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  • 29 янв.1 2531

    अगर बालक बुद्धि भी है तो भी जिस जिसने मोदी के खिलाफ यूजीसी को लेकर पोस्ट लिखी थी आशा है वो सब अपनी अपनी वॉलपर माफी मांग लेंगे। आशा है अब इस प्रकरण पर मेरे को कुछ लिखने के लिए कोई अनुरोध (रिक्वेस्ट) नहीं करेगा। क्योंकि यह सारे प्रकरण पर मोदी का कुछ लेना देना था ही नहीं। जिसके कहने पर नियम लागू हुए थे उसीने ही अब रोक लगा दी है। मैंने अपनी पोस्ट में लिखा था कि सुप्रीम कोर्ट इस पर जरूर रोक लगा देगा। विस्तार में जानने वालों के लिए: 29 जनवरी, 2026 को भारत के सुप्रीम कोर्ट ने UGC (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा) रेगुलेशन, 2026 के लागू होने पर रोक लगा दी। कोर्ट ने चिंता जताई कि नए नियम "अस्पष्ट" थे, "दुरुपयोग के लायक" थे, और जातिविहीन समाज को बढ़ावा देने के बजाय सामाजिक विभाजन को और गहरा कर सकते थे। मुख्य न्यायिक घटनाक्रम रेगुलेशन पर रोक: मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की बेंच ने आदेश दिया कि 2026 के रेगुलेशन को अगले आदेश तक रोक दिया जाए। 2012 के मानदंडों को फिर से लागू करना: अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, कोर्ट ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को अंतरिम अवधि में UGC रेगुलेशन, 2012 का पालन जारी रखने का निर्देश दिया। "अस्पष्ट" भाषा की आलोचना: बेंच ने विशेष रूप से रेगुलेशन 3(c) पर आपत्ति जताई, जिसमें "जाति-आधारित भेदभाव" को केवल SC, ST और OBC श्रेणियों पर लागू होने के रूप में परिभाषित किया गया था। कोर्ट ने कहा कि यह परिभाषा भेदभावपूर्ण थी और #सामान्य_श्रेणी_के_छात्रों को सुरक्षा से वंचित कर सकती थी। विशेषज्ञ समीक्षा अनिवार्य: कोर्ट ने सुझाव दिया कि केंद्र स्पष्टता और संवैधानिक वैधता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिष्ठित न्यायविदों और विद्वानों की एक समिति का गठन करे ताकि ढांचे को फिर से तैयार किया जा सके। विवाद की पृष्ठभूमि उत्पत्ति: 2026 के रेगुलेशन 13 जनवरी, 2026 को अधिसूचित किए गए थे, जो 2019 में छात्रों रोहित वेमुला और पायल तडवी की माताओं द्वारा दायर एक PIL के बाद हुआ था, जिनकी कथित जातिगत उत्पीड़न के कारण आत्महत्या से मृत्यु हो गई थी। जनादेश: नए नियमों के तहत विश्वविद्यालयों को भेदभाव की शिकायतों को संभालने के लिए "इक्विटी समितियां" और समान अवसर केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता थी। विरोध प्रदर्शन: अधिसूचना ने सामान्य श्रेणी के छात्रों द्वारा देशव्यापी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिन्होंने तर्क दिया कि नियम एकतरफा थे और व्यक्तिगत दुश्मनी के लिए उनका फायदा उठाया जा सकता है। आगे क्या होगा? अगली सुनवाई: मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च, 2026 को होनी है। सरकारी जवाब: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन को नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किए हैं। स्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया·TOI.in 6:56

  • मै आपको छुड़वा दुंगा" साध्वी जी ने कहा, "अगर आपकी उनसे घनिष्ठता है और सच में हमें छुड़ाना चाहते हो, तो चिदम्बरम से जाकर बोलो की इमानदारी से जांच करवा ले, क्योंकि मैंने ऐसा कुछ किया ही नही है ।" हिन्दुओं सबसे ख़ास बात ये कि साध्वी पर ये अत्याचार किसी इस्लामिक काल में नही हुआ है इसके आगे आपको सोचना है कि काँग्रेसियों के मन मे हिन्दुओं के लिए कितना प्रेम है। अब आपको निर्णय करना है कि आपको कैसा भारत चाहिये , और यदि अंतरात्मा ,स्वधर्म गौरव और स्वाभिमान नाम की कोई चीज है हिंदुओं के जेहन में तो तुम हिंदुओं को कसम है अयोध्या में विराजमान तुम्हारे आराध्य राम की, शहीद रामभक्तों और शहीदों के खून से लाल हुयी सरयू नदी की, इस सपा+ कांग्रेस को जीवन में कभी भी वोट मत देना। हिन्दू आतंकवाद शब्द गढ़ने का कांग्रेस ने गंदा प्रयास किया लेकिन आज कोर्ट ने इनके झूठ की पोल खोल दी है। , #NIA कोर्ट ने 2008 के मालेगांव मामले में साध्वी प्रज्ञा, लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित और अन्य को क्लीन चिट दे दी है। सभी कांग्रेस के द्वारा बनाए गए कथित आरोपीयो को बरी किया गया। तथाकथित "भगवा आतंकवाद" का मिथक ध्वस्त हो गया है। कांग्रेस की राजनीतिक प्रतिशोध की भावना उजागर हुई है। यह सिर्फ़ एक फैसला नहीं है, बल्कि वोट बैंक की राजनीति के लिए संतों और सैनिकों को बदनाम करने वालों के मुँह पर तमाचा है। सत्यमेव जयते। 😭😭😭😭😭😭😭😭

