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🇮🇳 Happy Independence Day! 🇮🇳
सुंदर पंक्तियां “अगर तुम्हें दस लाख लोग प्यार करते हैं, तो उनमें से एक मैं हूँ।और अगर तुम्हें सिर्फ़ एक इंसान प्यार करता है, तो वह मैं हूँ।अगर तुम्हें कोई भी प्यार नहीं करता, तो समझ लेना कि मैं मर चुका हूँ।” — फ़्रांज़ काफ़्का
“Agar tum dekh sako mere dil mein muqaam apna, Toh tumhe kisi aur ke taraf dekhna bhi gunaah lagega”.
किताबें और कविताएं भूखी होती हैं दुखों की , ये निगल जाती हैं सारा अकेलापन सारा दुख... ❤️😇
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प्रह्लाद जोशी देश के नए शिक्षा मंत्री बने, कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से 2004 से लगातार निर्वाचित सांसद
*सभी विद्यार्थियों की जीत हुई एक बार फिर* *एक महीने से चल रही मांग आज पूरी हुई दे दिया इस्तीफा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने*
तुम सत्ता के मद में बैठे हुए हमको आँख दिखाते हो, हमारे सामने शीश झुकाकर हमको ही मरवाते हो। तुम कहते हो हमको हम देशद्रोही, और आतंकवादी हैं... हम वंदे मातरम् गाते हैं, तुम बंदूक चलाते हो। हम फूल तुम्हें पकड़ाते हैं, तुम लाठियाँ बरसाते हो। हम उठाते संविधान को, तुम हमसे डरते जाते हो। और तुम्हारी हकीकत इतनी-सी है... अपराधियों को संसद में बैठाकर, निर्दोषों पर आरोप लगाते हो। मीडिया को खरीदकर, दोस्तों को देश बेचते जाते हो। इंकलाब को देशद्रोह बताते हो, और शिक्षकों के सम्मान को दो कौड़ी का बताते हो। शर्म करो, अब तो सत्ताधारी, क्यों सत्ता के मद में चूर बैठे हो? लोकतंत्र के स्तंभों को तोड़कर, हमको कॉकरोच बताते हो। पर याद रखो, सत्ता का लोभ धृतराष्ट्र बनाता है, और हर युग में, कोई आए न आए, एक कृष्ण ज़रूर आता है। आज सड़कों पर लाखों कृष्ण हैं, तुम कैसे इनसे बच पाओगे? जिनके नाम से सत्ता में आए थे, अब उनसे कैसे लड़ पाओगे?
सच के हक़ में खड़ा हुआ जाए जुर्म भी है तो ये किया जाए - हस्तीमल 'हस्ती'
एक कलम, एक किताब, एक तिरंगा, एक फूल लेकर निकले थे वो, बस एक सवाल लेकर... एक जवाब की आस में... मगर, सरकार, आपने जवाब की जगह दिए अनगिनत घाव, लाठियों की मार, अनगिनत आँसू, और साथ में 'देशद्रोही' की उपाधि। सरकार, अब आप ही बताइए, क्या यही आज़ादी है? क्या यही लोकतंत्र है? अरे, सच तो यह है, सरकार, आप खुद ही देशद्रोही है.
सिर्फ हिंदी"उर्दू"शायरी pinned a photo
आज का दिन एक नए मोड़ लेगा हमरे इस system में माना कि आप दिल्ली जंतर-मंतर नहीं पहुंच सकते पर आज आप सभी मरे हुए system तक इस आवाज को पहुंचाये *बात आज शिक्षा रोजगार बदलाव की है और देश के संविधान लोकतंत्र और अधिकारों की 🇮🇳* ना कि किसी राजनीतिक पार्टी की *SUPPORT & SHARE*
जिसपर आपका अधिकार ही न हो उसका मोह करना मानसिक पीड़ा को न्योता देना हैं.. 💯🍂
अनन्त सागर किनारे मर गई एक मछली।। सागर चाहता तो बचा सकता था, मछली को..पर बचा ना पाया। मछली चाहती तो कूद सकती थी, सागर में.. किंतु कूद ना सकी।। अंत में, मछली ने दोष दिया किस्मत को, और सागर ने..... क्रूर ईश्वर को।। किंतु, किस्मत और ईश्वर के मध्य, दोनों ने ध्यान ही नहीं दिया.. अपने कर्मों पर||
आज तो तारीख़ भी 13/7 है... बस एक तेरा_साथ ही नहीं हैं.! ✍🏻📖
उनसे पूछे मिजाज बारिश का, जो कच्चे मकान वाले है।
अजीब ज़ुल्म करती हैं तुम्हारी यादें सोचूँ तो बिखर जाऊँ, ना सोचूँ तो किधर जाऊ...✍🏻🌷
सारे फ़रिश्ते मुझे ही मिले है जिंदगी में, कोई गलती करता ही नहीं मेरे सिवा..!!
पूछा जो हमने उनसे, भुलाया हमको कैसे , चुटकियाँ बजा के बोले ..ऐसे ...ऐसे....ऐसे....🙇