Political Thoughts with Bhukar
СтатистикаRPSC Assistant Professor,School Lecturer, NET-JRF, DSSSB Related Study material, strategy, Important PDF, Book List and democratic discussion regarding subject.By Pramod Bhukar (Assistant Professor) Govt of Rajasthan
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सार्वजनिक लेख- लगता है…राजस्थान लोक सेवा आयोग के अंदर और राजनीति विज्ञान विषय के विद्वतजनों के मध्य एक कार्टेल बना हुआ प्रतीत होता है, क्योंकि कोई भी संस्था या विषय बनाना या बिगाड़ना एक व्यक्ति या कुछ समय की बात नहीं होती। प्रतीत होता है कि इसकी नींव को गहराई से खोदकर पुनः अपने हिसाब की राजनीति का राजनीति विज्ञान बनने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें इस संस्था से ज़्यादा विषय से जुड़े लोग भी ज़िम्मेदार हैं जो अपने निजी हितों के अलावा विषय के लिए एक विमर्श नहीं बना सके। ध्यान रहे विमर्श का परिणाम ही व्यवहारवाद था और विमर्श का परिणाम की उत्तरव्यवहारवाद… इसमें RPSC, Universities, Colleges, Professors, Subjects Teachers and Students…सभी भागीदार हैं कोई ज़्यादा कोई कम… संस्थाएं और विषय के विद्वत जन अपने हिसाब से विषय को बनाने और पढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं और हम विषय के विद्यार्थी बिना कोई आवाज उठाए उसको ग्रहण करते जा रहे हैं। इस हिसाब से तो ये विषय पर ये ग्रहण का दाग और गहरा होता जाएगा। प्रमोद भूकर - राजनीति विज्ञान का एक विद्यार्थी
राजनीति विज्ञान को चिंता का विषय बना दिया!
ऐसी ख़बरें पढ़ा कीजिए…इससे राजस्थान की राजनीति में आपकी रुचि विकसित होगी, जब किसी किताब से पढ़ेंगे तो कॉन्फ़िडेंस भी आयेगा…कभी कभार संबंधित टॉपिक के नोट्स को भी अपडेट कर सकते हैं…तरोताजा महसूस करेंगे
जय जोहार!!! विश्व आदिवासी (स्वदेशी) दिवस की शुभकामनाएँ जल, जंगल, ज़मीन और प्रकृति के सच्चे संरक्षक और समृद्ध संस्कृति के संवाहक आदिवासी समाज के अधिकारों और गौरव को नमन। 9 अगस्त 1982 को संयुक्त राष्ट्र के आदिवासी आबादी पर कार्यसमूह (Working Group on Indigenous Populations) की पहली बैठक जिनेवा में हुई थी।प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को विश्व के स्वदेशी लोगों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। यह तिथि, जिसे दिसंबर 1994 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 49/214 द्वारा अपनाया गया था। विश्व के सभी क्षेत्रों में स्वदेशी लोग निवास करते हैं और वैश्विक भूमि क्षेत्र के लगभग 22% हिस्से के मालिक हैं। इनकी संख्या 370-500 मिलियन है और स्वदेशी लोग विश्व की सांस्कृतिक विविधता का एक बड़ा हिस्सा हैं। वे विश्व की 7,000 भाषाओं में से अधिकांश भाषाएँ बोलते हैं और 5,000 विभिन्न संस्कृतियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। स्वदेशी भाषाओं के अंतर्राष्ट्रीय दशक के रूप में 2022–2032 को निर्धारित किया गया है। लेखक- प्रमोद भूकर
गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएँ 🙏🏻 On the auspicious occasion of Guru Purnima, I extend my heartfelt gratitude and warm wishes to you. ❤️
उम्मीद हो शिक्षा व्यवस्था में सुधारों की दिशा में ये “मैग्नाकार्टा” साबित हो…
जब जब युवा बोला है…राजसिंहासन डोला है 💪🏻
