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संपूर्ण हस्त रेखा ज्ञान

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हाथ की रेखाओं व जन्म कुंडली से भविष्य जानने का विश्वसनीय स्थान। राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 ____________________________________ #Astrologer #Palmist #Astrology #Palmistry #JanmKundli #Kundli #JanamKundli

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  • 4 авг.107из hasthrekhagyan

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  • जानें हस्तरेखा से भविष्य...62 **** मस्तिष्क रेखा की एक शाखा बृहस्पति पर्वत पर जाए तो जातक होता है महत्वाकांक्षी **** कई बार मस्तिष्क रेखा जीवन रेखा से मिलान करती हुई आगे बढ़ती है, पर वहीं से एक शाखा बृहस्पति पर्वत की ओर उठी हुई दिखाई पड़ती है। ऐसे जातक में निरंतर आगे बढ़ने की इच्छा एवं महत्वाकांक्षा बनी रहती है। यदि हाथ में मस्तिष्क रेखा प्रधान है तो जातक मानसिक प्रसिद्धि व संतुष्टि के लिए प्रयत्नशील रहेगा। यदि हाथ कलात्मक है तो जातक कलाक्षेत्र में प्रसिद्धि पाने के लिए प्रयत्नशील रहेगा। यदि हाथ भौतिक तत्त्व प्रधान है तो जातक की महत्वाकांक्षा धन के लिए होगी। ऐसा जातक  निरंतर आगे ही बढ़ना चाहता है और उसको इसमें सफलता भी मिलती है। अधिक जानें- https://telegram.im/@hasthrekhagyan राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9611312076 नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।

  • चौमासी चौदस आज ***** 28 जुलाई 2026 को आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी के पावन अवसर पर जैन समुदाय का महत्वपूर्ण पर्व चौमासी चौदस मनाया जाएगा। इस दिन से जैन धर्म में चार महीने का वर्षावास (चातुर्मास) भी आरंभ होता है। चौमासी चौदस का महत्व और नियम ===================== वर्षावास आरंभ: जैन साधु-संत और श्रावक इन चार महीनों के लिए एक स्थान पर रहकर साधना, जप और तप करते हैं। खान-पान के नियम: इस दिन से कंदमूल (जमीकंद) और हरी सब्जियों (लिलोत्री) का त्याग किया जाता है। धार्मिक साधना: जिनेन्द्र भगवान की पूजा, सामायिक और प्रतिक्रमण करने का विशेष विधान है। क्षमावाणी: इस पवित्र दिन पर सभी जीवों से मन, वचन और काया से क्षमा मांगते हुए 'मिच्छामी दुक्कड़म' कहा जाता है। राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।

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  • आज का पंचांग ========== 28 जुलाई 2026, मंगलवार **** तिथि चतुर्दशी 06:21 PM नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 01:12 PM करण वणिज 06:21 PM पक्ष शुक्ल योग विष्कुम्भ 11:33 PM वार मंगलवार सूर्योदय 05:39 AM सूर्यास्त 07:14 PM चन्द्रमा धनु 07:50 PM राहुकाल 03:51 - 05:33 PM विक्रमी संवत्  2083 शक सम्वत 1948 ( पराभव ) मास अमांत आषाढ मास पूर्णिमांत आषाढ शुभ मुहूर्त अभीजित 12:00 - 12:54 PM राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।