  • अगर आप अपने आप को जिंदा कौम कहते हो तो आपकी भुजाएं फड़कनी चाहिए। कोर्ट ने बाइज्जत बरी किया। "कुत्ती" , "कमीनी" , "वेश्या" , "कुलटा " बोल इस भगवा में किसकी रखैल है तू ?" "अब तक कितनों के बिस्तर पर गई‎ है?" "किसके इशारे पर सब कर रही है ?" "जिंदगी प्यारी है तो जो मैं कहता हूँ कबुल कर ले बाकी जिंदगी आराम से कटेगी" यह शब्द सुनकर आपकी त्योरियां जरुर चढ़ गई‎ होगी मेरी भी चढ़ गई थी। ऐसे घृणित शब्दों से किसी और को नहीं बल्कि भगवा वस्त्र धारिणी निष्कलंक साध्वी प्रज्ञा सिंह को कलंकित "कांग्रेस"‎ के इशारे पर मुम्बई ATS चीफ हेमंत करकरे के सामने मुम्बई पुलिस व ATS ने कहलवाया था. जिस हेमंत करकरे को आज शहीद मान कर सम्मान दिया जाता है एक नम्बर का नीच आदमी था. उस निर्दोष हिंदू साध्वी का श्राप लगा और आज हेमंत करकरे के परिवार में कोई दीपक जलाने वाला भी जीवित नहीं बचा है । मैं साध्वी प्रज्ञा जी का एक साक्षात्कार देख रहा था। ऐसे घृणित शब्दों को इशारे में बताया। बताते हुए उनके नेत्र सजल हो गये. साक्षात्कार देखते हुए क्रोधाग्नि से धधक रहे मेरे आँखो से भी अश्रु की धारा फूट पड़ी। "साध्वी प्रज्ञा" ने मर्माहत शब्दों में वृत्तान्त सुनाया कि मेरे शरीर का कोई‎ ऐसा अंग नही जिसे चोटिल ना किया गया हो। जब पत्रकार ने पुछा कि मारने के कारण ही आपके रीढ़ की हट्टी टूट गई‎ थी ?? साध्वी प्रज्ञा ने कहा, "नहीं, मारने से नहीं, एक जन हमारा हाथ पकड़ते थे एक जन पांव और झूलाकर दीवार की तरफ फेंक देते थे, ऐसा प्राय: रोजाना होता था दीवार से सर टकराकर सुन्न हो जाता था। कमर में भयानक दर्द होता था। ऐसा करते करते एक दिन रीढ़ की हड्डी टूट गई तब अस्पताल में भर्ती कराया गया।" साध्वी प्रज्ञा ने बताया, "एक दिन तो ऐसा हुआ कि मारते मारते एक पुलिस वाला थक गया तो दूसरा मारने लगा। उस दौरान मेरे फेफड़े की झिल्ली फट गई‎ फिर भी विधर्मी निर्दयता से मारता रहा.". साध्वी प्रज्ञा ने बताया, "रीढ़ की हड्डी टूटने के बाद मैं बेहोश हो गई‎ थी। जब होश आया तो देखा कि मेरे शरीर से सारा भगवा वस्त्र उतार लिया गया गया था. मुझे एक फ्राक पहनाया गया था।" साध्वी दीदी ने बताया, "मेरे साथ मेरे एक शिष्य को भी गिरफ्तार किया गया था । उसे मेरे सामने लाकर उसे चौड़ा वाला बेल्ट दिया और कहा मार!! अपने गुरु को इस साली को!!" ."शिष्य, सकुचाने लगा तो मैं बोली मारो मुझे !! शिष्य ने मजबुरी में मारा तो जरुर मुझे लेकिन नरमी से। तब एक पुलिस वाले ने शिष्य से बेल्ट छीन कर शिष्य को बुरी तरह पीटने लगा और बोला ऐसे मारा जाता है. "साध्वी प्रज्ञा ने बताया कि एक दिन कुछ पुरुष‎ कैदियों के साथ मुझे खड़ी करके अश्लील आडियो सुनाया जा रहा था. मेरे शरीर पर इतनी मार पड़ी थी कि मेरे लिए खड़ी रहना मुश्किल था. मैं बोली कि बैठ जाऊँ वो बोले साली शादी मे आई है क्या कि बैठ जायेगी!! मेरी आँख बंद होने लगी मैं अचेत हो गई। साध्वी प्रज्ञा ने बताया, "मेरे दोनों हाथों को सामने फैलवाकर एक चौड़े बेल्ट से मारते थे, मेरा दोनो हाथ सूज जाता था। अँगुलियां भी काम नही करती थी, तब गुनगुना पानी लाया जाता था। मैं अपने हाथ उसमें डालती, कुछ आराम होता तब अंगलुियां हिलने डुलने लगती थी, तो फिर से वही क्रिया मेरे पर मार पड़ती थी। साध्वी प्रज्ञा जी ने बताया कि मुझे तोड़ने के लिए मेरे चरित्र पर लांछन लगाया। क्योंकि लोग जानते हैं कि किसी औरत को तोड़ना है तो उसके चरित्र पर दाग लगाओ ! मेरे जेल जाने के बाद यह सदमा मेरे पिताजी बर्दास्त नहीं कर पाये और इस दुनियां से चल बसे. साध्वी जी राहत की सांस लेते हुए कहती हैं मेरे अन्दर रहते ही, एक दुर्बुद्धि दुराचारी हेमंत करकरे को तो सजा मिल गई‎ मिल गई अभी बहुत लोग बाकी है। साध्वी ने बताया, "नौ साल जेल में थी, सिर्फ एक दिन एक महिला ने एक डंडा मारा था, बाकी हर रोज पुरुष ही निर्दयता से हमें पीटते थे." पत्रकार ने पूछा, "आपको समझ में तो आ गया होगा कि क्यों आपको इतने बेरहमी से तड़पाया जा रहा था?" साध्वी जी ने कहा, "हां, भगवा के प्रति उनका द्वेश था। फूटी आंख भी भगवा को नही देखना चाहते थे। भगवा को बदनाम करने का कांग्रेस ने एक सुनियोजित षडयंत्र तैयार किया था." साध्वी ने बताया कि एक बार कांग्रेस का गुलाम, स्वामी अग्निवेष मुझसे मिलने जेल में आया और बोला, "आप सब कबुल कर लो कि हां! यह सब RSS के कहने पर हुआ है। इसमें यूपी के सांसद योगी आदित्य नाथ और संघ के इंद्रेश कुमार का नाम ले लो । सरकारी गवाह बन जाओ। चिदम्बरम और दिग्विजय हमारे मित्र हैं।

