Yunus Khan Official
СтатистикаAssistant Professor in Political Science
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645 पदों के लिए हुई परीक्षा में केवल 67 पास स्कूल व्याख्याता (राजनीति विज्ञान) अबकी बार GK की वजह से
राजनीति विज्ञान : अपने कठिन दौर में कुल पद - 83 इंटरव्यू के लिए स्टूडेंट्स मिले - 40
कल 11.00 बजे जयपुर में
एक लक्ष्य 🎯 एकाग्र मन कठोर मेहनत सफल जीवन
जब सारे रास्ते बंद हो और जहाँ हमें उम्मीद की किरण नजर आए, वही दोस्त है। Happy Friendship Day 💐
पिछले लंबे समय से की गई मेहनत को किताब 📕 की शक्ल में ढालने का प्रयास अपने अंतिम चरण में है। पहले चरण में RAS के लिए राजस्थान राजव्यवस्था और दूसरे चरण में भारतीय राजव्यवस्था की पुस्तक प्रकाशित होगी। इस पुस्तक के पीछे सबसे महत्वपूर्ण मक़सद संविधान की तकनीकी भाषा को विद्यार्थियों के अनुकूल बनाकर व्यवस्थित रूप में इस तरह से पेश करना है कि राजनीति विज्ञान का पूर्व ज्ञान ना रखने वाला विद्यार्थी भी बिना किसी अन्य सहायता के इसे आसानी से न केवल समझ सके बल्कि लंबे समय तक याद रख सके। बाक़ी वास्तविक मूल्यांकन आप सभी विद्यार्थी ही बेहतर तरीके से कर पाएंगे। राजस्थान राजव्यवस्था की पुस्तक जल्द ही सम्भवतः अगले सप्ताह आपके लिए उपलब्ध होगी।
मनमोहन सिंह का वो भाषण याद आता है जिसमें उन्होंने कहा था कि “मुझे पूरा यकीन है कि इतिहास मेरा मूल्यांकन उदारतापूर्वक करेगा।”
अपने माता पिता और गुरु के प्रति आदर और सम्मान का भाव केवल परंपरा नहीं बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले प्रकाश के प्रति कृतज्ञता है। गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏
Grade 2 SSt Answer Key 🔑
राजा बोला - रात है रानी बोली - रात है मंत्री बोला - रात है संतरी बोला - रात है ये सुबह सुबह की बात है।
फीफा कप और संयम स्पेन 🇪🇸 ने फीफा विश्व कप 2026 जीत लिया है। फ्रांस और अर्जेंटीना जैसी मोस्ट वेटेड टीमों को हराकर स्पेन का इस खिताब को जीतना कई मायनों में बहुत महत्वपूर्ण है। फ्रांस और अर्जेंटीना की जीत की संभावनाओं की पीछे मुख्य वजह उनके पास क्रमशः एम्बापे और मेसी का होना था जबकि स्पेन के पास एक भी ऐसा बड़ा नाम नहीं था। बावजूद इसके उसके विजेता बनने के पीछे क्या वजह थी? फुटबॉल की दुनिया में जब बड़े खिलाड़ियों की चर्चा होती है और सामान्यतः जो खिलाड़ी ज़्यादा फेमस हुए उनमे पेले, मैराडोना, रिवाल्डो, रोनाल्डो नज़ारियो, रोनाल्डिन्हो, मिरोस्लाव क्लोस, लुईस सुआरेज, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, मैसी, नेमार, किलियन एम्बापे, मो सालाह, रहीमी, विनी जूनियर, अर्लिंग हालैंड, लामिने यमाल आदि के नाम शुमार हैं। ये सभी खिलाड़ी फॉरवर्ड पोजीशन (अटैकिंग पोजीशन) वाले खिलाड़ी रहे हैं जिनके पास गोल करने के सबसे ज़्यादा अवसर होते हैं। इसका सीधा अर्थ है कि ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की लोकप्रियता बाक़ी खिलाड़ियों से ज़्यादा है। क्या इसका मतलब हम ये समझें कि बाक़ी पोजीशन पर रहने वाले खिलाड़ियों मतलब मिडफील्डर और डिफेंडर का महत्व स्ट्राइकर्स की तुलना में कम है ? जब आप फीफा कप 2026 का विश्लेषण करेंगे तो पाएंगे कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। स्पेन ने यह विश्व कप अपने डिफेंडर्स की वजह से जीता है, स्ट्राइकर्स की वजह से नहीं। पूरे टूर्नामेंट में स्पेन ने केवल एक गोल खाया है। इस टीम के डिफेंडर्स ने विरोधी टीमों को गोल करने के मौके दिए ही नहीं। स्पेन ने यह खिताब अपने संयम से जीता है, आक्रामकता से नहीं। क्या आप जानते हैं कि इस टूर्नामेंट का गोल्डन बॉल (Best Player या Player of the tournament) अवार्ड किसे मिला? ये अवार्ड स्पेन के कप्तान रोड्री जीतते हैं जो सेंटर डिफेंस पोजीशन पर खेलते हैं। यही नहीं Best Young Player का अवार्ड पाऊ कुबारसी (स्पेन) ने जीता और मजे की बात ये है कि ये भी डिफेंस पोजीशन पर खेलते हैं। बात सिर्फ इतनी सी है कि आक्रामकता के अपने मायने हो सकते हैं लेकिन संयम का अपना महत्व है। बिना संयम के आप कभी बड़ी सफलता प्राप्त नहीं कर सकते। आक्रामकता भी केवल तभी उपयोगी हो सकती है जब उसमें संयम का उचित मेल हो। बिना संयम के आक्रामकता के कोई मायने नहीं। विद्यार्थी जीवन में तैयारी के दौरान आक्रामकता आपको आगे लेकर जाती है लेकिन बिना धैर्य वाली आक्रामकता back fire कर देती है। बिना आक्रामकता के सफलता प्राप्त की जा सकती है लेकिन बिना संयम के नहीं। संयम सफलता की कुंजी है। यूनुस ख़ान https://t.me/yunuskhansir
