tgindex
Vishal Thakkar️🇮🇳🚩

Vishal Thakkar️🇮🇳🚩

Статистика

Nationalist | News Savvy | Fact Reader | Data Analyst | Statistics Observer | History & Politics | Jai Hind ! 🇮🇳

Последний пост
05:21
Последнее чтение
20:50
Постов за неделю
142
Всего постов
432
Тип
открытый
Язык
английский
Категория
Политика
В каталоге с
12 авг.
Подписчики
452
0 за 5 дн.
Сутки
0
0,00%
Неделя
 
Месяц
 
Просмотров на пост
113
40 постов
Вовлечённость
25,0%
к подписчикам
Постов в день
20,3
всего 432
Упоминаний
0
каналов
Охват размещения
оценка
1/24сутки в ленте
87
1/48двое суток
99
1/72трое суток
107

Оценка по просмотрам недавних постов: пост набирает почти всё за первые сутки.

Посты

  • शुभ प्रभात 💐 यदग्रे चानुबन्धे च सुखं मोहनमात्मन: । निद्रालस्यप्रमादोत्थं तत्तामसमुदाहृतम् ॥ 18-39|| ~ मोक्ष संन्यास योग जो सुख आदि से अंत तक आत्मा को आच्छादित करता है और जो निद्रा, आलस्य और असावधानी से उत्पन्न होता है वह तामसिक सुख कहलाता है। तामसिक सुख निम्न कोटि का और प्रारंभ से अंत तक मूर्खता से परिपूर्ण होते हैं। यह आत्मा को अज्ञानता के अंधकार में धकेलता है। चूँकि इनसे सुख की थोड़ी सी अनुभूति होती है अतः लोग इसमें आसक्त हो जाते हैं। इसी कारण से धूम्रपान करने वाले यह जानते हुए कि यह उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, उन्हें धूम्रपान की लत को छोड़ना कठिन लगता है। वे इस व्यसन से प्राप्त होने वाले सुख को त्यागने में असमर्थ रहते हैं। श्रीकृष्ण कहते हैं कि ऐसे सुख जो निद्रा, आलस्य और असावधानी से उत्पन्न होते हैं वे तामसिक प्रकृति के होते हैं। जय हिन्द 🇮🇳

  • 20:367820

    झारखण्ड में छात्र आंदोलन की बड़ी जीत.... झारखण्ड सरकार ने परीक्षा को रद्द कर दिया है..... जिनका selection हुआ, वह भी रद्द हुआ. झारखण्ड के छात्रों ने दिखाया है... आंदोलन कैसे होते हैं. ना किसी को गाली दी.. सा असभ्यता दिखाई... ना असामाजिक तत्वों को मंच पर जगह दी... ना देश तोड़ने के नारे लगाए... ना आतंकियों के समर्थन में नारे लगाए.. ना पुलिस और RAF वालों को पीटा.... और ना ही सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया. अंततः उनकी जीत हुई. यही हैं असली छात्र.... यही हैं असली Gen Z

  • 20:357411

    Gurugram-based electronics manufacturer Amber Enterprises will start producing devices for Oppo, OnePlus and Realme in 2027, targeting around 8 million units in its first year of operations. Its trial production is expected to begin in the fourth quarter of FY27, and commercial production in the first quarter of FY28, as shared by Executive Chairman and CEO Jasbir Singh during the company's earnings call. The company is expecting to nearly double the production to 15-16 million units in the second year. "Our group is set to foray into mobile phones through a manufacturing collaboration agreement with Oppo Mobiles India. The scope covers three brands, Oppo, OnePlus and Realme," Singh said. "On the scale front, we expect to begin with around 8 million units in the first year, followed by a calibrated phase-wise ramp-up, and expect to double to almost 15-16 million in the second year of operations," he said.