  • अमेरिकन प्रेसिडेंट ने भारतीय इकोनॉमी को डेड कहा है। ज्यादातर लोग इसे ट्रम्प का बेफकूफी भरा शगूफा मान रहे हैं। लेकिन इसके पीछे कितनी गहरी चाल हो सकती है इसका शायद हमने अंदाजा भी नहीं लगाया। मैं समझाने की कोशिश करता हूं। अभी हाल ही में हमारी तेल शोधन कंपनी "न्यारा" के ऊपर सैंक्शन्स लगाए गए और माइक्रोसॉफ्ट ने उसको अपनी सर्विसेज देनी बंद कर दी जिससे उसके ऑपरेशन में गड़बड़ियां होनी शुरू हो गई। यह सिर्फ एक प्रयोग था और यह एक बहुत भयावह स्थिति थी। हमारा अपना कोई ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं है और भारत अमेरिकन सिस्टम माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज या एप्पल के OS पर निर्भर है। इसी तरह हमारे पास अपना कम्युनिकेशन सिस्टम नहीं है, और ज्यादातर भारतीय जीमेल, होटेल, व्हाट्सएप्प पर निर्भर है। मोबाइल फोंस में भी बाहरी देशों की भागीदारी है और हमारा बीएसएनएल मृतप्राय है। हमारे पास अपना सर्च इंजन नहीं है और हम अमेरिका के गूगल पर निर्भर हैं। सोशल मीडिया की बात करें तो फेसबुक, इंस्टाग्राम, X, थ्रेड्स और रील्स का बोलबाला है। जहां अधिकतर गंद परोसा जा रहा है। अगर इन सभी सिस्टम्स को एक बार अमेरिका ससपेंड कर दे तो हमारी इकॉनमी का डेड होना निश्चित है, भले ही यह कुछ समय के लिए हो। हाँ एक बात मोदी जी ने बहुत अच्छी कर दी कि अपना फाइनेंसियल सिस्टम UPI को इतना इफेक्टिव बना दिया कि वार की स्थिति में दुश्मन हमारे वित्तिय लेनदेन को ज्यादा प्रभावित नहीं कर सकता। मोदी जी हमारा देश IT का महारथी है। ऐसा होने के बावजूद अगर हम अपने ये सिस्टम डवैलोप नहीं करेंगे और अमेरिकन सिस्टम पर निर्भर रहेंगे तो कभी न कभी अमेरिका हमें ब्लैकमेल भी करेगा और युद्ध की स्थिति में गरीब मार भी मारेगा। वैसे भी अमेरिका के ये सारे सिस्टम हमारे देश से लाखों करोड़ रुपये प्रतिवर्ष कमा कर अपने देश ले जा रहें हैं। मोदी जी जब अमेरिका ने टैरिफ वार घोषित कर ही दी है तो हमें भी चीन की तरह अपने को सेफ करने की जरूरत है और चीन की तरह हमें भी अमेरिकन सिस्टम्स को लात मार कर अपने सिस्टम्स को उपयोग में लाना चाहिए। बाकी हिंदुस्तान में बहुत ज्ञानी जन हैं वह अपने कमेंट कॉमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं।