  • आज का राशिफल व पंचांग ***** 28 जुलाई, 2026, मंगलवार ===================== आज और कल का दिन खास ***** 28 जुलाई 2026 : शिव शयन चतुर्दशी आज। 28 जुलाई 2026 : ज्वालामुखी माता का मेला आज। 28 जुलाई 2026 : चौमासी चौदस आज। 28 जुलाई 2026 : जैन मुनियों का चातुर्मास प्रारम्भ। 29 जुलाई 2026 : पूर्णिमा व्रत कल। 29 जुलाई 2026 : गुरु पूर्णिमा कल। 29 जुलाई 2026 : कोकिला व्रत कल। 29 जुलाई 2026 : गौपद्म व्रत कल से होगा प्रारम्भ। 29 जुलाई 2026 : व्यासपीठ पूजा कल। 29 जुलाई 2026 : गुरु चरण पूजन कल। 29 जुलाई 2026 : वायुपरीक्षा कल। राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें। आज का राशिफल ***** 28 जुलाई, 2026, मंगलवार =================== मेष राशि : आज का दिन मिश्रित फलकारक है। बड़े अधिकारी से अनबन नुकसानदायक रहेगी। क्रोध पर नियंत्रण बनाए रखें। नए संबंध से भाग्य चमकेगा। सामाजिक सम्मान मिलेगा। शत्रु बलहीन रहेंगे और आय में वृद्धि होगी। मौज-शौक और घूमने-फिरने के पीछे खर्च हो सकता है। वृषभ राशि : आप यदि व्यापारी हैं तो आज अनावश्यक अधिक परिश्रम करना पड़ेगा। सरकारी नौकर हैं तो वरिष्ठ अधिकारी का कोप भाजन बनना पड़ सकता है। सायंकाल के समय सामाजिक संंबंध लाभदायक रहेगा। नई योजना की तरफ ध्यान दें, अचानक लाभ हो सकता है। मिथुन राशि : आज दिन के पूर्वार्ध में छुटपुट लाभ की संभावना है। नौकरी व्यवसाय से जुड़े कुछ मुद्दे हल हो जाएंगे। कोई भी व्यवसाय छोटा बड़ा नहीं होता, एक बार अनुभव हो जाए तो बस दुनिया अपनी मुट्ठी में ही समझिए। कर्क राशि : आज आप अपने आप में ही मस्त रहेंगे। किसी भी विरोधी की आलोचना की ओर ध्यान न देकर अपना काम करते रहें। आगे चलकर सफलता आपके कदम चूमेगी। आप अपने सामाजिक क्षेत्र में मेल-जोल बढ़ाने में कामयाब होंगे। सिंह राशि : आज शत्रुजनित षड्यंत्र, लोक अपवाद से बचने का प्रयास करें। अनावश्यक दुश्चिन्ताओं से मन क्षुब्ध रहेगा। नई उपलब्धियां कड़ी मेहनत से मिलेगी। सामाजिक उत्तरदायित्व भी बढ़ेगा। किसी अनजान व्यक्ति से आज लेनदेन न करें। कन्या राशि : आज कामकाज में तत्परता से लाभ होगा। स्वजनों से सुख, पारिवारिक मंगल कार्यों की खुशी होगी। रचनात्मक कार्यों में मन लगेगा। विपरीत परिस्थिति उत्पन्न होने पर क्रोध पर काबू रखें। राजकीय मदद भी मिलेगी। सूर्यास्त के समय अचानक लाभ होने के योग हैं। राशि : आपकी पद, अधिकार की महत्वाकांक्षा अन्तर्विरोध को जन्म देगी। समस्याओं के समायोचित समाधान न मिलने से मानसिक अशान्ति रहेगी। दूर-समीप का यात्रा का प्रसंग प्रबल होकर स्थगित हो सकता है। व्यवसायिक शैथिल्या गृह प्रपंच से अंतर्मन क्षुब्ध रहेगा। वृश्चिक राशि : आज का दिन कुछ विशेष कर दिखाने की उधेड़बुन में व्यतीत होगा। अधिकारीवर्ग से अच्छी साठ-गांठ बनेगी। किसी सरकारी संस्था से दूरगामी लाभ की पृष्ठभूमि भी आज ही बनेगी। निराशाजनक विचारों से बचें। सायंकाल संतान पक्ष से अचानक शुभ समाचार मिल सकता है। धनु राशि : किसी विशेष घटनाक्रम के अंतर्गत रूका धन आश्चर्यजनक रूप से प्राप्त हो जाएगा। इससे आज आपका विश्वास धर्म एवं आध्यात्म में बढ़ेगा। रोजमर्रा के कामों में कोताही न बरतें, अतीत के संदर्भ में अनुसंधान का लाभ मिलेगा। नए संपर्क से सितारा बुलंद होगा। मकर राशि : आज कार्यक्षेत्र में अपने से वरिष्ठ अधिकारियों से अनबन हो सकती है। दाम्पत्य जीवन में सरसता बनी रहेगी। पराक्रम वृद्धि से शत्रुओं का मनोबल टूटेगा। दिन के उत्तरार्ध में अचानक अतिथियों के आगमन से व्यय भार बढ़ेगा। सत्कर्म जन्य पुण्यार्जन से अभिष्ट सिद्धि प्राप्त होगी। कुम्भ राशि : आज गोचर के शुभ प्रभाव से सफलता मिलेगी। उत्तरार्ध की वृद्धि अस्थिरता को जन्म देगी। वाहन, भूमि खरीदने, स्थान परिवर्तन का सुखद संयोग भी बन सकता है। सांसारिक सुख भोग व घर गृहस्थी के उपयोग की प्रिय वस्तु खरीदी जा सकती है। मीन राशि : आपकी राशि का स्वामी बृहस्पति दशम भाग्य भाव में धनु राशि का होकर तथा चंद्रमा अपनी ही राशि कर्क पर विराजमान है। अत: आज का दिन संतान से जुड़ी समस्याओं को हल करने में व्यतीत होगा। किसी प्रतियोगिता में आपकी जीत हो सकती है। किसी खास उपलब्धि से भी आपका मन प्रसन्न रहेगा। राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175

  • मौलाकांत एवं जयापार्वती व्रत आज ******* धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां गौरी को समर्पित जया पार्वती व्रत करने से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती हैं. हर साल आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को जया पार्वती व्रत रखा जाता है. इस व्रत को विजया पार्वती के नाम से भी जाना जाता है. हर साल इस व्रत को गणगौर, मंगला गौरी व्रत की तरह किया जाता है. सुख, समृद्धि और सौभाग्य का यह व्रत महिलाएं कई जगहों पर 1 दिन तो कहीं पर 5 दिन तक रखती हैं. ऐसे में चलिए जानते हैं इस महत्वपूर्ण व्रत की विधि, मंत्र, महत्व और आरती. जया पार्वती व्रत का महत्व - ================ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां गौरी को समर्पित जया पार्वती व्रत करने से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती हैं. इसके अलावा अगर कुंवारी कन्याएं इस दिन बालू या रेत का हाथी बनाकर उस पर पांच तरह के फल, फूल और प्रसाद अर्पित करती हैं, तो इससे मां पार्वती प्रसन्न होती हैं और मन चाहे वर का आशीर्वाद देती हैं. यह व्रत गणगौर, हरतालिका तीज और मंगला गौरी व्रत के समान ही किया जाता है. गौरी या जया पार्वती व्रत की पूजा विधि ===================== - जया पार्वती व्रत के दिन सूर्योदय से पहले उठकर सबसे पहले स्नान करें, इसके बाद साफ या नए कपड़े पहनें. - फिर व्रत का संकल्प लेकर मां पार्वती का ध्यान करें और अपने घर के मंदिर में एक लकड़ी की चौकी रखकर उस पर लाल रंग का वस्त्र बिछाएं. - इस चौकी पर मां पार्वती और भगवान शिव की मूर्ति की स्थापना करें. कुमकुम, शतपत्र, कस्तूरी, अष्टगंध और फूलों चढ़ाकर भगवान शिव और पार्वती की पूजा करें, ऋतु फल, नारियल चढ़ाएं. - जया पार्वती व्रत की कथा पढ़ें, आरती करने के बाद दोनों हाथ जोड़कर मां पार्वती से अपना मनचाहा वरदान मांगे. - अगर आप बालू या रेत के हाथी का निर्माण कर रही हैं, तो रात में जागरण करने के बाद सुबह स्नान करने के बाद उसे किसी नदी या तालाब में विसर्जित कर दें. व्रत में क्या करें सेवन ============= इस दौरान नमक का सेवन पूरी तरह से वर्जित होता है, इसके अलावा व्रत में गेहूं के आटे और सब्जियों का सेवन भी नहीं करना चाहिए. जया पार्वती व्रत में फल, दूध, दही, जूस या दूध से बनी मिठाइयों का सेवन किया जाता है. व्रत के आखिरी दिन मंदिर में पूजा करने के बाद नमक और गेहूं के आटे से बनी रोटी या पूरी का सेवन करके व्रत का पारण किया जाता है. जया पार्वती व्रत मंत्र - ============= ॐ देवी महागौरी नमः। देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।। माता पार्वती की आरती ============= ॐ जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता, ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता। ॐ जय पार्वती माता॥ अरिकुल पद्म विनाशिनि जय सेवक त्राता, जग जीवन जगदम्बा, हरिहर गुण गाता। ॐ जय पार्वती माता॥ सिंह का वाहन साजे, कुण्डल है साथा, देव बंधू जस गावत, नृत्य करत ताथा। ॐ जय पार्वती माता॥ सतयुग रूपशील अतिसुन्दर, नाम सती कहलाता, हेमांचल घर जन्मी, सखियन संग राता। ॐ जय पार्वती माता॥ शुम्भ निशुम्भ विदारे, हेमांचल स्थाता, सहस्त्र भुजा तनु धरि के, चक्र लियो हाथा। ॐ जय पार्वती माता॥ सृष्टि रूप तुही जननी शिवसंग रंगराता, नन्दी भृंगी बीन लाही है हाथन मदमाता। ॐ जय पार्वती माता॥ देवन अरज करत हम कवचित को लाता, गावत दे दे ताली, मन में रंगराता। ॐ जय पार्वती माता॥ श्री प्रताप आरती मैया की, जो कोई गाता, सदा सुखी नित रहता, सुख सम्पत्ति पाता। ॐ जय पार्वती माता॥ ॐ जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता, ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता। ॐ जय पार्वती माता॥ राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।

