PRAYAGRAJ EXPRESS
Статистикаकर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। - 2:47 भागवत गीता
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BSNL का नया ऑफर, ₹1 में SIM! BSNL ने ₹1 में SIM देने की घोषणा की है। 12 तारीख से अगले 12 तारीख तक 1 महीने की अवधि में 24 दिनों तक 1GB डेली डेटा, 100 SMS और अनलिमिटेड कॉलिंग देने की बात कही गई है। इसके साथ ही ₹1111 का नया FTTH प्लान भी लाने की जानकारी है, जिसमें 200 Mbps स्पीड, 27 OTT प्लेटफॉर्म और अनलिमिटेड कॉलिंग शामिल होगी। 15 अगस्त से सैटेलाइट फोन सेवा शुरू करने की भी तैयारी बताई गई है। अगर ये ऑफर इसी तरह लागू होते हैं, तो BSNL की वापसी और भी दमदार हो सकती है।
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक होटल में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अधिशासी अभियंता (XEN) उदय प्रताप को एक महिला के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़े जाने का मामला सामने आया है। महिला के पति की सूचना पर पुलिस होटल पहुंची और दोनों से पूछताछ की। घटना…
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक होटल में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अधिशासी अभियंता (XEN) उदय प्रताप को एक महिला के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़े जाने का मामला सामने आया है। महिला के पति की सूचना पर पुलिस होटल पहुंची और दोनों से पूछताछ की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, उदय प्रताप वर्तमान में गोंडा में तैनात हैं। महिला पहले बांदा जिले में उनके कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्य कर चुकी है। आरोप है कि बांदा में तैनाती के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। ट्रांसफर के बाद भी संपर्क बना रहा। उदय प्रताप ने महिला को लखनऊ बुलाया और खुद गोंडा से यहां पहुंच गए। दोनों होटल कॉन्टिनेंटल (गोमतीनगर) के कमरे में मौजूद थे। कुछ रिपोर्ट्स में कमरा नंबर 203 का जिक्र किया गया है। महिला के पति को दोनों के होटल में होने की जानकारी मिली। उन्होंने होटल पहुंचकर जमकर हंगामा किया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और अधिशासी अभियंता तथा महिला से पूछताछ की। इस दौरान होटल में हड़कंप मच गया। अधिशासी अभियंता उदय प्रताप का पक्ष सामने आया है। उन्होंने कहा कि वायरल किया जा रहा वीडियो पुराना है। बांदा में तैनाती के दौरान लखनऊ में एक प्रेजेंटेशन था, जिसमें मदद के लिए उन्होंने अपनी कंप्यूटर ऑपरेटर को साथ लाया था। तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। पुलिस ने महिला के पति द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच शुरू कर दी है। कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि गोमतीनगर पुलिस के सामने दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। फिलहाल कोई FIR दर्ज होने या गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बिजली विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों ने विभागीय जांच शुरू कर दी है। जांच में यह देखा जा रहा है कि महिला को लखनऊ बुलाने का कारण क्या था और होटल में दोनों की मौजूदगी किन परिस्थितियों में हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। कई अकाउंट्स पर वीडियो और पोस्ट्स वायरल हो रहे हैं, जिनमें होटल में हंगामे और पुलिस की मौजूदगी के दृश्य हैं। मामला अभी जांच के अधीन है। पुलिस और विभाग दोनों की तरफ से विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है।
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उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में आज (11 अगस्त 2026) स्कूली बच्चों (जेन अल्फा) ने कच्ची/खराब सड़क की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। कुरारा ब्लॉक की ग्राम पंचायत चंदूपुर से जुड़े आधा दर्जन डेरों (मंगला का डेरा, बच्ची का डेरा, गंगवा का डेरा आदि)…