  • 20:357113

    मोदी जी ने तीर छोड़ा.... अब कुछ दिमागी नक्सली इसे अपने पिछवाड़े में डाल रहे हैं 🤣🤣

  • 20:357014

    छोड़ दिये इफ्तारी, भूल गए सलाम 🤲 जागते सोते अब याद आ रहे हैं जय श्री राम 🚩 ज़िन्दगी भर किये अली अली अली अली ⛪ जब फ़टी तो याद आ रहे हैं बजरंगबली 🚩

  • 20:356613

    भारत सरकार और सभी एजेंसीयों ने मिल कर एक शानदार Operation में ISI पोषित शहज़ाद भट्टी आतंकी network को पूरी तरह ख़त्म कर दिया. 200 से ज्यादा आतंकी पकडे गए हैं..... जो 15 अगस्त के दिन आतंकी हमला करने की तैयारी करके बैठे थे. 14 राज्यों में यह operation चला.. जिसमे. केंद्रीय और राज्यों की सुरक्षा एजेंसीयों और पुलिस ने पूरा सहयोग किया..... और बिना किसी अप्रिय घटना के कई बड़े Potential आतंकी हमलों को घटने से पहले ही रोक दिया गया.

  • 20:356919

    This is what was keeping Amit Shah busy as biggest ever terror module had to be busted. The plans were all laid out with plans to do massive terror attacks all across India to coincide with Cockroaches protest which would culminate in anarchy. We still haven’t been told who was orchestrating all of it and AaPiya Dimagi naxals were part of this or just their plans of anarchy was implanted by these terrorists. Brave Punjab police officer already alerted us of that possibility and arrested few terrorists but AAP govt of Punjab removed him as their movement or plan got busted. Now Amit Shah is a man who likes to work in shadows. He didn’t make any statement during this whole cockroach thing and Pappu going berserk on him. He knew he was onto something big here and this is genuinely big. 253 terrorists caught all in one stroke, no one leaked the plans, no one had an inkling what was being done in background. Expect Cockroaches and Conglus to go crazy now. 253 terrorists is massive asset for anti India forces and them getting busted in one go is going to cripple Islamist terrorist networks big time. After cleaning Naxals, I think Amit Shah has put his radar on Islamists and dimagi naxals. You can’t build a nation without cleaning up termites. 253 have been busted. More will fall in hands of Indian forces soon.. Jai ho indigenous Facial identification software aur Junaid ki Biryani ki talab.. .. .

  • 20:346811

    Important Post - Details Below

  • 20:346812

    …भाजपा की नई टीम • भाजपा युवामोर्चा अध्यक्ष: हेमांग जोशी • भाजपा उपाध्यक्ष: 1) राम माधव 2) पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे सिन्धिया 3) श्रीमती डी° पुरन्देश्वरी 4) पूर्व मुख्यमंत्री तीर्थ सिंह रावत 5) श्रीमती रेखा वर्मा 6) वैजयंत जय पाण्डा 7) एम° नागराज 8) लाल सिंह आर्य 9) श्रीमती वर्षा बेन दोशी 10) श्रीमती मधुचंद्र कर 11) मनप्रीत सिंह बादल 12) श्रीमती भारती पवार • भाजप कोषाध्यक्ष: पीयूष गोयल • भाजप सह-कोषाध्यक्ष: राजेश मंगल • संगठन महामंत्री: बी° एल° सन्तोष • संगठन सह-महामंत्री: सौदान सिंह • संगठन सह-महामंत्री: शिवप्रकाश • राष्ट्रीय महासचिव: 1) विनोद तावड़े 2) सुनील बंसल 3) हरीश द्विवेदी 4) सतीश पुनिया 5) संजय भाटिया 6) पूर्व मुख्यमंत्री विप्लव कुमार देव 7) स्मृति ईरानी 8) गजेन्द्र पटेल • राष्ट्रीय सचिव: 1) के° सुरेन्द्रन 2) एम° वैंकटेशन 3) कविता पाटीदार 4) भोला सिंह 5) संदीप पाठक 6) स्वदेश सिंह 7) रोहन गुप्ता 8) संगीता यादव 8) प्रदीप वर्मा 10) जगदीश पटेल 11) मनोज तिग्गा 12) सिद्धार्थ शम्भू 13) मृगांका देव वर्मन 14) जय प्रकाश 15) फांग्नोन कोन्यक • राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी: तरुण चुघ • राष्ट्रीय मुख्यालय मंत्री: महेन्द्र नाथ पाण्डेय • प्रकोष्ठ संकुल संयोजक: विष्णु दत्त शर्मा • प्रकोष्ठ संकुल सह-संयोजक: विष्णु वर्धन रेड्डी • प्रकोष्ठ संकुल सह-संयोजक: ऋतुराज सिन्हा • महिला मोर्चा अध्यक्ष: रूप कुमारी चौधरी • किसान मोर्चा अध्यक्ष: बंसीलाल गुर्जर • ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष: अमरपाल मौर्य • SC मोर्चा अध्यक्ष: शिवेश कुमार राम • ST मोर्चा अध्यक्ष: मन्नालाल रावत • पूर्वोत्तर भारत संयोजक: सम्बित पात्रा • पूर्वोत्तर भारत सह-संयोजक: राजीव बब्बर • मीडिया संयोजक: अनिल बलूनी • मीडिया सह-संयोजक: सिद्धार्थ यादव • मीडिया सह-संयोजक: प्रदीप भण्डारी • आईटी सेल प्रमुख: दीपक म्हस्के • आईटी सेल सह-प्रमुख: अरुण यादव • आईटी सेल सह-प्रमुख: शिवानन्द द्विवेदी • आईटी सेल सह-प्रमुख: आलोक भट्ट • आईटी सेल सह-प्रमुख: प्रीति गांधी Dev