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  • आज का राशिफल व पंचांग ***** 27 जुलाई, 2026, सोमवार ===================== आज और कल का दिन खास ***** 27 जुलाई 2026 : मौलाकांत एवं जयापार्वती व्रत आज से होगा गुजरात में प्रारम्भ। 27 जुलाई 2026 : जैन समुदाय आज रखेगा कर्म निर्झर व्रत। 28 जुलाई 2026 : शिव शयन चतुर्दशी कल। 28 जुलाई 2026 : ज्वालामुखी माता का मेला कल। 28 जुलाई 2026 : चौमासी चौदस कल। 28 जुलाई 2026 : जैन मुनियों का चातुर्मास प्रारम्भ। राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें। आज का राशिफल **** 27 जुलाई, 2026, सोमवार ==================== मेष राशि : आज आपको शासन द्वारा सम्मानित किए जाने की संभावना रहेगी। यदि आप किसी व्यक्ति, बैंक या संस्था से कर्ज लेना चाहें तो कदापि न लें, आज लिए गए कर्ज का उतरना कठिन रहेगा। पुराने मित्रों का सहयोग मिलेगा एवं अच्छे मित्र भी बढ़ेंगे। वृषभ राशि : आज का दिन बहुत व्यस्त रहेंगे। आपकी निर्णय लेने की क्षमताओं का आपको आज लाभ मिल सकता है। आज रुके हुए कार्यों की पूर्ति होगी। किसी काम में विनिमय करना पड़े तो दिल खोलकर करें, आगे चलकर उसका लाभ मिलेगा। मिथुन राशि : आज आप फिजूल के खर्चे से बचें। सामाजिक क्रियाकलापों में व्यवधान उपस्थित हो सकता है। कुछ अकस्मात लाभ होने से आपकी धर्म, आध्यात्म के प्रति रुचि सुदृढ़ होगी। संतान पक्ष से हर्षवर्धक समाचार मिलेगा। कर्क राशि : भाग्य की दृष्टि से आज का दिन उत्तम रहेगा। आपके परिश्रम का फल अच्छा मिलेगा। संतान के प्रति आपका विश्वास और अधिक मजबूत होगा। आज अपनी शान शौकत के लिए धन खर्चा करेंगे जिससे आपके शत्रु परेशान होंगे। सिंह राशि : माता-पिता के सहयोग और आशीर्वाद से दिन के उत्तरार्ध में राहत मिलेगी। ससुराल पक्ष से आज नाराजगी के संकेत मिलेंगे, मधुरवाणी का प्रयोग करें, अन्यथा संबंधों में कटुता आएगी। कन्या राशि : आज आपमें निर्भीकता का भाव रहेगा तथा साहसपूर्वक अपने कठिन कार्यों को संपन्न करने में सक्षम रहेंगे। आपको अपने माता-पिता का सुख सहयोग यथेष्ठ रूप से प्राप्त होगा। व्यर्थ व्यय का योग भी है। व्यापार में धनलाभ होगा। तुला राशि : आज का दिन आपके लिए शुभकारक है। आपके अधिकार व संपत्ति में वृद्धि होगी। आप दूसरों के भले की सोचेंगे एवं दिल से सेवा भी करेंगे। आज आप अपने गुरु के प्रति पूर्ण भक्तिभाव व निष्ठा रखें। आज नए कार्यों में इनवेस्ट करना पड़े तो शुभ रहेगा। वृश्चिक राशि : आज आपका मन अशांत एवं परेशान रहेगा। व्यापार वृद्धि के लिए किए गए प्रयास निष्फल हो सकते हैं। सांयकाल तक आप अपने धैर्य तथा प्रतिभा से शत्रु पक्ष पर विजय प्राप्त करने में सफल रहेंगे। धनु राशि : आज आपकी विद्या, ज्ञान की वृद्धि होगी। आपके अंदर दान पुण्य एवं परोपकार की भावना विकसित होगी। भाग्य की ओर से भी आपको पूर्ण सहयोग मिलेगा, आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सावधान रहें तथा खानपान पर संयम बरतें। मकर राशि : ससुराल पक्ष से मान सम्मान मिलेगा। अपने व्यवसाय में आपका मन लगेगा एवं रुके कार्य पूर्ण हो जाएंगे। किसी नए कार्य में इनवेस्ट करना पड़े तो अवश्य करें, भविष्य में लाभ होगा। कुम्भ राशि : आज का दिन बुद्धि विवेक से नई-नई खोज करने में व्यतीत होगा। आपको अपने परिजनों से विश्वासघात मिलने की आशंका है। सांसारिक सुख भोग, नौकर-चाकरों का सुख पूर्ण रूप से मिलेगा। मीन राशि : बहुत समय से पुत्र या पुत्री से संबंधित किसी विवाद का हल निकल आएगा। खुशमिजाज व्यक्तित्व होने के कारण अन्य व्यक्ति आपसे संबंध बनाने की चेष्टा करेंगे। सामाजिक सम्मान मिलने से आपका मनोबल बढ़ा रहेगा। राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 आज का पंचांग ========== 27 जुलाई 2026, सोमवार **** तिथि त्रयोदशी 04:17 PM नक्षत्र मूल 10:29 AM करण तैतिल, 04:17 PM, अगले दिन गर 05:21 AM पक्ष शुक्ल योग वैधृति 10:54 PM वार सोमवार सूर्योदय 05:39 AM सूर्यास्त 07:15 PM चन्द्रमा धनु राहुकाल 07:21 - 09:03 AM विक्रमी संवत्  2083 शक सम्वत 1948 ( पराभव ) मास अमांत आषाढ मास पूर्णिमांत आषाढ शुभ मुहूर्त अभीजित 12:00 - 12:54 PM राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।