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में आज (11 अगस्त 2026) स्कूली बच्चों (जेन अल्फा) ने कच्ची/खराब सड़क की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। कुरारा ब्लॉक की ग्राम पंचायत चंदूपुर से जुड़े आधा दर्जन डेरों (मंगला का डेरा, बच्ची का डेरा, गंगवा का डेरा आदि) के लगभग 300 स्कूली बच्चे (ज्यादातर प्राइमरी स्कूल के) और 100 के आसपास अभिभावक हाथों में तिरंगा और बैनर लेकर लगभग 5-6 किलोमीटर पैदल मार्च करके कलेक्ट्रेट पहुंचे। दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर जुलूस निकाला। उनका मुख्य मुद्दा स्कूल आने-जाने के लिए पक्की सड़क बनवाना था। समस्या क्या है? - क्षेत्र में करीब 3,000 लोगों की आबादी कच्चे रास्ते पर निर्भर है। - बारिश में रास्ता कीचड़ और दलदल बन जाता है, स्कूल यूनिफॉर्म गंदी हो जाती है, बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते, और बीमारों को अस्पताल ले जाना भी मुश्किल हो जाता है। - वन विभाग ने वैकल्पिक रास्ता भी बंद कर दिया है। - 3 जुलाई को भी प्रदर्शन हुआ था, जिसके बाद सिर्फ मिट्टी डलवा दी गई। बारिश आते ही फिर वही हाल हो गया। आश्वासन पूरा न होने से नाराजगी थी। बच्चे डीएम कार्यालय (निजी प्रवेश द्वार समेत) में घुसने की कोशिश करते दिखे। पुलिस और प्रशासन (एसडीएम सदर अभिषेक कुमार, सीओ यशपाल सिंह आदि) ने उन्हें गेट पर रोका, कुछ बच्चों को पकड़कर बाहर निकाला। इसके बाद बच्चे गेट पर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी की। प्रदर्शन कुछ देर चला। यह घटना वायरल हो रही है क्योंकि छोटे स्कूली बच्चों ने खुद तिरंगा लेकर प्रशासन के सामने अपनी मांग रखी। कई खबरों में इसे ‘जेन अल्फा का हल्लाबोल’ या ‘जेन-जी के बाद जेन अल्फा’ के रूप में पेश किया जा रहा है। अभी तक स्थायी समाधान (पक्की सड़क निर्माण) की आधिकारिक घोषणा की पुष्टि बड़े स्तर पर नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर नजर है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के छह शहरों में अग्निवीर भर्ती रैलियां आयोजित की जाएंगी। यह प्रदेश में तीसरी अग्निवीर भर्ती रैली है, जो 17 अगस्त 2026 से शुरू होकर अप्रैल 2027 तक चलेगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सोमवार को लोक भवन में इसकी तैयारियों की समीक्षा की और अभ्यर्थियों की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भर्ती रैलियों का सिलसिला मेरठ से शुरू होगा। छह जिलों में निर्धारित कार्यक्रम इस प्रकार है: - मेरठ: 17 अगस्त से 9 सितंबर 2026 - बरेली: 14 सितंबर से 30 सितंबर 2026 - लखनऊ: 11 जनवरी से 28 जनवरी 2027 - वाराणसी: 2 फरवरी से 27 फरवरी 2027 - आगरा: 4 मार्च से 24 मार्च 2027 - अयोध्या: 29 मार्च से 14 अप्रैल 2027 मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती स्थलों पर अभ्यर्थियों को कोई असुविधा न हो। आवागमन, ठहरने की व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सेवाएं, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात की पुख्ता व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। आकस्मिक स्थितियों के लिए मेडिकल सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। अग्निवीर भर्ती के पात्रता मानदंड: अग्निवीर पदों के लिए अभ्यर्थियों को निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी। आयु सीमा सामान्यतः 17½ से 21-22 वर्ष के बीच है (जन्म तिथि आमतौर पर 1 जुलाई 2005 से 1 जुलाई 2009 के बीच)। अभ्यर्थी भारतीय नागरिक और अविवाहित होने चाहिए। शैक्षिक योग्यता- पद के अनुसार अलग-अलग है: - जनरल ड्यूटी (GD): कक्षा 10वीं में कुल 45% अंक तथा प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33% अंक। - टेक्निकल: 10+2 (विज्ञान) में भौतिकी, गणित, अंग्रेजी के साथ कुल 50% अंक तथा प्रत्येक में 40% अंक (या समकक्ष ITI/डिप्लोमा)। - क्लर्क/स्टोर कीपर तकनीकी: 10+2 किसी भी स्ट्रीम में कुल 60% अंक तथा प्रत्येक विषय में 50% अंक (अंग्रेजी व गणित/अकाउंट्स में 50% अनिवार्य)। - ट्रेड्समैन: कक्षा 10वीं (कुछ ट्रेड के लिए 8वीं) पास। शारीरिक मानक (पुरुष अभ्यर्थियों के लिए, क्षेत्र के अनुसार भिन्न): - ऊंचाई: जनरल ड्यूटी/टेक्निकल/ट्रेड्समैन के लिए न्यूनतम 170 सेमी, क्लर्क के लिए 162 सेमी। - सीना: न्यूनतम 77 सेमी (बिना फुलाए) + 5 सेमी विस्तार। - वजन: ऊंचाई और आयु के अनुपात में। रैली स्थल पर शारीरिक दक्षता परीक्षण (1.6 किमी दौड़, पुल-अप्स आदि) और मेडिकल परीक्षा भी अनिवार्य है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर नवीनतम अधिसूचना और कॉल लेटर की नियमित जांच करते रहें। मुख्य सचिव ने जोर दिया कि भर्ती प्रक्रिया से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि युवाओं को सेना में शामिल होने का यह अवसर सुचारू रूप से मिल सके।