  • कोस्टल लाइन का 7500 किलोमीटर से बढ़कर 11000 किलोमीटर से भी ज्यादा होने के बारे में जानने के प्रति बहुत से दोस्तों की उत्सुकता देखने को मिली। इसके साथ-साथ ही बहुत से दोस्तों ने सटीक विश्लेषण करने का भी प्रयास किया। जैसा कि कमेंट बॉक्स में लिखे गए कई ज्ञानी दोस्तों द्वारा बताया गया है कि पहले हमारी कोस्टल लाइन की स्टीक गणणा नहीं हो पाई थी लेकिन अब भारत के उन्नत किस्म के उपग्रहों के कारण उन सभी छोटे-छोटे द्वीपों की लंबाई को भी मापा जा सका है। अब यहां यह प्रश्न उठता है कि अगर पहले से ही यह द्वीप हमारे पास ही थे तो अब इनकी लंबाई की गणणा मात्र से हमें क्या फायदा होने वाला है। अगर आप इस बड़े हुए क्षेत्र के बारे में अवलोकन करेंगे तो आपको पता लगेगा कि ज्यादातर बड़ी हुई कोस्टल लाइन या तो गुजरात में है या फिर बंगाल में है। गणणा के अनुसार उल्लेखनीय वृद्धि वाले राज्य: गुजरात (लगभग दोगुना) और बंगाल (357% की वृद्धि) हैं। जहां गुजरात अपना बॉर्डर पाकिस्तान के साथ शेयर करता है वही बंगाल अपना बॉर्डर बांग्लादेश के साथ शेयर करता है और कांग्रेस द्वारा इन्हीं टापूओं पर पाकिस्तान और बांग्लादेश से लाकर जिहादी बसाए जा रहे थे जिससे इन प्रदेशों की डेमोग्राफी चेंज हो रही है। धीरे-धीरे इन जिहादियों ने भारतीय मछुआरों और नौका यातायात का संपूर्ण उद्योग अपने हाथ में ले लिया। अभी पिछले दिनों हमारे प्रधानमंत्री द्वारा द्वारकाधीश की यात्रा के समय उन्होंने इस बात को पूर्ण रूप से अनुभव किया और अब सरकार इनको धीरे-धीरे वहां से खदेड़ने का कार्यक्रम चलाएगी। अतिवादी हिंदू अक्सर पूछते हैं कि 11 वर्षों में मोदी ने क्या किया? पर वह यह नहीं जानते कि मोदी की भी लिमिटेशनस (सीमाएं) हैं. इस बारे में विस्तार से एक अलग पोस्ट लिखूंगा। तटीय रेखा के बारे में अधिक जानकारी जानने वाले दोस्तों के लिए भारत की तटरेखा लगभग 11,098.81 किलोमीटर लंबी है। यह एक संशोधित आँकड़ा है, जो पहले इस्तेमाल किए गए 7,516 किलोमीटर के माप से काफ़ी ज़्यादा है। यह वृद्धि मुख्यतः बेहतर मापन तकनीकों और द्वीपों, खाड़ियों और मुहाना जैसी अधिक विस्तृत विशेषताओं को शामिल करने के कारण हुई है। यहाँ विस्तृत विवरण दिया गया है: पिछला माप: 7,516 किलोमीटर संशोधित माप: 11,098.81 किलोमीटर वृद्धि: 3,582 किलोमीटर, या लगभग 48% वृद्धि में योगदान देने वाले कारक: उन्नत मानचित्रण: पुराने मानचित्रों के बजाय आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक नेविगेशन चार्ट (ENC) का उपयोग किया गया। अधिक विशेषताओं का समावेश: गणना में उन द्वीपों, खाड़ियों और मुहानाओं को शामिल किया गया, जिन्हें पहले शामिल नहीं किया गया था या जिनका सटीक मापन नहीं किया गया था। उल्लेखनीय वृद्धि वाले राज्य: गुजरात (लगभग दोगुना) और बंगाल (357% की वृद्धि)।

