तड़पती कलम ✍🏻 (Shayari)
Статистикаकुछ अपने लिए लिखता हूं, कुछ अपनों के लिए लिखता हूं.. १. इश्क ❤️ २. ज़िन्दगी ३. दुनियादारी YouTube - https://youtu.be/cU5rlFL_BXA Tadpti kalam ❤️💯
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Посты
कुछ इस तरह से जुड़ गये दिलों के धागे, तुम वहाँ, मैं यहाँ, दोनों ही आधे आधे...
तमन्नाओ की महफ़िल तो हर कोई सजाता है. पूरी उसकी होती है जो तकदीर लेकर आता है..!!
अब और कितनी बार मुड़ मुड़ के देखोगे इरादा जाने का नहीं है तो लौट आइएगा.
मिजाज अच्छा है आज हमारा सितम करना हो तो लौट आओ….
बेहद खूबसूरत "गजल" हो तुम, तुम्हे हर पल गुनगुनाता हूँ मैं..
कसूर तो बहुत किये हैं ज़िन्दगी में, लेकिन सज़ा तब मिली जब हम बेक़सूर थे.
सरे बाज़ार निकलूं तो आवारगी की तोहमत, तन्हाई में बैठूं तो इल्जाम-ए-मोहब्बत..
कभी हो मुखातिब तो कहूँ क्या मर्ज़ है मेरा, अब तुम दूर से पूछोगे तो ख़ैरियत ही कहेंगे।
उसकी गली से गुज़रेगी मेरी मय्यत..!! फरिश्ते ये लालच देकर मेरी जान ले गए..!!
तुझे मांगा है कितना कभी आना मेरे शहर दरगाह के धागे बतायेंगे बेबसी हमारी..!!
किताबों से निकल कर तितलियाँ ग़ज़लें सुनाती हैं टिफ़िन रखती है मेरी माँ तो बस्ता मुस्कुराता है
हल्की सी हो चुकी है नाजुक पलके मेरी, मुद्दतो बाद इन नजरो से गिरा है कोई...!
टेढ़ी बातों का सीधा सा जवाब मैं बदतमीज मेरी आदतें ख़राब..
मेरी तो बस नज़र कमज़ोर थी, पर वो तो नज़रिये से भी अंधे निकले।
चाय जैसी मोहब्बत है तुमसे, आदत है इबादत है या नशा कह लो..
वो अनजान, चला है जन्नत को पाऩे की खातिर, बेखबर को इत्तला कर दो की माँ-बाप घर पर ही है !!
जो दुख में साथ दे वो अपने होते हैं, वरना जनाब सलाह तो राह चलते भी दे देते हैं!
जी भर के गुस्सा निकाल लो तुम मुझ पर, क्या पता मेरे जैसा बेजुबान कभी कहीं और ना मिले!
रखकर तेरे होने पे यकीन ऐ_खुद...!! हम भी मोहब्बत किसी से बेपनाह कर बैठे..!!!
इश्क़ हो और सुकून भी हो..... साहब आप होश में तो हो?