  • चढ़ाएं। ऐसा करने से शीघ्र ही आपको व्यावसायिक क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी। राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।

  • वामन द्वादशी आज **** भगवान विष्णु को समर्पित पवित्र वामन द्वादशी प्रति वर्ष 2 बार मनाई जाती है। एक चैत्र माह की शुक्ल द्वादशी तिथि को, और दूसरी बार भाद्रपद माह मे शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को। आपको बता दें कि विष्णु जी के दस अवतारों में से वामन उनका पांचवां अवतार है। वामन द्वादशी का व्रत जातक के शत्रुओं का नाश करने वाला होता है। ऐसा माना जाता है कि यदि इस दिन श्रावण नक्षत्र हो, तो इस व्रत का महत्व कई गुना अधिक हो जाता है। भक्तों को इस दिन उपवास रखकर भगवान वामन की स्वर्ण प्रतिमा बनवा कर पंचोपचार करना चाहिए, और विधि-विधान से भगवान विष्णु के इस स्वरूप का पूजन करना चाहिए। इस व्रत के फलस्वरूप श्री हरि अपने भक्तों को जीवन में संपूर्ण सुख व वैभव प्रदान करते हैं, और मरणोपरांत अपने निज धाम वैकुंठ धाम जाने का वरदान देते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस द्वादशी तिथि पर श्री हरि के वामन अवतार की पूजा करने से मनुष्य के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। कहा जाता है कि यदि आप प्रतिदिन भगवान वामन को अर्पित किए हुए शहद का सेवन करते हैं, तो हर प्रकार के रोगों से मुक्ति मिलेगी। वामन द्वादशी के विशेष पूजन व व्रत से व्यावसायिक सफलता मिलती है व पारिवारिक क्लेश दूर होता है। साल 2024 में वामन द्वादशी का व्रत रविवार 20 अप्रैल 2024 को पड़ रहा है। वामन द्वादशी कैसे मनाई जाती है? ===================== वामन द्वादशी के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार का ध्यान किया जाता है, एवं उनकी लीलाओं का पाठ या श्रवण किया जाता है। इस दिन भगवान वामन की कथा भी सुनी जाती है। इस पर्व पर वामन देव का पंचोपचार या षोडषोपचार पूजन किया जाता है। इसके पश्चात् इस दिन चावल, दही आदि वस्तुओं का दान करना बेहद पुण्यकारी माना गया है। वामन द्वादशी का व्रत रखने वाले जातक को संध्या के समय भगवान वामन का विधि विधान से पूजन करना चाहिए । भगवान वामन को लगे भोग का प्रसाद कुटुंब के सभी लोगों को अवश्य ग्रहण करना चाहिए। इससे उनकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। वामन द्वादशी से जुड़ी पौराणिक कथा ==================== श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णित वामन अवतार से जुड़ी एक कथा के अनुसार जब देव दैत्यों से युद्ध में पराजित होने लगते हैं, और दैत्य अमरावती पर आक्रमण करते हैं, उस समय देवराज इंद्र भगवान विष्णु से सहायता की विनती करते हैं। विष्णु जी इंद्र को सहायता करने का वचन देते हैं एवं कहते हैं कि असुरों का विनाश करने के लिए वो माता अदिति के गर्भ से वामन रूप में जन्म लेंगे। इंद्र को दिए गए वचन के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को भगवान विष्णु, ऋषि कश्यप की पत्नी अदिति के गर्भ से वामन अवतार में जन्म लेते हैं। कथा - वामन अवतार और बलि प्रसंग =================== भगवान वामन के उपनयन संस्कार से भी जुड़ी एक कथा प्रचलित है, इसके अनुसार जब कश्यप ऋषि उनका उपनयन संस्कार करते हैं, तो उस समय महर्षि पुलह ने यज्ञोपवीत, मरीचि ने पलाश दण्ड, अगस्त्य ने मृगचर्म, सूर्य ने छत्र, आंगिरस ने वस्त्र, भृगु ने खड़ाऊं, अदिति ने कोपीन, सरस्वती ने रुद्राक्ष माला एवं कुबेर ने वामन देव को भिक्षा पात्र भेंट किया। इसके पश्चात् भगवान वामन पिता से अनुमति लेकर राजा बलि के पास पहुंचे, जो उस समय नर्मदा नदी के उत्तर तट पर अंतिम अश्वमेध यज्ञ कर रहे थे। वामन देव ने ब्राह्मण का वेश धारण कर राजा बलि से भिक्षा मांगी। उन्होंने भिक्षा में तीन पग भूमि की मांग की। इस पर राजा बलि ने बिना अधिक विचार किए वामन देव को तीन पग भूमि दान में देने का वचन दे दिया। इसके पश्चात भगवान वामन ने एक पग में स्वर्ग, व दूसरे पग में पृथ्वी को नाप लिया, और अभी भी तीसरा पग रखना शेष था। यह देखकर राजा बलि अत्यंत आश्चर्यचकित हुए, किंतु वो अपने वचन पर अडिग रहे। ऐसे में उन्होंने भगवान के आगे अपना सिर रख दिया। भगवान वामन ने जैसे ही राजा के सिर पर अपना पग रखा, वैसे ही वो परलोक सिधार गए। राजा बलि की वचनबद्धता को देखकर भगवान वामन अत्यंत प्रसन्न हुए, और उन्हें पाताल लोक का स्वामी बना दिया। इसके अलावा उन्होंने देवताओं की सहायता कर उन्हें पुनः स्वर्ग पर अधिकार दिलाया। वामन द्वादशी के दिन अवश्य करें ये उपाय ===================== वामन द्वादशी के अवसर पर भगवान वामन को शहद का भोग अर्पित करें, और प्रतिदिन इसका सेवन करें। कहते हैं कि इस शहद का सेवन करने से मनुष्य को असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है, और जीवन पर्यंत निरोगी रहने का वरदान प्राप्त होता है। यदि आप गृह क्लेश से परेशान हैं, या फिर नकारात्मक ऊर्जा से ग्रसित हैं तो इससे छुटकारा पाने के लिए वामन द्वादशी के दिन भगवान वामन के समक्ष कांसे के पात्र में घी का दीप प्रज्जवलित करें। व्यापार या नौकरी में सफलता प्राप्त करने के लिए वामन देव को नारियल पर यज्ञोपवीत लपेटकर

