रात गुजर जाते हैं, पर उसके आँसू किसी को दिखाई नहीं देते। उसके अधिकार धीरे-धीरे उससे छीन लिए जाते हैं, और वह हाथ की कठपुतली-सी घर की डोरियों में बँधी बस चलती जाती है। बेवजह मुस्कुरा दे तो सवालों की बौछार होती है— “आज इतनी खुशी क्यों है?” और उदासी में डूब जाए तो कोई पूछने वाला नहीं होता। थोड़ा सज-सँवर ले तो निगाहें सवाल करती हैं— “आज क्या बात है?” किसी से दो पल फोन पर बात कर ले तो संदेह के घेरे में आ जाती है। कहीं बाहर जाने की इच्छा कर ले तो ताने मिलते हैं— “इसके तो पंख निकल आए हैं!” काश कोई समझ पाता, उसे उड़ना नहीं था, वह तो बस कुछ पल अपनी घुटन से बाहर निकलना चाहती थी। वह भी कभी सपने देखती थी, उसके भी कुछ अरमान थे, मगर ससुराल की चौखट पर न जाने कितने सपने बिना आवाज़ किए दफन हो गए। अब सावन भी उसे नहीं भाता, तीज भी मन को नहीं सुहाती, हरी चूड़ियों की खनक उसकी सूनी कलाइयों पर और गहरी खामोशी बन जाती है। पिया दूर हैं, और वह यहाँ अकेली— सबकी होकर भी किसी की नहीं। बस यही उसका जीवन है— सबके चेहरे पर मुस्कान सजाना और अपनी आँखों में उम्र भर का सावन छिपाए रखना। स्वरचित मृदुला कुशवाहा मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित ©️®️

  • कविताः मितवा हो मितवा हो, तोहसे मिले के, मन करेला, कइसे बुलाई। आजा ना जोन्ही रतिया में, संग बइठ तनिक बतियाई। तोहरे सुरतिया जादू करेला, उड़ा ले जाला मोरी निंदिया। तोहरे हँसी के मीठ बोलिया, देला मनवा रोज हरसाई। चुनरी उड़ि-उड़ि बात कहेला, पुरवइया देला मुसुकाई। पिरितिया के ई कलिया, आव धीरे-धीरे खिलाई। रूठब त हमहीं मना लेब, अँखिया के लोर सुखाई। कहब, "अब मत रूठऽ।" चल स्नेह फेर जगाई। चनमा गवाही आज देई, तरेगन संग दूधिया अजोर बिछाई। हाथ पे हाथ धर, मितवा मोरा, सपनवा सच हो जाई। जनम-जनम के नेहिया माँगी, दूजा कुछ ना चाही। मितवा हो, तोहरे संगहीं, जिनगी हँसत-खेलत बिताई। ~ डॉ० दिनेश प्रसाद सिन्हा मुजफ्फरपुर , बिहार ।

  • अब के सावन में ये शरारत मेरे साथ हुई, मेरा घर छोड़ के कुल शहर में बरसात हुई। आप मत पूछिए क्या हम पे सफ़र में गुज़री? था लुटेरों का जहाँ गाँव वहीं रात हुई। ज़िंदगी भर तो हुई गुफ़्तगू ग़ैरों से मगर, आज तक हमसे न हमारी मुलाक़ात हुई। हर ग़लत मोड़ पे टोका है किसी ने मुझको, एक आवाज़ जब से तेरी मेरे साथ हुई। मैंने सोचा कि मेरे देश की हालत क्या है, एक क़ातिल से तभी मेरी मुलाक़ात हुई। गोपाल दास 'नीरज'

  • GOOD EVENING HAVE A LOVELY DAY

  • GOOD EVENING HAVE A NICE DAY

  • GOOD MORNING HAVE A BEAUTIFUL DAY

  • 7 авг.242из success_life_95

    दो ही विकल्प मिलेंगे 'ईश्वर को छोड़ दो' या 'ईश्वर पर छोड़ दो'..! 💛🌻

  • GOOD EVENING HAVE A NICE DAY

  • GOOD MORNING HAVE A GREAT DAY

  • GOOD EVENING HAVE A LOVELY DAY