दुनिया में दो तरह की राय होती है एक यथार्थ दूसरी मोटीवेशनल मैं यथार्थ वाली पसंद करता हूं यथार्थ वाली राय आपको बताती है कि पहाड़ पर कैसे चढ़ सकते हैं और मोटिवेशनल अरे तू पहाड़ पर क्या चांद पर भी चढ़ सकता है यह अलग बात है वो चढ़ना आपको टिब्बे पर भी नहीं सिखाते तो यथार्थ वाली राय सुने और उस पर चले रवि गुरु की राय यथार्थ होती है
आपका एक सवाल!! अब आगे क्या करें? 👉तो पहली बात तो यह कि आपने ऐसा क्या कर लिया कि कुछ करने को बचा ही नहीं 😜 खैर अब आप यह कर सकते हैं 👇 1. जिस भर्ती में आप असफल हुए हैं पुनः उसकी तैयारी को मजबूती प्रदान करें ,अपनी गलतियों और कमियों को सुधारें और अपने मैटर को संशोधित, परिवर्धित और परिवर्तित करें। 2. अपने नवीन लक्ष्य का निर्धारण करें क्योंकि अगर किसी फॉर्मेट या सिलेबस से बेहतर समन्वय नहीं बैठा पा रहे हैं तो अपनी पसंद के सिलेबस वाली भर्ती को चुने ताकि परिणाम सुखद आए (लेकिन यह निर्णय भावुक हो कर नही लेवे) 3. एक पूर्व तैयारी को जारी रखते हुए एक अतिरिक्त लक्ष्य का निर्धारण करके इसकी तैयारी को अतिरिक्त समय ( 2/3 hours) देवें जैसे ग्रेड 2/3 के साथ ग्रेड 1 या RAS के साथ EO/RO आदि ।और जैसे ही जो भर्ती नजदीक हो उसको ज़्यादा फोकस कर दो। यह अच्छा ऑप्शन होता है क्योंकि आपके पास एक अतिरिक्त ऑप्शन रहेगा तो मानसिक मजबूती होगी, मेहनत का स्तर बढ़ेगा, समझ व एप्रोच में परिवर्तन होगा और ज्यादा परिपक्व और निडर बनोगे 😍 इस विषय पर एक वीडियो कल रात को ही बना दिया गया है आज you tube channel per upload करदिया जायेगा 👍 👉winners never quit and quitters never win✊ Dr.Ravi Fageria
जो इस पागलपन में शामिल नहीं होंगे मारे जाएँगे कटघरे में खड़े कर दिए जाएँगे, जो विरोध में बोलेंगे जो सच-सच बोलेंगे, मारे जाएँगे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा कि किसी की क़मीज़ हो ‘उनकी’ क़मीज़ से ज़्यादा सफ़ेद क़मीज़ पर जिनके दाग़ नहीं होंगे, मारे जाएँगे धकेल दिए जाएँगे कला की दुनिया से बाहर, जो चारण नहीं जो गुन नहीं गाएँगे, मारे जाएँगे धर्म की ध्वजा उठाए जो नहीं जाएँगे जुलूस में गोलियाँ भून डालेंगी उन्हें, काफ़िर क़रार दिए जाएँगे सबसे बड़ा अपराध है इस समय निहत्थे और निरपराध होना जो अपराधी नहीं होंगे मारे जाएँगे।
https://www.jagranjosh.com/lite/articles/ugc-net-2026-answer-key-live-download-nta-ugc-net-june-session-response-sheet-pdf-and-raise-objections-at-ugcnet-nta-nic-in-direct-link-lb-206643 इस खबर के अनुसार न्यूज़ दे दी आपको…माफ़ी चाहता हूँ, आपको असुविधा हुई। धन्यवाद 🙏🏻
अगर आप लोग ये बताओगे कि पिछली पुस्तक (राजनीति विज्ञान प्रश्न बैंक) से कितना फ़ायदा हुआ, कितनी सहायक हुई पुस्तक…तो मुझे आगे और जल्दी काम करने में मोटिवेशन और प्रेरणा मिलेगी…सभी साथी बताएँ
मिलते हैं एक नए प्रोजेक्ट के साथ…जुलाई के अंत तक विद्वान विनोद जी के साथ
टेलीग्राम की दुनिया में आपका फिर स्वागत है…
कितने साथियों के दोनों पेपर क्वालीफाई हो रहे हैं। बताओ
इस पेपर के अनुसार
राजनीति विज्ञान उत्तरकुंजी.pdf
answer key GK पेपर
अच्छी खबर…एके बारे में अधिक जानकारी भी पढ़ लेवो…कठे ना कठे काम आज्यासी😆
दुनिया का पहला RTI लिविंग म्यूजियम स्थान:- नरबद खेड़ा, ब्यावर इस म्यूजियम का निर्माण और संचालन "स्कूल फॉर डेमोक्रेसी संस्था" की ओर से किया जा रहा है। 30 साल पहले 21 जून 1996 को यहीं से आरटीआई आंदोलन की की शुरुआत हुई थी।