tgindex
Hindu 🚩

🙏 Explore ❛ Hindu Sanatana Dharma ❜ 📞 WhatsApp Channel : https://whatsapp.com/channel/0029Vai0Wgo9Bb5wUYPROS45 🔶 @HinduChat • @Geeta_HinduStuff 🕉️ @HinduStuff

Последний пост
15 авг.
Последнее чтение
15 авг.
Постов за неделю
3
Всего постов
23
Тип
открытый
Язык
und
Категория
Политика (по похожим)
В каталоге с
13 авг.
Подписчики
25 066
−45 за 3 дн.
Сутки
−23
−0,09%
Неделя
 
Месяц
 
Просмотров на пост
15,1 тыс
23 постов
Вовлечённость
60,2%
к подписчикам
Постов в день
0,4
всего 23
Упоминаний
5
каналов
Охват размещения
оценка
1/24сутки в ленте
420
1/48двое суток
481
1/72трое суток
519

Оценка по просмотрам недавних постов: пост набирает почти всё за первые сутки.

Посты

  • видео или голосовое, без подписи

  • видео или голосовое, без подписи

  • видео или голосовое, без подписи

  • 2 мая17,5 тыс20216

    आइए हम सभीलोग हनुमान जी तरह भक्तियुक्त कर्मनिष्ठा अपनाकर अपने राष्ट्र को पुनः विश्व का सिरमौर बनाएँ।🙏 @Hindu

  • 23 апр.18,7 тыс9216

    STRONG FATHER = STRONG SOCIETY पिता वो नहीं जो सिर्फ नाम देता है… पिता वो है जो नींव बनाता है। वो चुपचाप सहता है, ताकि परिवार मुस्कुरा सके। वो खुद टूटता है, ताकि बच्चे मजबूत बन सकें। जब पिता मजबूत होता है, तो बच्चे सुरक्षित नहीं… अजेय बनते हैं। और जब उसके भीतर हनुमान जी जैसी शक्ति, अनुशासन और भक्ति जीवित हो तो वो सिर्फ परिवार नहीं संभालता, पूरी पीढ़ी को दिशा देता है। No excuses. Only responsibility. Only strength. 👉 Strong Fathers don’t raise children… they build warriors who build nations. EVERY DAY. EVERY MOMENT. EVERY TIME. Be the STRENGTH. Be the EXAMPLE. Be the FATHER. Be the MAN your BLOODLINE will remember. @Hindu

  • 19 апр.17,8 тыс7212

    परशुराम जयंती (जन्मदिवस) आज भगवान परशुराम जी की जयंती है — भगवान विष्णु के अवतार, धर्म और न्याय के रक्षक। परशुराम जी ने अधर्म और अन्याय के विरुद्ध शस्त्र उठाकर धर्म की स्थापना की। उनका जीवन हमें साहस, तप और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। 🙏 भगवान परशुराम जी की जय! 🙏 जय श्री परशुराम! 🕉️ @Hindu Join @Hindu on WhatsApp (WhatsApp.com/@Hindu)

  • 15 апр.13,7 тыс8715

    Your ancestors survived a thousand years of invasions, famines, and forced conversions so that you could be born a Hindu today. If you are "too busy" or "too modern" to defend your Dharma, then you are the point at which your bloodline finally surrendered. You carry the legacy of the ultimate survivors. Don't be the weak link in a chain that has lasted for millennia. Being a Hindu isn't just a label; it is a debt you owe to the blood that was spilled before you. Repay it with your loyalty and strength. @Hindu