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  • आज का पंचांग ========== 26 जुलाई 2026, रविवार **** तिथि द्वादशी 02:00 PM नक्षत्र ज्येष्ठा 07:35 AM करण बालव, 02:00 PM, अगले दिन कौलव 03:10 AM पक्ष शुक्ल योग एन्द्र 10:05 PM वार रविवार सूर्योदय 05:38 AM सूर्यास्त 07:16 PM चन्द्रमा वृश्चिक 07:35 AM राहुकाल 05:33 - 07:16 PM विक्रमी संवत्  2083 शक सम्वत 1948 ( पराभव ) मास अमांत आषाढ मास पूर्णिमांत आषाढ शुभ मुहूर्त अभीजित 12:00 - 12:54 PM राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।

  • आज का राशिफल व पंचांग ***** 26 जुलाई, 2026, रविवार ===================== आज और कल का दिन खास ***** 26 जुलाई 2026 : प्रदोष व्रत आज। 26 जुलाई 2026 : वासुदेव द्वादशी आज। 26 जुलाई 2026 : वामन पूजा आज। 26 जुलाई 2026 : करगिल विजय दिवस आज। 27 जुलाई 2026 : मौलाकांत एवं जयापार्वती व्रत कल से ( गुजरात में )। 27 जुलाई 2026 : जैन समुदाय कल रखेगा कर्म निर्झर व्रत। राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें। आज का राशिफल **** 26 जुलाई, 2026, रविवार =================== मेष राशि : आज जो भी काम लगन के साथ करेंगे उसका फल उसी समय मिल सकता है। बिजनेस के मामले में थोड़ा सा जोखिम उठाएं तो बड़ा लाभ होने की आशा है। रोजमर्रा के कामों से परे कुछ नए कामों में हाथ आजमाएं। राज्य से विशेष सम्मान प्राप्त हो सकता है। भौतिक विकास का योग अच्छा है। समाज में शुभ व्यय से आपकी कीर्ति बढ़ेगी। वृषभ राशि : आज आपका ध्यान नई योजनाओं में लगेगा। किसी देवस्थान की यात्रा से मन को सुकून मिलेगा। कानूनी विवाद में सफलता, स्थान परिवर्तन की योजना सफल हो सकती है। दिन के उत्तरार्ध में उलझनों के बावजूद पराक्रम में वृद्धि होगी। परिवार में हर्ष मंगलमय परिवर्तन व मनोरथ सिद्धि होगी। कार्यालय में भी आपके अनुकूल वातावरण बनेगा तथा आपके साथी आपका सहयोग करेंगे। मिथुन राशि : आज का दिन काफी रचनात्मक है। किसी रचनात्मक और कलात्मक काम को पूरा करने में आप दिन बिता सकते हैं। जो काम आपको सबसे प्रिय है आज वहीं करने को मिलेगा। आज आपको आराम करने में मदद मिलेगी। नई योजनाएं भी दिमाग में आयेंगी। अपने से सीनियर का सहयोग पाने का प्रयास करें। कर्क राशि : आज का दिन काफी सृजनात्मक है, जो भी काम लगन के साथ करेंगे आज उस का फल उसी समय मिल सकता है। अधूरे काम निपट जाएंगे, महत्वपूर्ण चर्चाएं होंगी। ऑफिस में अपने विचारों के मुताबिक माहौल बन जाएगा और आपके साथी भी आपका सहयोग करेंगे। रात्रि में विवाह शादी में जाने का अवसर मिल सकता है। सिंह राशि : आज का दिन वैसे तो काफी व्यस्त रखने वाला है, लेकिन धर्म-आध्यात्म के मामले पढ़ाई लिखाई के लिए थोड़ा समय निकाल लेना ही अच्छा होगा। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारी आपके कार्यों में रुकावट डालने की कोशिश करेंगे। कन्या राशि : आज आपसी वार्ता व्यवहार में संयम व सावधानी बरतें। आसपास के लोगों से टकराव की नौबत न आए इस बात का ध्यान रखें। किसी शुभ मंगल कार्य की चर्चा हो सकती है। भाग्य पर भरोसा रखें और आत्मविश्वास के साथ कार्य करें। रात्रि के समय स्थिति में और भी सुधार होगा। तुला राशि : आज का दिन आपके लिए लाभकारक है। कार्य व्यवहार से जुड़े सभी विवाद आज सुलझ सकते हैं। नए प्रोजेक्ट पर भी कुछ काम शुरु हो सकता है। जमीन-जायदाद के मामले में पारिवारिक और आस-पास के लोग कुछ परेशानी पैदा करने की कोशिश करेंगे। वृश्चिक राशि : माली हालात को लें तो आज का दिन काफी मजबूत है। दिन भर लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। अत: प्रयत्नशील रहें। परिवार में सुख शांति और स्थिरता का आनंद उठाएं। नौकरी या व्यापार में कुछ नवीनता ला सकें तो आगे चलकर लाभ होगा। काम में नई जान आएगी। धनु राशि : आज का दिन सावधानी और सतर्कता का है। बिजनस के मामले में थोड़ा सा जोखिम उठाएं तो बड़ा लाभ होने की आशा है। रोजमर्रा के कामों से परे कुछ नए कामों में हाथ आजमाएं। किसी अपने के लिए कुछ पैसों का इंतजाम करना पड़ सकता है। नया मौका आपके आस-पास है, उसे पहचानना आपके हाथ में है। मकर राशि : आज का दिन सामान्य है। भागीदारी-साझे में किया व्यापार काफी फायदा पहुंचाएगा। रोजमर्रा के घरेलू कामों को निबटाने का आज सुनहरा मौका है। हो सकता है आज आपको पुत्र-पुत्री के संबंध में कोई बड़ा फैसला लेना पड़े। ईमानदारी और निर्धारित नियमों का ध्यान रखे। कई प्रकार के काम एक साथ हाथ में आने से व्यग्रता बढ़ सकती है। कुम्भ राशि : आज का दिन अपने स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने का है। मौसम परिवर्तन से शीतोष्ण विकार उत्पन्न हो सकते हैं। खान-पान में लापरवाही न बरतें। व्यापार के मामले में दिन सुखद व्यतीत होगा। जल्दबाजी में कोई भूल हो सकती है, इसलिए हर काम सोच समझ कर करें। मीन राशि : आज का दिन लाभकारक रहेगा। व्यापार में जोखिम उठाने का परिणाम आज हितकर होगा। परेशानियों को धैर्य और अपने मृदु व्यवहार से सुधार कर ठीक किया जा सकता है। अपनी बुद्धि का प्रयोग कर आप वह सब कुछ पा सकते हैं, जिसकी आपको अभी तक कमी रही है। किसी संकटग्रस्त व्यक्ति की सहायता कर सकें तो शुभ रहेगा। राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175

