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Hasrat💌

कुछ नाकाम कोशिशें । Some failed attempts to say it all . YouTube - https://youtube.com/@Hasrat596 Instagram - https://instagram.com/hasrat596_?utm_source=qr&igshid=MzNlNGNkZWQ4Mg%3D%3D

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  • अंतिम सत्य जब पूछा जाएगा कल के दिन का अंतिम सत्य क्या था, इतिहास लिखेगा एक तंत्र की मृत्यु। वह तंत्र, जिसका शव सड़कों पर पड़ा रहा, और उसके चारों स्तंभों में से कोई भी उसे काँधा देने नहीं आया। वह लावारिस था। उससे उठती सड़ांध इतनी गहरी थी कि न्याय के मंदिरों में बैठे देवता भी अपनी-अपनी आँखें फेरकर चले गए। लाश की बू से कातिल भी घृणा करता है; पर यहाँ घृणा से अधिक भयानक था मौन। फिर आए कुछ युवा। उन्होंने उस शव को अग्नि दी शोक में नहीं, उत्तरदायित्व में। और उसकी भस्म से एक तांडव जन्म लेगा, ताकि अगली बार मरने से पहले तंत्र को याद रहे, जनता किसी व्यवस्था की प्रजा नहीं, उसकी अंतिम शर्त होती है। HH 💌

  • https://www.instagram.com/p/DaGU8XmhwKC/?igsh=MXI5andqeXhoMXRxbw==

  • मेरे सर पर एक भूत सवार रहता है— कविताएँ लिखने का। हालाँकि मैं कोई कवि नहीं, मेरा यह सोचना भी, मैं जानता हूँ, मज़ाक-सा है, या फिर पागलपन की इंतिहा। क्योंकि न मेरी बातों का कोई तुक है, न कोई बंध। मैं तो एक वहशी हूँ, अपनी ही वहशत का शिकार हूँ, खुद से भागता हुआ। तुम कह लो, आदम की शक्ल में दरिंदगी है कोई जो मेरी फ़ितरत-सी है। जानता हूँ, देखने में सब आम लगता है, क्योंकि वहशत को जीतकर बनता है आदम। फिर बनता है वह कवि, और फिर वह पालता है वही वहशत, जिसे पुचकारते हैं सब कविताओं की शक्ल में। लिखकर मैं आदम हो जाऊँगा, या वहशी होने से बच पाऊँगा? या फिर इस पागलपन से उतावला होकर मर जाऊँगा! मरने से बचना है कविता, या जीने की वहशत से बचाती है कविता? बस एक पागलपन है कविता। HH 💌

  • 21 мая649144

    जो लोग, आगे बढ़ जाते हैं वह पीछे छोड़ जाते हैं,स्वयं को उन लोगों में, जो आगे नहीं बढ़ सके । निःसंदेह आगे बढ़ना ! एक नैसर्गिक क्रिया है, पर जो आगे नहीं बढ़े वह अनभिज्ञ थे या मूर्ख थे या मूढ़ यह चर्चा का विषय हो सकता है शायद । लेकिन किसी को तो वहाँ रहना पड़ेगा ठूँठ बन कर ही सही, क्योंकि सब कुछ मिट जाने पर भी, सब कुछ नहीं मिटता रह जाता है कुछ ! HH💌

  • 6 мая724163

    I keep longing for things I do not even love, just because they make me feel a little less alone. HH 💌

  • https://www.instagram.com/p/DXwtohwATFY/?igsh=cm5tY3lxb29qbjVr

  • I’m a teetotaller,yet my first drunk story might just be a bestseller. HH💌

  • https://www.instagram.com/p/DXHqXOzAYT-/?igsh=YjNmOWoxaDF0ZWNr

  • 9 мар.1 011181

    Before I write my last poem, I want you to know that you lived quietly inside all the ones before it. HH💌

  • 5 мар.1 013

    https://www.instagram.com/reel/DVgwG6RgaGl/?igsh=MW43cWl4aTNmMmx2Mg==

  • https://www.instagram.com/reel/DU8wMDkgWdn/?igsh=MTJ3M2tiMmRrM2w1Mw==

  • 17 февр.1 102114

    https://www.instagram.com/reel/DU3W6KpgSbN/?igsh=NWpwdmRidDU0ZjYz

  • https://www.instagram.com/reel/DU3W6KpgSbN/?igsh=NWpwdmRidDU0ZjYz

  • https://www.instagram.com/reel/DUx7UvcgRiS/?igsh=MTUxbHNhZ3E1Mjl0Nw==

  • https://www.instagram.com/reel/DUpZiyEAVIQ/?igsh=MTNjMWl5ZW1yYm51dA==

  • 10 февр.1 510136

    अक्सर मैं अपनी डेस्क पर रखी उस तस्वीर को देखता हूँ, बरसों पुरानी तस्वीर, पर फिर भी कितनी ताज़ा; जैसे मानो वह समय के बीच बना कोई पुल हो, जिसे पार कर मैं स्वयं को लांघ सकता हूँ। पर पुल के दोनों किनारों पर अब सब कुछ अंजाना है। मैं सोचता हूँ कि इस तस्वीर को मैं सबसे ज़्यादा जानता हूँ, या यूँ कहूँ कि यह तस्वीर मुझे सबसे ज़्यादा जानती है। क्योंकि जिस दौर में यह तस्वीर मुझे भेंट की गई थी, तब भेंट करने वाले भी और तस्वीर के मायने भी कुछ और थे; और वर्तमान में कुछ ओर हैं। विवशता यह है कि मायने बदल गए हैं, वक्त बदल गया है, पर तस्वीर अब भी पुल की तरहमुझे बार-बार दोनों किनारों तक ले जाकर छोड़ देती है ! जो मेरे ही हैं, किन्तु मैं दोनों से अंजान हूँ। शायद अब पुल गिराना होगा ! मुझे एक किनारा थामकर आगे बढ़ना होगा। वक्त के पुल पर सवार होकर,व्यक्ति जीवन का समंदर नहीं लाँघ सकता ! उसे बहना होता है वक्त के साथ । HH 💌

  • 9 февр.1 272117

    कितनी व्यग्र है अवचेतन श्वास, चेतन मन यूँ भी उथला है। शिथिल है सब कुछ इतना मानो, स्पंदन से होकर गुज़रे हर आस। सवाल कई हैं, जवाब यही — श्वास-सरिता बहती जाए। मृत्यु ने थामी है प्यास, उसे थाम कर चलना होगा। जितना थामा, उतना फिर कसना होगा। देख-देख कर सारी श्वास, अवचेतन को हँसना होगा ।। HH💌

  • 9 февр.1 21082

    के मुझे मौत से बचाने हर दिन जमीन पर कौन आएगा उतर आऐंगे फिर सारे फ़रिश्ते जमीन पर मेरी मौत के दिन ।। HH 💌

  • https://www.instagram.com/reel/DUddthjgYSl/?igsh=cW5jbGFnd2I1Y3h6

  • Hasrat💌 pinned «My scars are flowers from your garden that I planted in. Hasrat💌»