  • 14 апр.12,2 тыс597

    टीसीएस नासिक में भी वही करते थे थुकलमान जो वे हर जगह करते है:- केवल हिंदू धर्म पर तार्किक चर्चा। धर्म तर्क से परिपूर्ण प्रश्नोत्तरी से भरा हुआ है। मगर दुनिया का कोई भी रिलिजन या मजहब एक माइक्रोसेकंड भी तर्क सह नहीं सकता है। ईसाइयत व इस्लाम हिंदू धर्म पर तर्क देंगे, लेकिन जैसे ही कोई हिंदू उनके रिलिजन या मजहब पर तर्क देगा तो तुरंत BLASPHEMY या गुस्ताखी चिल्ला कर पुलिस या भीड़ को बुला लेंगे। उदाहरण के लिए टीसीएस नासिक में गणेश जी पर प्रश्न करने वाले थुकलमान से उसका हिंदू सहकर्मी अगर उसके श्रद्धेय के चरित्र के किसी किस्से पर प्रश्न करता तो वो थुकलमान सहकर्मी हिंसक हो जाता ही, और दुनिया भर में दंगे भी आरंभ हो जाते। अपने बच्चे को बताइए कि स्कूल या कार्यालय में जैसे ही कोई थुकलमान या ईसाई धर्म पर चर्चा करे तो उसे तुरंत उत्तर दे, "धर्म पर कोई चर्चा नहीं होगी। पढ़ने या नौकरी करने आए हो, करो और घर जाओ। क्यूंकि मैं तुम्हारे रिलिजन / मजहब पर कुछ बता दूँगा तो हिंसा आरम्भ हो जाएगी।" अपने बच्चे को बताइये कि ऐसे लोगो के साथ फुटबॉल नहीं खेली जाती है जो दूसरो के हाथ से किए गोल को फ़ाउल बताए, लेकिन अपने हाथ से गोल करने के अधिकार को religious right या मज़हबी हक़ बताए। आप फिर भी उनके साथ खेल रहे है तो आप सदैव हारेंगे। जीवन हो या खेल हो, नियम सबके लिए समान ना हो तो जीवन या खेल संभव नहीं है। @Hindu

  • 27 мар.14 тыс1475

    सभी को रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं @Hindu

  • 26 янв.24 тыс12310

    Our roots in history, our eyes on the future. Jai Hind 🇮🇳 @Hindu 🇮🇳 Happy Republic Day Join @Hindu on WhatsApp (WhatsApp.com/@Hindu)

  • 20 янв.23,7 тыс16118

    This is Bharat (India) ,Here when a New Baby is Born from Gaumata (Cow) The moment is filled with happiness, celebration and peace with Pooja for the newborn and Mother..😊 May She Receive the best health and all Blessings Of Krishna🥰 @Hindu

  • 11 янв.22,1 тыс13023

    Celebrating the victory of Hindu Civilisation and defeat of the Ghazni Mindset. Firecrackers at Somnath Temple in Gujarat immediately after Omkar Mantra Ucharan and Drone Show! Har Har Mahadev! @HINDU

  • 31 дек.20,6 тыс15333

    श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ की हार्दिक शुभकामनाएं! 🙏 जय श्री राम! जय सियाराम आज पूज्य श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा का द्वितीय पावन वर्षगांठ का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। इस दिव्य अवसर पर प्रभु राम की कृपा से अयोध्या में रामराज्य का स्वरूप और भी निखर रहा है।यह पावन क्षण असंख्य भक्तों की श्रद्धा, संकल्प और त्याग का प्रतीक है। सभी राम भक्तों को हार्दिक बधाई! जय जय राम! 🕉️ 🚩 @Hindu

  • 29 дек.16,7 тыс5612

    🕉️ @Hindu Join @Hindu on WhatsApp (WhatsApp.com/@Hindu)

  • 14 дек.20,4 тыс8229

    How a Photo Explains the Entire Logic of Idol Worship When people question the purpose of mūrti-pūjā (idol worship), they often assume it is superstition. Yet for millions of seekers, the image becomes a bridge—something that anchors the mind and brings the unseen closer. In this powerful scene from Bharat Ek Khoj, Swami Vivekananda explains how even a simple photograph of a king evokes respect, not because the paper is special, but because of what it represents. The picture is not the king, yet it stands for him—and through that representation, reverence naturally arises. In the same way, a devotee honors a mūrti because it offers a focal point for devotion, attention, and inner stillness. Symbols guide the heart, helping it remember what the eyes cannot see. 🕉️ @Hindu Join @Hindu on WhatsApp (WhatsApp.com/@Hindu)