  • मासिक दुर्गाष्टमी व्रत आज ***** मासिक दुर्गाष्टमी व्रत मां दुर्गा के लिए किया जाता है। ये व्रत हर महीने अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत को करने से नवरात्री में किए जाने वाले उपवास के जितना ही फल मिलता है। आइए जानते हैं मासिक दुर्गाष्टमी व्रत की कथा के बारे में। ============== मासिक दुर्गाष्टमी की व्रत कथा पौराणिक मान्यताओं अनुसार,प्राचीन काल में असुर दंभ को महिषासुर नाम के एक पुत्र की प्राप्ति हुई थी, जिसके भीतर बचपन से ही अमर होने की प्रबल इच्छा थीं।अपनी इसी इच्छा की पूर्ति के लिए उसने अमर होने का वरदान हासिल करने के लिए ब्रह्मा जी की घोर तपस्या आरंभ की।महिषासुर द्वारा की गई इस कठोर तपस्या से ब्रह्मा जी प्रसन्न हुए और उसे मनचाहा वरदान मांगने को कहा, ऐसे में महिषासुर, जो सिर्फ अमर होना चाहता था, उसने ब्रह्मा जी से वरदान मांगते हुए खुद को अमर करने के लिए उन्हें बाध्य कर दिया। परन्तु ब्रह्मा जी ने महिषासुर को अमरता का वरदान देने की बात ये कहते हुए टाल दी कि जन्म के बाद मृत्यु और मृत्यु के बाद जन्म निश्चित है, इसलिए अमरता जैसी किसी बात का कोई अस्तित्व नहीं है। जिसके बाद ब्रह्मा जी की बात सुनकर महिषासुर ने उनसे एक अन्य वरदान मांगने की इच्छा जताई और कहा- कि ठीक है स्वामी, यदि मृत्यु होना तय है तो मुझे ऐसा वरदान दे दीजिए कि मेरी मृत्यु किसी स्त्री के हाथ से ही हो, इसके अलावा अन्य कोई दैत्य, मानव या देवता, कोई भी मेरा वध ना कर पाए। जिसके बाद ब्रह्मा जी ने महिषासुर को दूसरा वरदान दे दिया। ब्रह्मा जी द्वारा वरदान प्राप्त करते ही महिषासुर अहंकार से अंधा हो गया और इसके साथ ही बढ़ गया उसका अन्याय। मौत के भय से मुक्त होकर उसने अपनी सेना के साथ पृथ्वी लोक पर आक्रमण कर दिया, इससे धरती पर चारों तरफ से तबाही मच गई। उसके बल के आगे समस्त जीवों और प्राणियों को नतमस्तक होना ही पड़ा। जिसके बाद पृथ्वी और पाताल को अपने अधीन करने के बाद अहंकारी महिषासुर ने इन्द्रलोक पर भी आक्रमण कर दिया, जिसमें उन्होंने इन्द्र देव को पराजित कर स्वर्ग पर भी कब्ज़ा कर लिया। महिषासुर से परेशान होकर सभी देवी-देवता त्रिदेवों अर्थात महादेव, ब्रह्मा और विष्णु के पास सहायता मांगने पहुंचे। इस पर विष्णु जी ने उसके अंत के लिए देवी शक्ति के निर्माण की सलाह दी।जिसके बाद सभी देवताओं ने मिलकर देवी शक्ति को सहायता के लिए पुकारा और इस पुकार को सुनकर सभी देवताओं के शरीर में से निकले तेज ने एक अत्यंत खूबसूरत सुंदरी का निर्माण किया। उसी तेज से निकली मॉं आदिशक्ति जिसके रूप और तेज से सभी देवता भी आश्चर्यचकित हो गए। त्रिदेवों की मदद से निर्मित हुई देवी दुर्गा को हिमवान ने सवारी के लिए सिंह दिया और इसी प्रकार वहां मौजूद सभी देवताओं ने भी मॉं को अपने एक-एक अस्त्र-शस्त्र सौंपे और इस तरह स्वर्ग में देवी दुर्गा को इस समस्या हेतु तैयार किया गया।माना जाता है कि देवी का अत्यंत सुन्दर रूप देखकर महिषासुर उनके प्रति बहुत आकर्षित होने लगा और उसने अपने एक दूत के जरिए देवी मॉं के पास विवाह का प्रस्ताव तक पहुंचाया। अहंकारी महिषासुर की इस ओच्छी हरकत ने देवी भगवती को अत्याधिक क्रोधित कर दिया, जिसके बाद ही मॉं ने महिषासुर को युद्ध के लिए ललकारा। मॉं दुर्गा से युद्ध की ललकार सुनकर ब्रह्मा जी से मिले वरदान के अहंकार में अंधे हो चुके महिषासुर उनसें युद्ध करने के लिए तैयार भी हो गया। इस युद्ध में एक-एक करके महिषासुर की संपूर्ण सेना का मॉं दुर्गा ने सर्वनाश कर दिया।इस दौरान माना ये भी जाता है कि ये युद्ध पूरे नौ दिनों तक चला। जिस दौरान असुरों के सम्राट महिषासुर ने विभिन्न रूप धरकर देवी मॉं को छलने की कई बार कोशिश की, लेकिन उसकी सभी कोशिश आखिरकार नाकाम रही और देवी भगवती ने अपने चक्र से इस युद्ध में महिषासुर का सिर काटते हुए उसका वध कर दिया। अंत: इस तरह देवी भगवती के हाथों महिषासुर की मृत्यु संभव हो पाई। माना जाता है कि जिस दिन मॉं भगवती ने स्वर्ग लोक, पृथ्वी लोक और पाताल लोक को महिषासुर के पापों से मुक्ति दिलाई उस दिन से ही दुर्गा अष्टमी का पर्व प्रारम्भ हुआ। राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।