  • देश में 3 लाख से अधिक मस्जिदों को, कभी सुरक्षा की जरूरत नहीं पड़ती! लेकिन राममंदिर और बाकी सभी मंदिरों की सुरक्षा हाइटेक रखनी पड़ती है! आखिर क्यो ? अगर हो कोई जवाब," तो जरूर देना! प्रशासन को पुलिस और अर्धसैनिक बल, सिर्फ मंदिरों में क्यों तैनात करने पड़ते हैं ? यह हकीकत 100 करोड़ हिंदूओं के गाल पर किसी तमाचे से कम नहीं! स्मरण रहे.... संसार में इस्लाम फैला है तो क्रूरता से ! ईसाईयत फैली है तो धूर्तता से !l जबकि हिंदुत्व सिकुड़ा है तो, अपनी ही मूर्खता से...??? हिंदूओं पर संकट आता है, तो वह बीजेपी और आरएसएस की तरफ देखता है...! किंतु वोट देते समय वह व्यक्तिगत स्वार्थ व जाति को देखता है...!! कड़वा लगेगा! किंतु सत्य तो यही है...!!

  • कोई भी कार्य चाहे कृषि हो, उद्योग धंधे हो या फिर इंफ्रास्ट्रक्चर बिल्ड करना हो अगर पूंजी की कमी हो तो लोन लिया जाता है। इसी तरह बड़े-बड़े इंफ्रास्ट्रक्चरस को पूरा करने के लिए सरकारें भी लोन लेती है और फिर धीरे-धीरे उस लोन को चुकता कर दिया जाता है। लोन को चुकता कर देने की क्षमता को देखते हुए क्रेडिट एजेंसीज उस देश को क्रेडिट रेटिंग देती है। ट्रिपल ए की रेटिंग सबसे अच्छी मानी जाती है लेकिन अभी हाल ही में Moody's ने अमेरिका की ट्रिपल ए की रेटिंग को कम करते हुए AA1 रेटिंग कर दी है। 37 ट्रिलियन डॉलर के लोन के साथ अमेरिका पर हर रोज लगभग 86 मिलियन डॉलर का भार बढ़ता जा रहा है जो की आने वाले समय में अमेरिका को दिवालियापन की और अग्रसर कर रहा है जिससे बचने की कोशिश में ट्रम्प ऊलजुलूल फैसले ले रहा है। प्रति सप्ताह अपने लिए गए फैसलों को बदलने का क्रम ट्रम्प की हताशा इंगित कर रहा है जिससे अमेरिका की इकोनॉमी पर धीरे-धीरे बहुत बुरा असर पड़ रहा है। विश्व को यह नहीं भूलना चाहिए कि आज भी अमेरिका विश्व में सबसे ज्यादा ताकतवर देश माना जाता है। दिवालिया पन की हताशा में अमेरिका आने वाले समय में कभी भी पूरे विश्व की शांति को भंग कर सकता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए भारत को अभी बहुत लंबा सफर तय करना है। आत्म निर्भर भारत के साथ-साथ भारत को सशक्त भारत भी बनना होगा। वियतनाम और अफगानिस्तान जैसे छोटे छोटे देशों से हारने के बाद अमेरिका कभी भी भारत या चीन के साथ सीधे युद्ध करने की हिम्मत नहीं करेगा और दूसरे देशों पर गृह युद्ध, आर्थिक प्रतिबंध और परोक्ष युद्ध थोप कर अपनी सर्वोच्चता जाहिर करने की कोशिश करता रहेगा। अतः भारत को पूर्ण युद्ध में उलझने से पहले अपने आप को आत्म निर्भर बनने के अलावा चीन और अमेरिका जितना सशक्त बनाना होगा। अभी हाल की घटनाओं से तो यही लगता है कि भारत को सशक्त भारत अभियान में रूस और इॹरायल के अलावा और किसी की मदद नहीं मिलेगी। मोदी जी अपने इसी मिशन पर अग्रसर हैं।

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  • Convicted twice for terror, Saquib Nachan among 15 arrested by NIA. वह साकिब नाचन है। 1991 में गुजरात आतंकी मामले में पहली बार गिरफ्तार किया गया, आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे घटाकर 10 साल कर दिया। 2001 में वह रिहा हो गया। क्या वह सुधर गया? 2003 में, मुंबई में हुए तीन धमाकों के लिए फिर से गिरफ्तार किया गया, 10 साल की सजा सुनाई गई, लेकिन अच्छे व्यवहार के कारण उसे जल्दी रिहा कर दिया गया। क्या वह सुधर गया? वह अपने गांव पडघा (ठाणे ग्रामीण) में वापस गया, इसे 'अल-शाम' नामक एक 'मुक्त क्षेत्र' घोषित किया, 'बयाथ', ISIS खलीफा को शपथ दिलाई, पडघा-बोरीवली से युवाओं की भर्ती की, और पूरे भारत में आतंक की साजिश रची। 2023 में, मुंबई पर ड्रोन हमले की योजना बनाने के लिए फिर से गिरफ्तार किया गया। क्या वह सुधर जाएगा? आप शायद कहें कि नहीं। लेकिन न्यायपालिका पर भरोसा करें कि वह उसे एक और मौका देगी। न्यायपालिका उससे कितना प्यार करती है, यह जानने के लिए: 2024 में, जेल में रहते हुए, उसने ISIS को आतंकवादी संगठन घोषित करने वाली सरकारी अधिसूचनाओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। कोर्ट ने उसकी याचिका को सीधे खारिज करने के बजाय, उस पर सुनवाई की और उसे ऑनलाइन खुद का प्रतिनिधित्व करने की अनुमति दी। उसके कई रिश्तेदार आतंकवादी हैं, कुछ ने सीरिया में ISIS के लिए लड़ाई लड़ी। कोई भी समझदार व्यवस्था उसे पहले अपराध पर ही बेअसर कर देती, लेकिन हमारी न्याय प्रणाली ने उसे आतंकवाद का साम्राज्य बनाने और कई अन्य लोगों की भर्ती करने में सक्षम बनाया।

