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https://youtu.be/OjKkhkcrlVQ?si=C4ODiuTLrPjEtDBH *तीन ऐसे आहार जिनका आवश्यकता से अधिक सेवन शरीर के लिए हानिकारक होता है* आयुर्वेद में आहार को औषधि के समान माना गया है, लेकिन जब वही आहार आवश्यकता से अधिक मात्रा में लिया जाता है, तो वही शरीर के लिए हानिकारक भी सिद्ध हो सकता है। आज हम ऐसे तीन प्रमुख आहारों के बारे में जानेंगे, जिनका अधिक सेवन शरीर की मूल शक्ति—ओजस—को क्षीण कर देता है और स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। ओजस वह सूक्ष्म ऊर्जा है जो शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता, मानसिक शांति और शारीरिक बल को बनाए रखती है। यदि व्यक्ति आवश्यकता से अधिक तीखा, नमकीन और कड़वा आहार लेता है, तो उसकी ओजस शक्ति कम हो जाती है। इसलिए यह आवश्यक है कि इन आहारों का सेवन संतुलित मात्रा में किया जाए। --- *1. तीखा आहार (चरपे आहार)* तीखे आहार का सीमित मात्रा में सेवन हमारे पाचन तंत्र को सशक्त बनाता है और डाइजेशन को बेहतर करता है। लेकिन यदि व्यक्ति आवश्यकता से अधिक तीखा भोजन करता है, तो यह पुरुषों के शुक्र अर्थात् वीर्य के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकता है। आयुर्वेद के अनुसार, पुरुषों का वीर्य स्वभाव से ठंडा और शीतल होता है। लेकिन अत्यधिक तीखे आहार से यह वीर्य पिघलने लगता है और शरीर से बाहर निकल जाता है, जैसे— • स्वप्न दोष के माध्यम से • मूत्र के साथ • या अन्य उत्तेजना के कारण यह स्थिति ठीक वैसी ही होती है जैसे एक टेबल पर रखे मक्खन का उदाहरण। जब तक टेबल ठंडी है, मक्खन जमा रहता है। लेकिन जैसे ही टेबल गर्म होती है, मक्खन पिघलकर नीचे गिर जाता है। इसी प्रकार, तीखे आहार से शरीर में वीर्य पिघलने लगता है। --- *2. अधिक नमकीन आहार* यह सामान्य धारणा है कि तीखा आहार अधिक गर्म होता है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार नमक उससे भी अधिक गर्म प्रभाव डालता है। अधिक नमक का सेवन शरीर में अतिरिक्त गर्मी पैदा करता है, जिससे व्यक्ति की उम्र जल्दी बढ़ने लगती है यानी समय से पहले बूढ़ा होने लगता है। हालांकि, नमक भोजन में स्वाद और पाचन के लिए आवश्यक है। इसका सेवन पूरी तरह से बंद करना भी हानिकारक है। नमक: • भोजन को रुचिकर बनाता है • पाचन शक्ति को बढ़ाता है इसलिए नमक का सेवन उतना ही करें, जितनी शरीर को आवश्यकता हो। अधिक या कम दोनों ही स्थिति में नुकसान संभव है। --- *3. कड़वा आहार* कड़वे आहार का सेवन लोग सामान्यत: कम करते हैं, लेकिन कई लोग इंटरनेट या अन्य माध्यमों से नीम जैसी चीजों के लाभ सुनकर आवश्यकता से अधिक मात्रा में इनका सेवन करने लगते हैं। नीम, गिलोय जैसे कुछ कड़वे पदार्थ स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं, लेकिन यदि इन्हें अधिक मात्रा में और नियमित रूप से लंबे समय तक लिया जाए, तो यह शरीर के शुक्र का नाश कर सकते हैं। *विशेषकर नीम:* • अधिक सेवन करने पर स्पर्म काउंट कम कर सकता है • वीर्य शक्ति को नष्ट कर सकता है • यहां तक कि व्यक्ति को नपुंसक भी बना सकता है इसलिए कड़वी चीजों का सेवन भी एक सीमा में रहकर करना चाहिए। उदाहरण के लिए, नीम को कुछ दिन लगातार खाएं, फिर कुछ दिन का विराम लें। *निष्कर्ष* हर प्रकार का आहार—चाहे वह तीखा हो, नमकीन हो या कड़वा—शरीर की आवश्यकता के अनुसार ही लेना चाहिए। आवश्यकता से अधिक किसी भी चीज़ का सेवन स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है। आयुर्वेद हमें यही सिखाता है कि संतुलन में रहकर भोजन करना ही दीर्घायु और स्वस्थ जीवन का रहस्य है। आशा करता हूं कि आपको यह जानकारी उपयोगी लगी होगी। धन्यवाद!
आयुर्वेद के अनुसार इस औषधि का सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है
शास्त्रों के अनुसार यह तीन जगह एक अच्छे स्वास्थ्य के लिए वर्जित है
आयुर्वेद के अनुसार इस औषधि का सेवन करने से शरीर तंदुरुस्त और स्वस्थ होता है
आयुर्वेद के अनुसार अखरोट के पूरे फायदे लेने के लिए इस समय अखरोट खाएं
आयुर्वेद के अनुसार तेल को इस तरह से लगाने से फायदे और अधिक बढ़ जाते हैं
https://youtu.be/dF202_zU9Ps?si=DgJkJCVaCIJynS__
आयुर्वेद के अनुसार इस तेल को लगाने से ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है
आयुर्वेद के अनुसार जिन्होंने 15 साल तक इस नियम का पालन नहीं किया तो उनके शरीर में क्या होगा
शास्त्रों के अनुसार इस तरह से शुरुआत करने से स्वस्थ और खुशी बढ़ती है
प्रोफेसर राम मूर्ति के इस नियम से शरीर बलशाली और स्वास्थ्य होगा
आयुर्वेद के अनुसार खाली पेट इस देशी आहर को खाने से शरीर स्वस्थ और फिट होता है
बरसात के मौसम में तेजी से इम्यून सिस्टम मजबूत बनाने के लिए इसका सेवन करें
आयुर्वेद के विशेषज्ञों के अनुसार सोने से पहले यह करें चेहरे पर चमक आएगी
आयुर्वेद के अनुसार बरसात के मौसम में यह चीज अमृत समान है
मुंह के छाले दूर कर रहे हैं तो दिन में दो बार यह नुस्खा अपनाएं
आयुर्वेद के अनुसार सुबह यह चीज खाने से शरीर की शक्ति बढ़ती है
आयुर्वेद के अनुसार 2 चीज जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाएं
आयुर्वेद के अनुसार ऊर्जा और शक्ति बढ़ाने वाला देसी आहर
आयुर्वेद के अनुसार ऐसा कोई रोग नहीं है जो इस चीज से ठीक ना हो