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  • आज का राशिफल व पंचांग ***** 21 जुलाई, 2026, मंगलवार ===================== आज और कल का दिन खास ***** 21 जुलाई 2026 : मासिक दुर्गाष्टमी आज। 21 जुलाई 2026 : परशुराम अष्टमी आज। 21 जुलाई 2026 : खरसी पूजा आज। 22 जुलाई 2026 : भडली नवमी कल। 22 जुलाई 2026 : गुप्त नवरात्र कल होंगे पूर्ण। 22 जुलाई 2026 : कश्मीर में शरीफ भवानी का मेला कल। राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें। आज का राशिफल **** 21 जुलाई, 2026, मंगलवार ================== मेष राशि : समय से पहले और भाग्य से ज्यादा किसी को नहीं मिलता। अपने बारी का इंजतार करें। संतान के सहयोग से कार्य पूरे होंगे। नए लोगों से संपर्क बनेगा जो भविष्य में लाभदायक रहेगा। वाहन सुख संभव है। वृषभ राशि : जो लोग दूसरे के लिए मांगते हैं, उन्हें कभी अपने लिए नहीं मांगना पड़ता। माता के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। किसी के बहकाने से सपने संबंध तोडऩे से बचें। पैर में चोट लग सकती है। समाज में नाम होगा। मिथुन राशि : जिन लोगों का सहयोग आप ने किया था आज वे ही आप से मुंह फेर रहे हैं। बीमारी में दवाई असर नहीं करेगी। बेहतर होगा अपना डॉक्टर बदलें या किसी योग्य व्यक्ति से सलाह लें। नए भवन में जाने के योग हैं। कर्क राशि : अपने स्वभाव में परिवर्तन लाना बहुत जरूरी है। कार्यस्थल पर योजना लाभप्रद रहेगी। पड़ोसियों की मदद लेनी पड़ सकती है। क्रोध की अधिकता से परिजन ना खुश होंगे। शेयर बाजार में निवेश से लाभ होगा। सिंह राशि : किसी के बहकावे में आप बहुत जल्द आ जाते हैं। समय रहते जरूरी कार्य पूरे करें। निजी जीवन में दुसरों को प्रवेश न दें। पिता के व्यवहार से मनमुटाव होगा। जीवनशैली में परिवर्तन के योग हैं। पुरानी दुश्मनी के चलते विवाद संभव हैं। कन्या राशि : सोचे कार्य समय पर होने से मन प्रसन्न रहेगा। अपने वाक् चातुर्य से सभी काम आसानी से करवा लेंगे। कार्यस्थल पर अपनी अलग पहचान स्थापित करेंगे। प्रेम-प्रसंग के चलते मन उदास होगा। तुला राशि : आपकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। जीवनशैली में आए परिवर्तन से खुश होंगे। आजीविका के नए स्रोत स्थापित होंगे। पारिवारिक सोहार्द बना रहेगा। मांगलिक समारोह में सक्रिय भूमिका रहेगी। वृश्चिक राशि : अपने हिसाब से जिंदगी जीना पसंद करेंगे। जो लोग आप के कार्यों की सराहना करते थे, वे आपका विरोध करेंगे। भूमि-भवन संबंधी विवादों का अंत होगा। पिता के व्यवसाय में रुचि कम रहेगी। धनु राशि : समय रहते अपने कार्य पूर्ण करें। पारिवारिक लोगों का सहयोग न मिलने से कार्य प्रभावित होंगे। घर में वास्तु अनुरूप परिवर्तन करें तो पारिवारिक तनाव खत्म होगा। फैक्ट्री में प्रवेश द्वार पर पंचमुखी हनुमानजी की तस्वीर लगायें, चमत्कारिक लाभ होगा। मकर राशि : व्यस्तता के कारण सेहत को न भूलें। अपने जीवनसाथी से नम्रता से बात करें और आपकी दोनों की वार्तालाप में स्नेह झलके न कि बनावटी बातें करें। वाणी में मधुर रहें। यात्रा के योग हैं। कुम्भ राशि : सेहत को नजरअंदाज न करें। आनावाश्यक किसी को परेशान करना अच्छी बात नहीं है। मेहमानों की खातिरदारी करना पड़ेगी। अपने संपर्कों से रुके कार्य पूरे होंगे। बहनों के विवाह की चिंता रहेगी। मीन राशि : जल्दबाजी में किये फैसलों से भारी नुकसान हो सकता है। परिवार में आप की बातों को सुना जायेगा। धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता होगी। जीवनसाथी के स्वास्थ में सुधार होगा। परीक्षा परिणाम अनुकूल होंगे। राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 आज का पंचांग ========== 21 जुलाई 2026, मंगलवार **** तिथि अष्टमी 05:18 AM नक्षत्र चित्रा 08:49 PM करण विष्टि, 04:37 PM, अगले दिन बव 05:18 AM पक्ष शुक्ल योग सिद्ध 06:25 PM वार मंगलवार सूर्योदय 05:35 AM सूर्यास्त 07:18 PM चन्द्रमा कन्या 07:55 AM राहुकाल 03:52 - 05:35 PM विक्रमी संवत्  2083 शक सम्वत 1948 ( पराभव ) मास अमांत आषाढ मास पूर्णिमांत आषाढ शुभ मुहूर्त अभीजित 11:59 - 12:54 PM राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।