  • 4 дек.18,8 тыс396

    दोयम दर्जे के नागरिक हुए संस्कृत छात्र, गाली की भाँति अपने कुलीन आस्पद ढोते ब्राह्मण, पीढ़ियों से कपट और गैरबराबरी के षडयन्त्र का अपमान सहते पण्डित क्या किसी स्वर्णयुग में प्रवेश करने जा रहे हैं। इस समय प्रचलित दावे के अनुसार जो पारायण सौ-दो सौ सालों में एक बार सम्भव हुआ है, उससे वैदिक युग पुनः आने वाला है क्या। मुझे लगता है, यह विद्यार्थी की मेधा का उत्सव है। यह एक पुण्यशील माता-पिता की सिद्धि है। यह एक योग्य आचार्य का आशीर्वाद है। यह आश्वस्ति है कि बीज का नाश नहीं होता, पर बीज के दाने से भण्डारा नहीं होता। उसके लिये खेती और अच्छी उपज की अपेक्षा होती है और अनुकूल ऋतु की भी। इण्टरनेट की हाइप और सोशल मीडिया अल्गोरिदम के छलावे के बाद, मुकुट और माला की चित्रावलियों के बाद इस प्रसंग की फलश्रुति क्या होगी। यह अप्रतिम छात्र जब अपने रटे हुए मन्त्रों के अर्थ समाज-जीवन में खोजने निकलेगा तो उसे क्या मिलेगा। जातीय जनगणना कराती सरकारें, जातिवाद मिटाने को संकल्पित संविधान, जन्मगत श्रेष्ठता को अमान्य करता समाजशास्त्र तथा कुल-गोत्र को निरस्त करते लोगों के बीच इस उत्साह की कोई वास्तविक भूमि भी है क्या। सोचना चाहिए। बधाई हो आयुष्मान् देवव्रत महेश रेखे, हमें इस पारायण में उपस्थित होने का आग्रह था, इच्छा भी थी पर सम्भव नहीं हुआ। पुनः बधाई..धर्मशील माता-पिता और यशस्वी गुरु भी वन्दनीय हैं। इस उल्लास की अर्थवत्ता का विचार हो सके इसकी शुभकामना। प्रतीकात्मक स्वागत से आगे बढ़कर इस परम्परा की प्रतिष्ठा हो सके ऐसी आशा। @Hindu