  • 20:346916

    अमित मालवीय को BJP IT सेल प्रमुख के पद से हटाया गया, दीपक म्हास्के बने BJP IT सेल के नए प्रमुख। सही निर्णय

  • без подписи

  • 20:347312

    वंदे मातरम पर कांग्रेस का आधिकारिक बयान आ चुका है. वंदे मातरम में शुरू का छंद ही देशप्रेम वाला है बाकी सारे छंद लडाऊ भड़काऊ है इसीलिए कांग्रेस पार्टी सबको साथ लेकर चलती है तो हम भड़काऊ और लड़ाकू छंद का पाठ नहीं करेंगे। वहीं कुछ को अपने मजहब के कारण वन्दे मातरम् नहीं गाना है. और यही तो सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी ने भी किया था 15 अगस्त को.... वन्दे मातरम् को रोकने की कोशिश की थी. यह लोग दिमागी नक्सली हैं.

  • 10:1512620

    In 1951, India was the ninth biggest car producing country in the world. But by 1959, India was pushed out of the top ten list. Thank you Jawaharlal Nehru! It took India 48 more years to get back to the top ten list. Reached the 4th rank on 2024 🏆

  • 10:1512714

    SC ने आय से अधिक संपत्ति मामले में राहुल गांधी के खिलाफ HC की सुनवाई पर रोक लगाई

  • 10:1512412

    AI can be used to track people's locations through their social media photos - McAfee भाई कितनी बचकानी बात कही है....... केवल location नहीं... सब कुछ track किया जा सकता है..... आपने क्या खाया, क्या पिया, कहाँ गए, क्या खरीदा, कितने बजे सोये, कितने बजे उठे, क्या chat किया, क्या बात की....किससे की.... क्या Transaction किया... कहाँ से किया....कितनी सैलरी आई.. कितनी खर्च हुई.... कितना उधार है... कितनो से loan लिया है.. चुकाते हो या नहीं.... क्या सोच रखते हो.. किस भगवान को पूजते हो.. किस पार्टी के समर्थक हो.. किस जाति के हो.. किस जाति के समर्थक हो.. क्या विचारधारा है. यह सब पता लग जाता है... Social मीडिया, AI और Social Engineering के उपयोग से.

  • 06:33125191

    इसीलिए, ऐसा नहीं है कि मोदी जी किसी ग्रुप को दबाने या बदला लेने के लिए ऐसी फोर्स बना रहे हैं बल्कि गृह मंत्रालय के मौजूदा आँकड़ों के मुताबिक़ Civil Defence की Sanctioned strength 14 लाख 11 हज़ार है. इस वक़्त Raised strength 5 लाख 38 लाख है. मतलब आसानी से 10 लाख सिविल डिफेंस volunteers की भर्ती हो सकती है. और, ये बिल्कुल मॉडर्न तरीक़े से डेवलप होगी. और, ये फोर्स आए दिन होने वाले शाहीन बाग आंदोलन, फर्जी खिसान आंदोलन, कोचिंग आन्दोलन, ये आंदोलन, वो आंदोलन आदि से निपटा करेगी. जय महाकाल...!!!

