2 lines shayri / sher
Статистикаनहीं मैं शायर कतई नहीं हूं... मेरी कांपती उंगलियों की वजह जानते हो क्या? By- @pk_prajapat_heartless
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एक कुत्ते को भले तुम कितने भी प्यार से रख लो वो तुम्हारे लिए अपनी दुम सीधी नहीं कर सकता।
सुनो अब तुम हाथ जरा कस के पकड़ना यार, सुना है दिसंबर के बिछड़े फिर नहीं मिला करते हां मुझे मनाना नहीं आता नखरे उठाना नहीं आता मोहब्बत है पर मोहब्बत की बातें बनाना नहीं आता मेरी आंखों में तैरता अपना चेहरा देख लो जो कभी सिमट जाना मुझमें तुम मुझे गले लगाना नहीं आता ये लड़ना झगड़ना सब रिवाज है इस मोहब्बत के गुस्सा भले करना पर देखो ऐसे गिला नहीं करते सुनो अब तुम हाथ जरा कस के पकड़ना यार, सुना है दिसंबर के बिछड़े फिर नहीं मिला करते मेरी जाना ये जो मोहब्बत है इसके कई रंग है सबके नसीब नहीं लकीरों से भरे हाथ भी तंग है हम कोई कहानी नहीं अपना आशियां बनाएंगे जरा नोंकझोंक में घर तोड़ते हो ये क्या ढंग है यार ये यादें नहीं मुकम्मल मोहब्बत बनना तुम किताबों में दबे गुलाब फिर से खिला नहीं करते सुनो अब तुम हाथ जरा कस के पकड़ना यार, सुना है दिसंबर के बिछड़े फिर नहीं मिला करते। सुनो यार तुम अब हाथ कस के ही पकड़ना यार...! बहुत देर करदी ये लिखने में..शायद चंद साल...!
चलो ठीक है अपना लेता हूं किसी और को पर तू दिल से उतर पाएगी क्या? क्या नई मोहब्बत पुरानी मोहब्बत के जख्मों पर कर असर पाएगी क्या..?
भूले नहीं है बस हम उलझे पड़े है पूरी रात से तुझे मुबारक बाद दे तो दे किस जज्बात से..?? #hbd🙂
अगर पता हो किसी को.. फिर भी मरने वाले हो तुम तो यार वही काम ही सबसे बेहतर करने वाले हो तुम
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फांसी का फंदा था मेरे गले तब तुझे थोड़ा उदास देखा था, तब तसल्ली दे खुद को तुझे मुस्कुरा कर कहा था "मैं हूं ना!"
एक बार फिर हम जीत गए🥳🥳
अंदर गहरा सूनापन है तो किस काम का फिर मेला बाहर, ग़मों के इस दलदल से मुश्किल है निकलना अकेला बाहर।
तुम्हे पाने की कोशिशें नहीं करता अब, सब वक्त पे छोड़े रखा है, जिसे पढ़ना नसीब में नहीं उस किताब का एक पन्ना मोड़े रखा है।
उम्र क्या जनम तुझ पर वार दु सारे चौरासी लाख मैं इक लम्हा भी मौत से पहले तेरे साथ जी लूं बस मैं
वो जो कहता था बिछेड़गा तो मर के ही बिछड़ेगा छोड़ चला गया वो बस एक बेतुके बहाने के बाद।
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वक्त खुद ही यहां रुक गया है ये दुनिया मैने नहीं बसाई है। पकड़ कर हाथ उदासियां मेरी जाने कहां ये मुझे ले आई है?
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हंस कर सब कुछ टालने वाले, रोकर पहले समझ चुके होते है
तो क्या अब सही वक्त का इंतजार छोड़ दिया तुमने जो खुदा पर था तुम्हें इतना एतबार छोड़ दिया तुमने जिंदगी के चुनिंदा हादसों से ही इतना बदल गए तुम अपना ही बना बनाया वो किरदार छोड़ दिया तुमने
मैं तो बुझ गया, तेरे हिस्से झिलमिल है कि नहीं मेरा टूटे दिल के साथ जीना मुश्किल है कि नहीं मेरे आंसू नहीं रुकते और तू सब भूल ही गया है कितना बेदर्द है तू, तेरे सीने में दिल है कि नहीं?
ये दिये मिटा देंगे आज की रात के अंधेरे को तो मगर अरसे से बसे इस दिल के अंधेरे का क्या? Happy diwali sabhi ko 🎇