  • 4 дек.15,6 тыс304

    काशी ने एक बार पुनः अपना वैशिष्ट्य प्रमाणित किया है। एक प्रतिभाशाली वैदिक छात्र ने शुक्ल यजुर्वेद की माध्यन्दिनीय शाखा के चालीस अध्यायों का दण्ड क्रम पारायण पूरा किया है। यह पारायण वेद के विकृति-पाठ के अन्तर्गत किया जाता है। यहाँ यह जानने योग्य है कि वेद मन्त्र और अर्थ के विशिष्ट विज्ञान में नियोजित हैं। इस कारण वेदों को छः अंगों में प्रबन्धित किया हुआ है, वे छः अंग शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छन्द तथा ज्योतिष हैं। ये अंग वेद के शुद्ध उच्चारण, उसकी लयात्मकता एवं उसमें निहित प्रयोग विधि का निर्दोष व्यवहार सुनिश्चित करते हैं। वेदार्थ के अनुसन्धान की ही भाँति वेदों का समुचित पाठ भी विशिष्ट ज्ञान द्वारा ही सम्भव होता है। वेदपाठ की दो मुख्य पद्धतियाँ हैं, पहली पद्धति है प्रकृति और दूसरी पद्धति है विकृति। प्रकृति-पाठ के तीन भेद हैं - संहिता, पद तथा क्रम । विकृति-पाठ के आठ भेद हैं - जटा, माला, शिखा, रेखा, ध्वज, दण्ड, रथ एवं घन। जटा माला शिखा रेखा ध्वजो दण्डो रथो घनः। अष्टौ विकृतयः प्रोक्ताः क्रमपूर्वा महर्षिभिः॥ मन्त्रद्रष्टा ऋषियोँ की भाँति इन पाठभेदों के भी भिन्न-भिन्न ऋषि बताये गये हैं। वेदपाठ के माहात्म्य को भी इन पाठ-पद्धतियों के आधार पर निरूपित किया गया है। दण्डक्रम का परिचय देते हुए कहा गया है- क्रममुक्ता विपर्यस्य पुनश्च क्रममुत्तमम्। अर्द्धर्चादेव मुक्तोयं क्रमदण्डोऽभिधीयते॥ अर्थात् अनुक्रम से दो पदों के पाठ के बाद व्युत्क्रम से क्रमशः एक-एक पद का पाठ बढ़ाते हुए आधी ऋचा तक यह पाठ चलता है। क्रम के पश्चात् व्युत्क्रम, पुनः क्रम तत्पश्चात् उत्तर पद क्रम। यह आधे-आधे मन्त्र का किया जाता है । उदाहरण के लिए देखें- ओषधयः सम्। समोषधयः। ओषधयः सम् । सं वदन्ते । वदन्ते समोषधयः। ओषधयः सम्। सं वदन्ते। वदन्ते सोमेन। सोमेन वदन्ते समोषधयः। ओषधयः सम्। सं वदन्ते। वदन्ते सोमेन। सोमेन सह। सह सोमेन वदन्ते समोषधयः। ओषधयः सम्। सं वदन्ते। वदन्ते सोमेन। सोमेन सह। सह राज्ञा। राज्ञा सह सोमेन वदन्ते समोषधयः। ओषधयः सम्। सं वदन्ते। वदन्ते सोमेन। सोमेन सह। सह राज्ञा। राज्ञेति राज्ञा। उत्तरपद क्रम - यस्मै कृणोति। कृणोति यस्मै। यस्मै कृणोति। कृणोति ब्राह्मणः। ब्राह्मणः कृणोति यस्मै। यस्मै कृणोति। कृणोति ब्राह्मणः। ब्राह्मणस्तम्। तं ब्राह्मणः कृणोति यस्मै। यस्मै कृणोति। कृणोति ब्राह्मणः। ब्राह्मणस्तम्। तं राजन्। राजंस्तं ब्राह्मणः कृणोति यस्मै। यस्मै कृणोति कृणोति ब्राह्मणः। ब्राह्मणस्तम्। तं राजन्। राजन् पारयामसि। पारयामसि राजंस्तं ब्रह्मणः कृणोति यस्मै। यस्मै कृणोति। कृणोति ब्रह्मणः। ब्राह्मणस्तम्। तं राजन्। राजन् पारयामसि। पारयामसोति पारयामसि॥ पचास दिनों में इस संहिता की 1975 कण्डिकाओं के 3988 मन्त्रों का कण्ठस्थ पाठ सम्पन्न करने वाले ब्रह्मचारी हैं श्री देवव्रत महेश रेखे। संस्कारशील वेदाध्यायी पिता के पुत्र श्री रेखे काशी में वल्लभराम शालिग्राम सांगवेद विद्यालय के छात्र हैं। उनका यह कार्य वैदिक शिक्षा एवं उसमें निहित अनुशासन का प्रमाण बना है। इस पारायण ने उन्हें प्रभूत यश दिया है। वे इसके पात्र हैं। माननीय प्रधानमन्त्री ने उनके इस कार्य की सराहना की है। मुख्यमन्त्री जी ने उन्हें सम्मानित किया है। एक अच्छे विद्यार्थी का रूप समाज के सम्मुख आया है। कुल मिलाकर यह आनन्द और आशा का संचार करने वाला प्रसंग है। तथापि, इस अहोरूपमहोध्वनिः के बाद यह सोचना बाकी रह जाता है कि वेद क्या केवल पाठ है ? लक्षात्मक वेद के कुछ हज़ार मन्त्रों का व्यवस्थित अध्ययन हो जाने पर भी यह एक व्यक्ति की उपलब्धि से अधिक कैसे चरितार्थ होगा। हमारा संविधान, हमारी सरकारें और हमारा समाज वेद को एक कुतूहल से अधिक कितना समझ पा रहा है। जागरूक लेखक Sarvesh जी ने इस सन्दर्भ की सराहना करते हुए बड़ी सच्चाई से लिखा है कि "उन्नीस साल के उस किशोर ने क्या उपलब्धि प्राप्त की है, यह स्पष्ट नहीं समझ पाया हूँ।" धर्मप्राण भारत देश अपना मूल वेदों में कहता है - 'वेदोऽखिलो धर्ममूलम्' फिर भी यहाँ बहुसंख्य जन वेदों से अपरिचित ही हैं। सोशल प्लेटफार्म पर इस अवसर का उत्सव दिखाई दे रहा है, bro और guys वाली लॉबी भी मगन है। यह सब प्रतीकात्मक रूप से तो अच्छा है, पर क्या हम वास्तव में किसी वैदिक युग में प्रवेश कर रहे हैं। श्रुति-स्मृति-पुराणेतिहास का अध्ययन-अध्यापन क्या हमारी सरकार अंगीकार करने जा रही है। स्वातन्त्र्य-पूर्व से कुल-परम्परा को नष्ट करने हेतु प्रतिबद्ध हमारी सामाजिक चेतना क्या गुरुकुलों को पुनर्जीवित करने को प्रस्तुत है। इस दण्डक्रम पारायण से जगे हुए उत्साह को देखकर यह झाग बैठ जाने की ओर भी ध्यान जाने लगता है।