  • 06:3312417

    सोशल मीडिया पर एक बात अक्सर लिखी जाती है कि वर्तमान मोदी सरकार भीड़तंत्र से निपटने में अक्षम रहती है और उसके सामने झुक जाती है. जिसके जबाब में हम जैसे राष्ट्र्वादी खेमे का ये मानना होता है कि सरकार भीड़तंत्र के सामने नहीं झुकती है बल्कि हम भीड़तंत्र के सामने झुक जाते हैं. इसके अलावा एक ये सवाल भी जोर-शोर से उठायी जाती है कि अगर कटेशर सड़क पर उतर कर उपद्रव करने लगे तो फिर क्या होगा ? क्या कोई सरकार उससे निपट पाएगी ?? ऐसे में सरकार तो चलो... अपने नागरिकों पर डंडा या बुलडोजर नहीं चढ़ा सकती है क्योंकि ऐसा करने पर हंगामा मचने लगेगा कि.... देखो, सरकार ने महिलाओं को मार दिया, बच्चों को मार दिया, किसानों को मार दिया, विद्यार्थियों को मार दिया. लेकिन, डिस्टरबिंग एलिमेंट्स को आम जनता तो कूट ही सकती है. क्योंकि, ऐसा होने पर कहीं कोई खबर नहीं बननी है. जैसे कि, उदाहरण के लिए मान लो कि... शाहीन बाग का तमाशा महीनों तक चला था और वहाँ के लोकल लोग उस रास्ते के बजाए 15 किलोमीटर दूर घूम कर जाना करते रहे... लेकिन, कभी उसका विरोध नहीं किया कि... अरे, ये सड़क पर से मजमा हटाओ... हमको आने-जाने में दिक्कत होती है. उसी तरह यदि ऐसा ही खिसान आन्दोलन में भी यदि लोग विरोध करते तो वो मजमा 10 दिन में ही सिमट जाता. अगर आपको लगता है कि ये काल्पनिक बातें हैं तो आप ऐसा करो कि 100-50 आदमी जुटा कर कभी किसी मुसरिम बस्ती के मुख्य सड़क को बंद करके धरने पर बैठ जाओ. फिर देखो कि.... सड़क खुलवाने पुलिस पहले आती है या बस्ती के लोग आते हैं. खैर... मोदी सरकार भी अपने लोगों का स्वभाव और क्षमता पहचानती है. इसीलिए, इस 15 अगस्त को लाल क़िले से इसके निपटारे का भी एलान हो गया. बस ज़्यादातर लोग इस एलान को समझ ही नहीं पाए. अब मोदी जी ने घोषणा कर दी है कि नए ज़माने के नए दिमाग़ी नक्सल से निपटने के लिए एक नई तरह की फ़ोर्स बनेगी. जिसे Civil Defence Force कहा जायेगा. इस बारे में बताते हुए मोदी जी ने कहा : पुरानी फ़ोर्स पुराने ज़माने के आधार पर बनी थी. वो चीन से युद्ध के बाद बनी थी और अब नई फ़ोर्स नए ख़तरे को देखकर बनेगी. इस फोर्स में हर शहर से लड़के लड़कियां रहेंगे. हर महीने पैसे और फोर्स वाली पावर. तथा, इनकी संख्या लाखों में होगी. इन्हें civil डिफेंस volunteers कहा जाएगा.. जिन्हें सरकार प्रति दिन के हिसाब से पैसे देगी. एक वोलेंटियर को महीने में पांच हजार से 25 हज़ार रुपए तक मिलेंगे. ये ज़िले के डीएम के अंडर काम करेंगे. जिसमें NCC, Scouts और संघ की शाखा से आए Gen Z को मौका मिलेगा. जिन्हें बक़ायदा ऐसे हालात से निपटने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी. और, ट्रेनिंग के दौरान भी इन्हें पैसे मिलेंगे. ये फ़ोर्स बहुत कुछ होमगार्ड की तरह होगी या इज़राइल के होम फ्रंट कमांड की तरह. अब सवाल है कि इस फोर्स का काम क्या होगा ? और, क्या ये गांव गाँव में तैनात होगी ? क्या ये ‘शाहीन बाग’ जैसे हालात से निपट लेगी ? क्या ये अमित शाह के अंडर काम करेगी ? 1. इज़रायल में होम फ्रंट कमांड और नेशनल मैनेजमेंट अथॉरिटी NEMA है. हमारे यहां सिविल डिफेंस corps , NDMA, SDMA और DDMA है. भारत में चीन युद्ध के बाद Civil Defence act 1968 बना. बाद में संशोधन कर इसमें disaster management भी जोड़ा गया. मोदी सरकार इसी में बदलाव करेगी. ‘दिमाग़ी नक्सल’ के इलाज के लिए अब Civil Defence volunteers force बनाया जाएगा. जो होमगार्ड की तरह नहीं बल्कि इज़रायल के होमफ्रंट और NEMA की तरह चुस्त दुरुस्त और मॉडर्न होगी. और, सबसे महत्वपूर्ण कि... युद्ध अब केवल सीमा पर नहीं लड़ा जाएगा बल्कि रिफाइनरी, बैंकिंग सिस्टम, डाटा सेंटर, फ़ैक्टरियाँ और क्रिटिकल infrastructure भी निशाना बन सकती हैं. इसीलिए, ऐसे चुनौती से निपटने के लिए होमगार्ड जैसी सिविल डिफेंस फ़ोर्स तो नहीं चलेगी... बल्कि, इज़रायल जैसा ही मॉडल चलेगा. गांव, ब्लॉक, फिर ज़िला , राज्य और फिर नेशनल नेटवर्क. ऐसे सिविल फोर्स बनाने की तैयारी है. इसे ऐसे समझिए कि.... जैसे इस वक्त डिजास्टर मैनेजमेंट NDMA से DDMA मतलब डिस्ट्रिक्ट तक है वैसे ही विलेज सिविल डिफेंस volunteers फोर्स , District सिविल डिफेंस volunteers फोर्स और फिर स्टेट सिविल डिफेंस volunteers फोर्स एंड नेशनल सिविल डिफेंस volunteers फ़ोर्स का गठन होगा. ऐसा नहीं है कि जंतर मंतर के बाद इसे बनाने का फैसला हुआ. बल्कि, मोदी जी के दिमाग में ये बात ऑपरेशन सिंदूर के वक्त आई. जब बरसों बाद सिविल डिफेंस corps को एक्टिव किया गया. 244 ज़िलों में ये हुआ और तब कमियाँ दिखाई दी. modern conflicts में equipment से लेकर communication और मैनपावर सबकी कमी दिखी.