  • इजरायली दूतावास में काम करने वाले दो यहूदियों की वाशिंगटन अमेरिका में गोली मारकर हत्या कर दी गई। असल में इसका पूरा शक अमेरिका पर जा रहा है। अमेरिका ने अपने देश में दो यहूदियों को मरवा दिया अब इजरायल इसका बदला मिडल ईस्ट में लेगा और मिडिल ईस्ट भागा भागा अमेरिका के पास जाकर हथियार खरीदेगा। अभी हाल ही में मिडिल ईस्ट ने अमेरिका से एक ट्रिलियन डॉलर के हथियार खरीदे हैं जो कि भारतीय रुपए में 85 लाख करोड रुपए से भी ज्यादा होते हैं। अमेरिका कभी भी दुनिया में सुख शांति नहीं आने देगा क्योंकि उसकी रोजी-रोटी ही आतंकवाद पर निर्भर करती है।

  • स्क्रीनशॉट रखने योग्य पोस्ट ❗ अगले 5 वर्षों के अंदर अंदर अमेरिका उठाई गिरी पर आ जाएगा। मतलब❓ मतलब यह कि अमेरिका विभिन्न देशों द्वारा जमा किए गए फॉरेक्स रिजर्व को जप्त करना शुरू कर देगा जैसा कि उसने पिछले वर्षों रूस के साथ किया है। यही अमेरिका के गौरवशाली अतीत (इतिहास) का अंत होगा।

  • कावेरी इंजन के चार वेरिएंट रूस में हो रहे टेस्ट में पास होकर भारत वापस आ चुके हैं। कावेरी फाइटर प्लेन के लिए❗ कावेरी कार्गो प्लेन के लिए❗ कावेरी सिविल एविएशन के लिए❗ कावेरी घातक ड्रोनेस के लिए❗ डीआरडीओ को हर वर्ष सौ इंजन बनाने के लिए बजट एलोकेट कर दिया गया है। क्या भारत विश्व की सुरक्षा संसाधनों के मामले में प्रथम स्थान अर्जित करने जा रहा है ❓ ज्ञानी जनों के कमेंट आमंत्रित हैं

  • मोदी ने बलूचिस्तान नहीं बनाया और सीज फायर कर दी। मोदी को बलूचिस्तान बनाना चाहिए था POK को लेना चाहिए था। ब्लां ब्लां ब्लां ब्लां.... मेरे को कोई समझाएगा की बलूचिस्तान बनाने के बाद भारत को क्या फायदा होता? पाकिस्तान जरूर टूट जाता लेकिन पाकिस्तान की पूरी आर्मी बलूचिस्तान से निकलकर भारतीय बॉर्डर पर आ जाती। अब बलूचिस्तान ने पाकिस्तानी आर्मी को अंगेज् करके रखा हुआ है। भारत ने बांग्लादेश बनाकर क्या हासिल कर लिया? आज वही बांग्लादेश भारत को आंखें दिखा रहा है! आने वाले समय में यह बलूचिस्तान भारत को आंखें नहीं दिखाएगा इस बात की क्या गारंटी है। रही बात POK की तो उसकी भी कामोबेश यही कहानी है। अभी तो अपने वाला कश्मीर ही हमसे नहीं संभल पा रहा आए दिन वहां पर आतंकवादी गतिविधियां हो रही हैं, फिर अफगानिस्तान से सीमा के टच हो जाने के बाद पूरे कश्मीर को संभालना मुश्किल हो जाएगा। वैसे भी भारत के बड़ी मात्रा में आर्थिक संसाधन कश्मीर पर खर्च हो रहे हैं। POK आने के बाद यह अमाउंट कई गुना बढ़ जाएगा। देश में विधर्मियों की संख्या बढ़ जाएगी वह अलग। अगर अपना दिमाग लगाने की इच्छा ना हो तो मोदी के अंधभक्त बनो। धीरे-धीरे सब समझ आ जाएगा।

