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𝐋𝐎𝐕𝐄 𝐒𝐇𝐀𝐘𝐀𝐑𝐈 𝐀𝐃𝐇𝐎𝐎𝐑𝐀 𝐏𝐘𝐀𝐑

𝐋𝐎𝐕𝐄 𝐒𝐇𝐀𝐘𝐀𝐑𝐈 𝐀𝐃𝐇𝐎𝐎𝐑𝐀 𝐏𝐘𝐀𝐑

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सिर्फ उसकी यादों में तेरा इस कदर तड़पना जरूरी था क्या राख होता हुआ वजूद मुझसे थक कर सवाल करता है मोहब्बत करना तेरे लिए इतना ही जरुरी था क्या @loveshayriuk 𝕆𝕎ℕ𝔼ℝ = ᴋᴀᴘᴛᴀᴀɴ @Bewakoof042

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  • " कैसी आज़ादी मनाओगे 15 अगस्त को? एक पिंजरे से निकलकर दूसरे पिंजरे में चले आए हो। क्या तुम आज़ाद हो गए जाति से, दहेज से, धार्मिक कट्टरता से, पाखंड से, डर से? झंडा बदल जाने से मनुष्य आज़ाद नहीं होता। पहले तुम सत्ता के सामने झुके थे, आज अंधविश्वास के सामने झुकते हो। गुलामी सिर्फ़ विदेशी नहीं होती - अपनों के हाथों मिली गुलामी भी गुलामी ही होती है। फ़िर भी, 15 अगस्त की शुभकामनाएं उत्सव मनाना अक्सर आज़ाद होने से आसान होता है। Happy independence day 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

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  • ब्लैकलिस्ट में जितने भी कैदी पड़े हैं… 😂 15 अगस्त पर सबको आज़ादी का तोहफा मिलेगा! 🇮🇳🤣 बस वादा करो… बाहर आकर फिर वही कांड नहीं करोगे.... 😎

  • जो अंत तक निभा सकते थे... असल में उनके हिस्से प्रेम आया ही नहीं... # प्रेम

  • प्रेम की उच्चतम आयाम पे, तुम्हे क्यों फरेब की सूझी...!!

  • सम्बन्धों की कुल पाँच सीढ़ियाँ है देखना,अच्छा लगना, चाहना,पाना, यह चार बहुत सरल सीढ़ियाँ हैं सबसे कठिन पाँचवी सीढ़ी है          निभाना

  • ` साँप भी बीन भी मदारी भी हाए क्या बात है तुम्हारी भी कैसे करते हो यार माइक पर शा'इरी भी दुकान-दारी भी हम वली तो नहीं ख़ुदा से मगर जान-पहचान है हमारी भी सिर्फ़ दिल का मु'आमला ही नहीं 'इश्क़ है एक ज़िम्मे-दारी भी हार कर फूल तेरी ख़ुश्बू से ढूँढ़ लेते हैं रिश्तेदारी भी वो जो पिछली क़तार में ख़ुश था आ गई आज उस की बारी भी हम कभी एक साथ करते थे ख़ाकसारी भी शह-सवारी भी आप ख़ामोशियाँ भी सुनते हैं आह सुन लीजिए हमारी भी ~ फ़हमी बदायूनी

  • मैं तुझे फिर मिलूँगी कहाँ कैसे पता नहीं शायद तेरे कल्पनाओं की प्रेरणा बन तेरे कैनवास पर उतरुँगी या तेरे कैनवास पर एक रहस्यमयी लकीर बन ख़ामोश तुझे देखती रहूँगी मैं तुझे फिर मिलूँगी कहाँ कैसे पता नहींया सूरज की लौ बन कर तेरे रंगों में घुलती रहूँगी या रंगों की बाँहों में बैठ कर तेरे कैनवास पर बिछ जाऊँगी पता नहीं कहाँ किस तरह पर तुझे ज़रूर मिलूँगी या फिर एक चश्मा बनी जैसे झरने से पानी उड़ता है मैं पानी की बूंदें तेरे बदन पर मलूँगी और एक शीतल अहसास बन कर तेरे सीने से लगूँगी # अमृता प्रीतम

  • 9 авг.1 013

    📌JOIN SHAYARI GROUP CHAT❤️ https://t.me/shayaronkitoli ग्रुप में आप अपनी शायरी, शेर कविताएँ, पंक्तियाँ भेज सकते हो!

  • 2 авг.1 700173

    सुनो.. ना... लड़के थकते भी हैं... टूटते भी हैं... रोते भी हैं... बस फ़र्क इतना है कि उन्हें कहा जाता है— "मर्द हो... संभाल लो।" 💔

  • 2 авг.1 679193

    मैं पर्स में कितनी माशूकाओं की तस्वीरें बदल चुका हूँ, ये अंदाज़ा लगता नहीं, मुझे फ़क़त उनके जिस्म से ग़रज़ है, मगर उनको ये कभी लगता नहीं। मेरे बारे में तुम पूछना उनसे, वो तुम्हें बताएगी मैं कितना अच्छा था, क्योंकि 'काबिल' की यही तो ख़ास बात है, मैं बेवफ़ा हूँ मगर लगता नहीं।

  • 31 июл.1 841169

    जिसने मनचाहे खज़ाने खो दिए हो, उसे पाँच-पच्चीस का मोह नहीं होता।

  • 29 июл.2 055225

    नाला भी सुंदर होता है... बस नजर सुअर वाली होनी चाहिए.. 😂😂😂🫣 Aaj kahi pdha th 🤣

  • 26 июл.2 756169

    इश्क़ घुला और जात खत्म चाँद खिला और रात खत्म नए दौर की प्रेम कथा जिस्म मिला जज्बात खत्म रिश्ता विशता तुम जानो तुम मेरे हो बस बात खत्म💗    @Bewakoof042

  • 20 июл.2 796195

    हम अम्न चाहते हैं मगर ज़ुल्म के ख़िलाफ़, गर जंग लाज़मी है तो फिर जंग ही सही -साहिर साहब

  • 20 июл.2 7101810

    आँधियों में समझ आयी पलकों की क़ीमत. आँखों को गुरूर था हमें सब दिखता है..🤗

  • 19 июл.2 695257

    एकांत में बैठा मेरा मन, अब प्रेम से ज़्यादा भक्ति चाहता है ☺️☺️

  • 15 июл.3 103269

    चल हम तो हुए तबहा , पर तुझे तो सुकून आया ,, आज फिर तेरी खुशबू याद आई आज फिर नाक से खून आया ..!!

  • 14 июл.2 951134

    मेरी ख़ुशबू को हवाओं में उड़ाने वाला लौट के आया नहीं छोड़ के जाने वाला जाने किस मोड़ पे ले आई मोहब्बत मुझ को याद आता है बहुत याद न आने वाला प्यार के साथ मुझे ता'ने दिया करता है तुझ में भी रंग है कुछ कुछ तो ज़माने वाला मुद्दतें बीत गईं राह में बैठी हुई है शहर से जा भी चुका शहर से जाने वाला ऐसे बिछड़ा है कि मिलने की दु'आ करता है हर मुलाक़ात पे मुँह फेर के जाने वाला ~ हिमांशी बाबरा

  • 13 июл.2 571174

    अगर.... पति परमेश्वर होते तो, दहेज के लिए स्त्रियां जिंदा नहीं जलाई जाती.. और औरतें.... अगर लक्ष्मी होती, तो तलाक के बाद अदालत में हाजिरी के लिए हाथ ना फैलती ... बात तो सही है..... 👍👍