  • 4 дек.14,1 тыс163

    видео или голосовое, без подписи

  • 3 дек.17,8 тыс514

    @Hindu

  • 2 дек.12,8 тыс1049

    काशी ने एक ऐतिहासिक और दिव्य क्षण का आनंद अनुभव किया— ऐसा क्षण जिसे सनातन समाज में सर्वत्र प्रचारित किया जाना चाहिए। जहाँ आधुनिक भारत के तेजस्वी वेद-तेज का उदय हुआ— देवव्रत महेश रेखेअहिल्यानगर,महाराष्ट्र) के भव्य अभिनंदन समारोह के रूप में। सिर्फ19वर्ष की आयु में इस दिव्य प्रतिभा ने दण्डक्रम वेद पारायण के अंतर्गत 🔱 25 लाख से भी अधिक पदों का 🔱 लगातार 50 दिनों तक 🔱 बिना किसी ग्रंथ का सहारा लिए, एक भी त्रुटि के बिना उच्चारण कर सनातन वेद परंपरा का मस्तक गर्व से ऊँचा कर दिया है। इस पावन क्षण में पूज्य डॉ.दिव्यचेतन ब्रह्मचारी गुरुजी की पावन उपस्थिति में 🌺 चांदी की हनुमान चालीसा 🌺 प्रभु श्रीराम का दिव्य विग्रह 🌺 माँ भगवती के प्रसाद स्वरूप चंदन-इत्र समर्पित कर उन्हें मंगल आशीर्वाद प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त,श्रृंगेरी शारदा पीठ के जगद्गुरु श्री शंकराचार्य जी की ओर से 🌟 स्वर्ण कड़ा 🌟 ₹1,00,000 की आशीर्वाद-राशि भेंट की गई — जो इस अद्भुत युवक की साधना, वेदनिष्ठा और अनुशासन की सर्वोच्च पुष्टि है। यह सम्मान किसी एक साधक का नहीं, बल्कि सनातन वेद संस्कृति के पुनरुत्थान का वैश्विक उद्घोष है। 🚩🚩 हर हर महादेव 🚩🚩 @Hindu

Hindu 🚩 — tgindex