tgindex
संस्कृत संवादः । Sanskrit Samvadah

संस्कृत संवादः । Sanskrit Samvadah

Статистика
@samvadahКнигифранцузский

Largest Online Sanskrit Network Our Links – https://t.me/samvadah/11287 Linked group @samskrta_group News and magazines @ramdootah Super group @Ask_sanskrit Sanskrit Books @GranthaKutee

Последний пост
15 авг.
Последнее чтение
15 авг.
Постов за неделю
42
Всего постов
98
Тип
открытый
Язык
французский
Категория
Книги
В каталоге с
13 авг.
Подписчики
6 225
+1 за 2 дн.
Сутки
0
0,00%
Неделя
 
Месяц
 
Просмотров на пост
172
40 постов
Вовлечённость
2,8%
к подписчикам
Постов в день
6,0
всего 98
Упоминаний
5
каналов
Охват размещения
оценка
1/24сутки в ленте
215
1/48двое суток
246
1/72трое суток
265

Оценка по просмотрам недавних постов: пост набирает почти всё за первые сутки.

Посты

  • видео или голосовое, без подписи

  • 15 авг.921из Rich Text Bot (Beta)

    видео или голосовое, без подписи

  • видео или голосовое, без подписи

  • видео или голосовое, без подписи

  • видео или голосовое, без подписи

  • видео или голосовое, без подписи

  • видео или голосовое, без подписи

  • Live stream started

  • 15 авг.143из ramdootah

    #AkashVani

  • @samvadah organises संलापशाला - A Sanskrit Voicechat Room 🔰विषयः  कच्चित्सर्गः अयोध्याकाण्डम् 🗓१५/०८/२०२६ ॥ IST ११:०० AM    🔴 It's recording would be shared on our channel. 📑कृपया दैववाचा चर्चार्थं व्याकरणभावाभ्यां सह श्लोकः वक्तव्यः इत्येतं विषयम् अभिक्रम्य आगच्छत। https://t.me/samvadah?livestream पूर्वचर्चाणां सङ्ग्रहः अधोदत्तः https://archive.org/details/samlapshala_

  • स्वविवाहोत्सवे विवाहात् प्राक् विद्याधरो मञ्चे स्थित्वा उच्चैः घोषणां कृत्वा अवदत्। अस्मिन् विवाहे यदि कस्यचित् काचिद् आपत्तिः स्यात् तर्हि सः इदानीमेव स्वकीयाम् आपत्तिं वक्तुं शक्नोति। तस्मिन्नेव काले पृष्ठतः काचित् सुन्दरी महिला अङ्के शिशुं नीत्वा स्थिता आसीत्। सा विद्याधरस्य भाषणं श्रुत्वा मञ्चस्य समीपम् आगच्छत्। तां महिलां दृष्ट्वा तत्र उपस्थिताः सर्वे जनाः अतीव विस्मिताः अभवन्। मञ्चस्य समीपे तां महिलां दृष्ट्वा कुपिता च भूत्वा कन्या विद्याधराय महतीं चपेटिकाम् अददात्। तदानीं कन्यायाः पिता भुशुण्डीम् आनेतुं शीघ्रं गृहं प्रति अधावत्। कन्यायाः माता च मूर्च्छिता भूत्वा भूमौ अपतत्। अथ च सर्वाः श्याल्यः विद्याधरं प्रति दुर्वचनानि अवदन्। तत्र घटितां तां सहसा विकृतां घटनां दृष्ट्वा विद्याधरः तां महिलाम् अत्यन्तं विनयेन अपृच्छत्। किम् अभवत्। किमर्थं भवती अत्र आगतवती इति। सा महिला तदा प्रत्यवदत्। अहं पृष्ठतः आसम्। तत्र व्यजनं नास्ति अतीव घर्मश्च वर्तते। अपिच भवतः भाषणमपि पृष्ठतः सम्यक् न श्रूयते स्म तस्मात् अहं भवतः पुरतः आगतवती इति। #hasya

  • १। सहसा हृद्गतम् उक्त्वा सा सलज्जं विरराम। • Having spoken the feelings of the heart spontaneously, she had paused blushingly. • एकाएक हृदय की बात कहकर वह लाज के साथ रुक गई थी। २। पतिं सन्न्यस्तं दृष्ट्वा रमा निस्संज्ञा अभूत्। • Seeing the husband as renunciated, Ramaa became unconscious. • पति को संन्यासी बना देखकर रमा अचेत हो गई। ३। मध्यरात्रं झिल्लिकानादः श्रूयते। • At midnight, the sound of crickets is heard. • आधी रात को झींगुरों की बोली सुनाई देती है। ४। श्वापदेभ्योऽपि न बिभेषि। • You do not fear even the beasts of prey. • तुम हिंसक पशुओं से भी नहीं डरते हो। ५। कस्यचित् कालस्य शकुन्तला पुत्रमजायत। • After some time, Shakuntala gave birth to a son. • कुछ समय के पश्चात् शकुंतला ने बेटे को जन्म दिया। ६। हिडिम्बः पुरुषादः आसीत्। • Hidimba was a man-eater. • हिडिम्ब मनुष्यों को खाने वाला था। ७। वाहनानि रज उद्धून्वानानि गच्छन्ति। • The vehicles go blowing up dust. • गाड़ियाँ धूल उड़ाती हुई जाती हैं। ८। शाधि किं करवाम ते। • Command, what may we do for you? • आज्ञा दो, हम तुम्हारे लिए क्या करें। ९। सर्वं मे शंस पुत्र केन प्रहतोऽसि। • Tell me everything, son, by whom were you struck? • मुझे सब कुछ बताओ बेटे, तुम किसके द्वारा पीटे गए हो। १०। ममेदं रहस्यं न कमपि वक्तुमर्हसि। • You ought not to tell this secret of mine to anyone. • मेरा यह भेद तुम्हें किसी से नहीं कहनी चाहिए। @samvadah #vakyabhyas

  • видео или голосовое, без подписи

  • Live stream scheduled for Aug 15 at 05:30

  • मुक्तविषयः #samlapshala

  • 🌿 अनवद्यमवद्यं स्याद्वारुणीलेशमात्रतः। तद्वच्छिष्यो विरुद्धार्थाद्विगुरोरेव नश्यति॥ 🌞 अनवद्यम् अनिन्द्यं वारुणीलेशमात्रतः मदिराकणमात्राद् अवद्यं निन्द्यं स्याद्। तद्वत् शिष्यो विरुद्धार्थाद् शास्त्रविरुद्धार्थवतः विगुरोः नश्यति एव। 🌷 जैसे मदिरा की एक बूँद से पवित्र वस्तु अपवित्र हो जाती है उसी प्रकार विपरीत ज्ञान देने वाले बुरे गुरु से शिष्य नष्ट हो जाता है। 🌹 A pure object becomes impure by contact with a drop of liquor; in the same way the disciple is ruined by a bad master of contradictory (to scriptures) knowledge. 📍 लौकिकन्यायश्लोकाः । २३॥ #Subhashitam

  • Live stream finished (1 hour)

  • видео или голосовое, без подписи

  • Live stream started

  • #AkashVani

संस्कृत संवादः । Sanskrit Samvadah — tgindex