  • रूस खुश है S400 की कामयाबी को लेकर❗ अपने-अपने हथियारों की दुर्दशा देखकर चीन, अमेरिका और तुर्की की दबी जबान से चीखें निकल रही हैं जिसे पूरा विश्व सुन रहा है । और मोदी जी बिना मुंह खोले अपनी बॉडी लैंग्वेज के जरिये पूरे विश्व भर में भारत का मान बढ़ा रहे हैं। यह है आज का भारत। यानि कि अब हम शान से कह सकते हैं "मेरा देश महान" ❗

  • Star Wars LLB फाइनल (1977) में था जब यह मूवी "स्टार वॉर्स" आई थी। उस समय अमेरिका ने दुनिया भर को बताया था कि भविष्य में वह किस तरह की लड़ाई की तैयारी कर रहा है। हालांकि वह मूवी एनिमेटेड थी लेकिन फिर भी भविष्य में लड़ाई का क्या रूप होगा उस मूवी को देखने के बाद समझ में आ गया था। अमेरिका के बाद अभी कल चीन ने भी यह बात उजागर की है कि वह भी अब परमाणु मिसाइल्स अपने सेटेलाइट पर स्थापित करेगा जहां से इन परमाणु बमों को दागने के बाद उन्हें किसी भी कीमत पर रोका नहीं जा सकेगा। हालांकि एंटी सैटलाइट मिसाइल्स के सफल परीक्षण के बाद भारत ने भी स्टार वॉर्स में कदम रख लिया है लेकिन अभी भारत स्टार वॉर्स के मामले में अन्य देशों (अमेरिका रूस और चीन) से काफी पीछे है। लेकिन जिस तरह से मोदी जी के नेतृत्व में हमारे वैज्ञानिक काम कर रहे हैं हम इस सफलता को पाने से बहुत दूर नहीं है। आशा करते हैं की बहुत जल्द हम रक्षा प्रणाली के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी देशों के समकक्ष खड़े होंगे। एवमस्तु❗

  • 21000 रुपए जमा करो और हर रोज ₹50000 से ऊपर का प्रॉफिट पाओ। कुछ दिन पहले मैंने अपनी एक पोस्ट में लिखा था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का आम जनता को फायदा होगा या नुकसान। बहुत सारे कमेंट आए थे लेकिन मैं आपको बताता हूं कि किस तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का लोग गलत फायदा उठा रहे हैं। हमारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, मुकेश अंबानी, मुकेश अंबानी के बेटा, हमारे एक्स आरबीआई के गवर्नर आदि लोगों के द्वारा आम जनता को कहा जा रहा है कि आप 21000 रुपए जमा करो और इस स्कीम से हर महीने आपको 15 लख रुपए तक का प्रॉफिट देंगे। यह सभी वीडियो मेरे ख्याल से AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा बनाई गई है क्या फेसबुक को यह सब फेक नजर नहीं आ रहा हमारी पोस्ट सही होते हुए भी अगर धार्मिक होती है तो उसमें फेसबुक को फेक का रंग नजर आता है और उसे पोस्ट को कम्युनिटी स्टैंडर्ड के नाम से हटा दिया जाता है और लिखने वाले को वार्निंग दी जाती है कि उसका अकाउंट हमेशा के लिए फ्रीज कर दिया जाएगा। लेकिन इस तरह से हजारों लाखों लोगों के ₹21000 लूटने वाले लोगों को फेसबुक बढ़ावा दे रही है। हजारों लोगों द्वारा जमा करने के बाद उनका पैसा गायब हो गया बढ़ना तो क्या था पूरा का पूरा साफ हो गया और फेसबुक इस तरह के फेक वीडियोस को चला चला कर आम जनता को बेवकूफ बना रहा है। मोदी जी मेरी इस पोस्ट को संज्ञान में लेकर फेसबुक पर तगड़ा जुर्माना लगाएं।