जो इस पागलपन में शामिल नहीं होंगे, मारे जाएँगे कटघरे में खड़े कर दिए जाएँगे, जो विरोध में बोलेंगे जो सच-सच बोलेंगे, मारे जाएँगे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा कि किसी की क़मीज़ हो उनकी क़मीज़ से ज़्यादा सफ़ेद क़मीज़ पर जिनके दाग़ नहीं होंगे, मारे जाएँगे धकेल दिए जाएँगे कला की दुनिया से बाहर, जो चारण नहीं, जो गुन नहीं गाएँगे, मारे जाएँगे धर्म की ध्वजा उठाए जो नहीं जाएँगे जुलूस में गोलियाँ भून डालेंगी उन्हें, काफ़िर क़रार दिए जाएँगे सबसे बड़ा अपराध है इस समय निहत्थे और निरपराध होना जो अपराधी नहीं होंगे, मारे जाएँगे। ✍️ राजेश जोशी
ग्रेड 2 परीक्षा में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों को Best Of Luck 👍 और साथ ही उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ
Yunus Khan Official pinned «केप वर्डे : उम्मीदों का देश फीफा वर्ल्ड कप 🏆 के राउंड 32 में आज अलसुबह 3.30 बजे हुए एक मुकाबले ने मानवीय क्षमताओं को नए सिरे से परिभाषित किया है। भारत के सबसे छोटे राज्य सिक्किम से भी कम आबादी (लगभग साढ़े 5 लाख) वाले एक छोटे(लगभग 4000 वर्ग किलोमीटर) से द्वीपीय…»
सोशल मीडिया पर आज वायरल हो रहा ये मैप एक बानगी है जिसमें अर्जेंटीना 🇦🇷 के अलावा पूरी दुनिया को केप वर्डे के समर्थक के रूप में दिखाया गया है। मजे की बात ये है कि केप वर्डे इतना छोटा देश है कि इस मैप में वह ख़ुद अपनी जगह नहीं पा सका है। 😁 ये मिसाल है इस बात की कि कमतर कोई नहीं है। बस जरूरत अपनी प्रतिभा को पहचान कर उसे हौसलों की उड़ान देने की है। ख़ुद पर भरोसा रखिए और मेहनत से अपनी तक़दीर लिखने की ज़िद पालिए। यकीन मानिए कि सब कुछ बदल जाएगा और दुनिया तुम्हें पहचानेगी।
केप वर्डे : उम्मीदों का देश फीफा वर्ल्ड कप 🏆 के राउंड 32 में आज अलसुबह 3.30 बजे हुए एक मुकाबले ने मानवीय क्षमताओं को नए सिरे से परिभाषित किया है। भारत के सबसे छोटे राज्य सिक्किम से भी कम आबादी (लगभग साढ़े 5 लाख) वाले एक छोटे(लगभग 4000 वर्ग किलोमीटर) से द्वीपीय देश केप वर्डे (अटलांटिक महासागर में स्थित अफ़्रीकी देश) का मुक़ाबला लियोनेल मेसी,रोमेरो और मार्टिनेज़ जैसे सितारों से सजी तीन बार की और वर्तमान विश्व चैम्पियन अर्जेंटीना से हुआ। कल्पना कीजिए कि छोटे से देश की इस टीम ने विश्व चैम्पियन को सामने कैसा खेल दिखाया होगा। 90 मिनट के खेल में दोनों टीमें 1:1 से बराबर रही। केप वर्डे कहीं भी कमतर टीम नजर नहीं आई बल्कि उसने अर्जेंटीना की बादशाहत को चुनौती देते हुए एक बार तो उसमें हार का डर पैदा कर दिया। एक्स्ट्रा टाइम (30 मिनट) में गए इस मैच को अंततः अर्जेंटीना ने 3:2 से जरूर जीत लिया लेकिन अपने खेल और जज़्बे से पूरी दुनिया का दिल केप वर्डे ने जीता। 103वें मिनट में केप वर्डे के सिडनी लोपेज कैब्रल द्वारा बॉक्स के लेफ्ट से इनसाइड कट लगाकर गोल पोस्ट के अपर राइट कॉर्नर में किया गया गोल तो इस टूर्नामेंट का अब तक का सबसे बेहतरीन गोल है। केप वर्डे के कप्तान और गोलकीपर वॉज़िन्हा इस टूर्नामेंट में एक बड़े खिलाड़ी के रूप में उभर कर सामने आए हैं। शायद अर्जेंटीना फीफा कप 2026 की विजेता बन जाए लेकिन उसे ये मैच फिर भी याद रहेगा जिसने उसकी सांसे ऊपर नीचे कर दी थी। एक दर्शक के तौर पर इस मैच की मेरी शुरुआत अर्जेंटीना और मेसी के प्रशंसक के रूप में हुई और मैच के आख़िर में मैंने ख़ुद को केप वर्डे के समर्थक के रूप में पाया। बस ये एक पंक्ति पर्याप्त है इस टीम के खेल को परिभाषित करने के लिए। 140 करोड़ की आबादी के साथ भारत अभी भी उन 11 खिलाड़ियों की तलाश में है जो उसे कभी फीफा वर्ल्ड कप में एंट्री दिला सके। फाइनल का अनुमान : फ्रांस vs अर्जेंटीना यूनुस ख़ान