  • विवस्वत सप्तमी आज ******* भगवान सूर्यदेव के पूजन से हर मनोकामना होगी पूरी ===================== श्रद्धालु 20 जुलाई को विवस्वत सप्तमी मनाएंगे। आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को विवस्वत सप्तमी मनाई जाती है। इस दिन सूर्यदेव की पूजा करने का विधान है। इस व्रत को करने से जीवन की सभी परेशानियां दूर होती है। विवस्वत सप्तमी व्रत का महत्व : सप्तमी के दिन सूर्यदेव की पूजा करने से जीवन सारी परेशानियां दूर होती हैं तथा भाग्य का साथ मिलता है। यश-कीर्ति बढ़ने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी सारी समस्याएं दूर होती है। आइए अब जानते हैं पूजा विधि :- * अलसुबह उठकर नित्य क्रिया से निवृत्त होकर स्नान करके लाल वस्त्र धारण करें। * अपने माथे पर लाल चंदन का तिलक लगाएं। * तत्पश्चात तांबे के कलश में जल भर कर उसमें लाल फूल, रोली, अक्षत और चीनी डालें। * इसके बाद सूर्यदेव को 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:' मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य चढ़ाएं। * शाम को सूर्यास्त से पूर्व एक बार फिर सूर्य देव को अर्घ्य दें। * शाम को गुड़ का हलवा बना कर सूर्यदेव को अर्पित करें और इसे प्रसाद के रूप में बांटें। * शाम को सूर्यदेव की पूजा के बाद ब्राह्मणों को भोजन करावाएं तथा दक्षिणा दें। * सूर्यदेव को प्रसन्न करने के लिए इस दिन आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ अवश्‍य करना चाहिए। ज्ञात हो कि आषाढ़ शुक्ल सप्तमी पर भगवान सूर्य की उपासना करने से व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।

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  • आज का राशिफल व पंचांग ***** 20 जुलाई, 2026, सोमवार ===================== आज और कल का दिन खास ***** 20 जुलाई 2026 : विवस्त सप्तमी आज। 21 जुलाई 2026 : परशुराम अष्टमी कल। 21 जुलाई 2026 : मासिक दुर्गाष्टमी कल। 21 जुलाई 2026 : खरसी पूजा कल। राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें। आज का राशिफल **** 20 जुलाई, 2026, सोमवार ================== मेष राशि : जीवन में कई उतार-चढ़ाव आते हैं। आप इस तरह हताश होकर बैठ गए तो नुसकान आप के साथ कई लोगों का होगा। कारोबार में उन्नति के योग हैं। कर्मचारियों से सहयोग मिलेगा। न्याय पक्ष मजबूत होगा। वृषभ राशि : भाग्योदय का समय है। अपनी पूरी मेहनत से अपने कार्य में लग जायें, सफल होंगे। कार्यस्थल बार बार हो रही मशीनरी के खराब होने से परेशान रहेंगे। मशीनरी का स्थान परिवर्तन कर दें, समाधान हो जायेगा। मिथुन राशि : परिणय चर्चाओं में सफलता मिलेगी। खान-पान में ध्यान देने की जरूरत है। कई दिनों से आप के मन में किसी बात को लेकर दुविधा है। झूठ बोल कर आप स्वयं फंस सकते हैं। धनलाभ हो सकता है। कर्क राशि : काम को टालना बंद करें और समय पर कार्य को करना सीखें। जल्दबाजी में लिए फैसले गलत साबित होंगे। व्यापार को बढ़ाने के लिए कर्ज लेना पड़ सकता है। संतों का सान्निध्य प्राप्त हो सकता है। सिंह राशि : बेहतर सफलता के लिए कार्य योजना में बदलाव लाएं। खुद के तौर-तरीके बदलें। परिवार में बहनों के विवाह की चिंता बनी रहेगी। कपास तेल और लौह व्यापार से जुड़े लोगों को नुकसान हो सकता है। कन्या राशि : केवल पैसा कमाने में ही न लगें, अपनी जरूरी जिम्मेदारी में पूरी करें। व्यस्तता के चलते जरूरी कार्य आज भी पूर्ण नहीं हो पायेंगे। नौकरी में तबादले के योग बन रहे हैं, आर्थिक लाभ होगा। तुला राशि : अपने व्यवहार में परिवर्तन लाएं। कार्यस्थल पर कर्मचारियों से विवाद हो सकता है। आजीवका के नए स्रोत स्थापित होंगे। कोई बड़ा प्रोजेक्ट मिल सकता है। मान कीर्ति में वृद्धि होगी। वृश्चिक राशि : नए व्यावसायिक अनुबंध हो सकते हैं। पारिवारिक यात्रा के योग है। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। सम्मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नए तकनीकी प्रयोग से लाभ होगा। धनु राशि : आत्मविश्वास और इष्ट बल की मदद से सफलता मिलेगी। साझेदारी से लाभ होगा। मानसिकता बदलें और अच्छा सोचें। बुजुर्गों के स्वास्थ की चिंता रहेगी। अपने सपनों को साकार करने का समय आ गया है। पूरी मेहनत और लगन से अपने कार्य में लग जाएं। मकर राशि : मन ही मन किसी बात से परेशान हैं, पूर्ण विचार और अपने विश्वसनीय जनों से विचार कर निर्णय लें। शत्रु सक्रिय होंगे। विदेश यात्रा के योग बन रहे है। पूर्व में किए निवेशों से लाभ होगा। कुम्भ राशि : अपने कार्यक्षेत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें, गुस्सा करने से कुछ हासिल नहीं होगा। बड़ों का अनुभव आप के लिए लाभप्रद रहेगा। अपने मन की बातें और व्यापारिक योजना हर किसी को न बतायें नुकसान हो सकता है। मीन राशि : जोखिम के कार्यों से दूर रहें। किसी अजनबी पर भरोसा न करें। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आप के विरोधी आप को उलझाने की कोशिश कर रहे हैं, सतर्क रहें। धन संचय में सफल होंगे। संतान सुख की प्राप्ति होगी। राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 आज का पंचांग ========== 20 जुलाई 2026, सोमवार **** तिथि सप्तमी 04:04 AM नक्षत्र हस्त 07:10 PM करण गर, 03:43 PM, अगले दिन वणिज 04:04 AM पक्ष शुक्ल योग शिव 06:37 PM वार सोमवार सूर्योदय 05:34 AM सूर्यास्त 07:19 PM चन्द्रमा कन्या राहुकाल 07:18 - 09:01 AM विक्रमी संवत्  2083 शक सम्वत 1948 ( पराभव ) मास अमांत आषाढ मास पूर्णिमांत आषाढ शुभ मुहूर्त अभीजित 11:59 - 12:54 PM राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।