उत्तर प्रदेश: प्रयागराज में फर्जी डिग्री घोटाला: 105 वकीलों पर कार्रवाई, 39 FIR दर्ज; UGC ने 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी की। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की शिकायत पर पुलिस ने फर्जी एलएलबी मार्कशीट और डिग्री के आधार पर नामांकन कराने तथा सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस (COP) हासिल करने के आरोप में 105 वकीलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले तीन दिनों में सिविल लाइंस थाने में इनमें से 39 अधिवक्ताओं पर अलग-अलग FIR दर्ज की जा चुकी हैं। बाकी के खिलाफ भी जल्द मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के 3 जून 2026 के आदेश के बाद सामने आया है। कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को निर्देश दिया था कि जिन अधिवक्ताओं की डिग्री सत्यापन में फर्जी पाई जाए, उनके खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कराई जाए। बार काउंसिल सचिव आरके शुक्ला ने 105 ऐसे वकीलों की सूची पुलिस को सौंपी है। सत्यापन के दौरान ज्यादातर मामलों में एलएलबी डिग्री फर्जी पाई गई (लगभग 65 मामले), जबकि कई में ग्रेजुएशन, इंटरमीडिएट और हाईस्कूल के प्रमाणपत्र भी नकली निकले। सिविल लाइंस थाना प्रभारी रामाश्रय यादव ने बताया कि हर मामले में अलग FIR दर्ज की जा रही है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336 और 340 के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने के आरोप लगाए गए हैं। इनमें से कई अधिवक्ता प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशाम्बी, सहारनपुर, लखनऊ, कानपुर, मथुरा, गाजियाबाद समेत विभिन्न जिलों से हैं। कुछ नामजद अधिवक्ता: शुरुआती FIR में शामिल नामों में सुनील कुमार अवस्थी (लखनऊ), नफीजुल हसन सिद्दीकी (लखनऊ), शोभित कुमार यादव (हरदोई), पंकज कुमार (कानपुर), जय नारायण कटियार (कानपुर), नफीस अहमद (गौतमबुद्धनगर), देवेश कुमार (गोरखपुर), श्याम सिंघल और पवन हिंदोल (मथुरा), दीपक कश्यप (सहारनपुर), अभय सक्सेना (गाजियाबाद), सत्यम मिश्रा (प्रतापगढ़), अमर सिंह यादव (कौशाम्बी), माता प्रसाद पाण्डेय और रामप्रकाश पाण्डेय (प्रतापगढ़) शामिल हैं। कई मामलों में इलाहाबाद विश्वविद्यालय, श्रीधर विश्वविद्यालय (पिलानी), स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों की कथित फर्जी डिग्री सामने आई हैं। UGC की फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची: इसी बीच विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने फरवरी 2026 तक की अपडेटेड सूची जारी की है, जिसमें देशभर के 32 संस्थानों को फर्जी विश्वविद्यालय घोषित किया गया है। इनसे ली गई कोई भी डिग्री मान्य नहीं है। दिल्ली में सबसे ज्यादा 12, उत्तर प्रदेश में 4, जबकि आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में दो-दो संस्थान शामिल हैं। उत्तर प्रदेश के फर्जी घोषित संस्थानों में गांधी हिंदी विद्यापीठ (प्रयाग), नेताजी सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी (अलीगढ़), भारतीय शिक्षा परिषद (लखनऊ) और महामाया टेक्निकल यूनिवर्सिटी (नोएडा) शामिल हैं। दिल्ली के प्रमुख नामों में कमर्शियल यूनिवर्सिटी, यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी, ADR-सेंट्रिक ज्यूरिडिकल यूनिवर्सिटी और आध्यात्मिक विश्वविद्यालय आदि हैं। UGC ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि प्रवेश से पहले आधिकारिक वेबसाइट (ugc.gov.in) पर संस्थान की मान्यता जरूर जांच लें। फर्जी डिग्री वाले मामलों में कानूनी कार्रवाई का सिलसिला जारी है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
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प्रयागराज में अतीक अहमद के बेटे के समर्थकों पर FIR लखनऊ जेल से लाते समय उमर अहमद की प्रिज़न वैन के पीछे चल रहे समर्थकों पर नवाबगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोप है कि गाड़ियों के काफिले में शामिल समर्थकों ने टोल देने से इनकार कर दिया और जबरन टोल प्लाजा का बैरियर तोड़कर निकल गए. पुलिस ने टोल मैनेजर की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए गाड़ियों व आरोपियों की पहचान की जा रही है.
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