༈༈❣️मरीज़-ए-इश्क़❣️༈༈
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ये नफरतो का आशीयाना… . बाहर से काफी खुशहाल सा दिखता है… . हम नये थे यहा ये बडा अच्छा सा लगता था… . तुम जो बद्दल गए ये चिडाता सा दिखता है… . चलो ये तो तुम्हारे झुटी मौहब्बत का शहर है… . हमे ही अपने शहर लौट जाना होगा… . @Sanaya_10_13✨
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तुम डरते रहे दूसरों को खोने से तुम खो गए किसी ने ध्यान ही नही दिया..!!
दफनाए हुए हसरतो का… . केहेर होना चाहिए… . ना चाहते हुए जुदा होने का… . करा़र होना चाहिए… . दिल के एक कोने मे कही बसा… . वो ख्वाबो का कब्रिस्तान होना चाहिए… . @Sanaya_10_13✨
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. इक ऐसी निंद की ख्वाहिश हैं "सनाया" जिसकी सुबह महबूब की चिख़ों से हो @Sanaya_10_13✨ .
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ये बादलों का गरजना, ये बिजली का चमकना, लाया है साथ में बचपन का वो मचलना,, किसानों की आंखों में फसलों की वो आशा, कहती है बारिश की हर एक अनकही भाषा,, भीगना वो गलियों में, वो कागज़ की नाव, भूल गए हम बड़े होकर, वो बचपन का जमाना,, पर आज जब बरसी हैं ये रिमझिम सी बूंदें, मन दौड़ पड़ा है फिर से, पुरानी यादों की ओर आंखें मूंदे,, हम नए सपने बुन रहे, भाग दौड़ कर पा रहे अपनी मंज़िल, पर इस सुहाने मौसम में, हर धड़कन हुई है बेकाबू ,, मेघों के संग उड़ चला है, आज फिर ये चंचल मन, बरसात की हर बूंद में, छुपा है बीता बचपन,, 𝒢𝓊𝓃𝒿𝒶𝓃 𝒿ℴ𝒽𝓇𝒾