  • 06:331151

    без подписи

  • 06:33115171

    2009 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि नक्सलवाद सबसे बड़ा Internal Threat है. फिर 2013 में, कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि माओवादी/नक्सली समाज के विभिन्न वर्गों को लामबंद करने के लिए जनसंगठनों का इस्तेमाल कर रहे थे। कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार ने कहा था कि इनमें से कुछ संगठन मानवाधिकार NGOs की आड़ में काम करते थे और इनमें विचारधारा से प्रभावित लोग, शिक्षाविद और कार्यकर्ता शामिल थे। UPA के गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बकायदा documents submit करवाये थे इस बाबत. यानी, कांग्रेस भी “अर्बन नक्सल” या “दिमागी नक्सल” की अवधारणा से अवगत थी। आज जब “दिमागी नक्सल” शब्द का इस्तेमाल किया जाता है, तो वही कांग्रेस इस पर नाराज़ हो जाती है। आज कांग्रेस के बड़े बड़े नेता सीना ठोक कर कह रहे हैं... कि हम हैं Urban नक्सल.. हम है दिमागी नक्सल. कांग्रेस, जो भारत की सबसे पुरानी राजनैतिक पार्टी है... वह अब नक्सलियो का अड्डा बन चुकी है..... और अब कांग्रेस ही भारत के लिए सबसे बड़ा Internal Threat बन चुकी है.

  • 06:3311321

    "जनाब आपने इतने ब्रह्मोस बरसा दिए हम पर, अब तो आपके दिल को तसल्ली हो गयी होगी... मेहरबानी करके रोक दीजिये अब" जी हाँ यही शब्द थे पाकिस्तानी फ़ौज के DGMO के जब उसने भारत के DGMO राजीव घई साहब से ब्रह्मोस की बारिश रोकने की इल्तिजा की और ये बात कोई न्यूज़ चैनल की ब्रेकिंग या नेता का भाषण नहीं, खुद लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताई है सच कहूँ तो मोदी जी ने जो कहा कि ऑपरेशन सिंदूर बस ट्रेलर है... पूरी फिल्म देखनी हो तो फिर ट्रॉय करना साहब ट्रेलर ही इतना कड़क था कि अब तक लंबर वन आर्मी की पतलूनें न सूखीं 🤣🤣🤣