  • मेरी उम्र के मेरे दोस्तों बहुत जल्दी आपका भी ऐसा ही समय आने वाला है 🤣 AAADD यानी की Age activated Attention Deficit Disorder (आयु-सक्रिय ध्यान अभाव विकार) यह इस प्रकार प्रकट होता है: मैं अपने बगीचे में पानी डालने का निर्णय लेता हूँ। जैसे ही मैं ड्राइववे में पाइप चालू करता हूँ, मैं अपनी कार की ओर देखता हूँ और निर्णय लेता हूँ कि पहले इसे धोने की आवश्यकता है। जैसे ही मैं गैरेज की ओर बढ़ता हूँ, मुझे पोर्च की मेज पर मेल दिखाई देता है जिसे मैंने मेल बॉक्स से निकाला था। मैं कार धोने से पहले मेल को देखने का निर्णय लेता हूँ। मैं अपनी कार की चाबियाँ मेज पर रखता हूँ, अवांछित मेल को मेज के नीचे कूड़ेदान में डालता हूँ, लेकिन देखता हूँ कि कूड़े का डिब्बा भर गया है। इसलिए, मैं बिलों को वापस मेज पर रखने का निर्णय लेता हूँ। और सबसे पहले कचरा बाहर निकालता हूँ.. लेकिन फिर मैं सोचता हूँ, चूँकि मैं वैसे भी मेलबॉक्स के पास जाऊँगा जब मैं कचरा बाहर निकालूँगा, तो मुझे पहले बिलों का भुगतान कर देना चाहिए। मैं अपनी चेक बुक मेज से निकलता हूँ, और देखता हूँ कि केवल एक चेक बचा है। मेरे अतिरिक्त चेक अध्ययन कक्ष में मेरी डेस्क पर होंगे, इसलिए मैं घर के अंदर अपनी डेस्क पर जाता हूँ जहाँ मुझे पेप्सी का वह कैन मिलता है जिसे मैं कुछ देर पहले पी रहा था। मैं अपना चेक ढूँढ़ने जा रहा हूँ लेकिन पहले मुझे पेप्सी को पीना होगा ताकि मैं गलती से उसे गिरा न दूँ। पेप्सी गर्म हो गयी थी और मैं इसे ठंडा रखने के लिए इसे रेफ्रिजरेटर में रखने का फ़ैसला करता हूँ। जैसे ही मैं पेप्सी लेकर रसोई की ओर जाता हूँ, काउंटर पर फूलों पर मेरी नज़र पड़ती है - उन्हें पानी की ज़रूरत है। मैंने पेप्सी को काउंटर पर रखा और काउंटर पर मेरे पढ़ने का चश्मा पड़ा था जिसे मैं सुबह से ढूँढ़ रहा था। मैंने फ़ैसला किया कि मुझे इसे वापस अपनी डेस्क पर रख देना चाहिए, लेकिन पहले मैं फूलों को पानी देना होगा। मैंने गिलास को वापस काउंटर पर रख दिया और एक कंटेनर में पानी भर लिया और अचानक मेरी नजर वहां पड़े टीवी रिमोट पर पड़ी। किसी ने इसे रसोई की मेज़ पर छोड़ दिया था। मुझे एहसास हुआ कि आज रात जब हम टीवी देखने जाएंगे, तो मैं रिमोट की तलाश करूंगा, लेकिन तब मुझे याद नहीं होगा कि यह रसोई की मेज पर मैंने दोपहर को देखा है, इसलिए मैंने इसे वापस उस जगह पर रखने का फैसला किया, जहां इसे होना चाहिए, लेकिन पहले मैं फूलों को पानी देना था। मैंने फूलों में थोड़ा पानी डाला, लेकिन इसका काफी हिस्सा फर्श पर गिर गया। इसलिए, मैंने रिमोट को वापस टेबल पर रख दिया, कुछ तौलिए लिए और गिरे हुए पानी को पोंछ दिया। फिर, मैं हॉल में नीचे चला गया और याद करने की कोशिश करने लगा कि मैं क्या करने की योजना बना रहा था। दिन के अंत में कार धुल नहीं पाई, बिलों का भुगतान नहीं हुआ, काउंटर पर पेप्सी का एक गर्म कैन रखा हुआ है, फूलों में पर्याप्त पानी नहीं है, मेरी चेक बुक में अभी भी केवल 1 चेक है, मुझे रिमोट नहीं मिल रहा, मुझे अपना चश्मा नहीं मिल रहा और मुझे याद नहीं है कि मैंने कार की चाबियों को कहां रख दिया। फिर, जब मैं यह पता लगाने की कोशिश करता हूँ कि आज कुछ भी क्यों नहीं हुआ, तो मैं वास्तव में हैरान हो जाता हूँ क्योंकि मुझे पता है कि मैं पूरे दिन व्यस्त था, और अब मैं वास्तव में थक गया हूँ। मुझे एहसास है कि यह एक गंभीर समस्या है, और मैं इसके लिए कुछ मदद पाने की कोशिश करनी चाहिए, लेकिन पहले मैं अपना ई-मेल देखूँगा.... मुझ पर एक एहसान करो। इस संदेश को अपने सभी परिचितों को अग्रेषित करें, क्योंकि मुझे याद नहीं है कि मैंने इसे किसको भेजा है। हँसो मत - अगर तुम्हारा अभी तक तुम्हारा यह हाल नहीं है और तुम 70 वर्ष की आयु पार कर चुके हो तो तुम्हारे भी ऐसे दिन आ रहें हैं! पुनश्च: मुझे याद नहीं है कि यह मुझे किसने भेजा है, इसलिए अगर यह तुम थे, तो मुझे खेद है। 😊😄😄😄😊😊

  • TSTO यानी कि टू स्टेज टू ऑर्बिट। टू-स्टेज-टू-ऑर्बिट (TSTO) या टू-स्टेज रॉकेट या फिर यूं कहो कि यह एक (space plane) स्पेस प्लेन है जिसमें दो अलग-अलग चरण कक्षीय वेग ( orbital velocity) प्राप्त करने के लिए क्रमिक रूप से प्रणोदन प्रदान ( propulsion consecutively) करते हैं। यह थ्री-स्टेज-टू-ऑर्बिट लॉन्चर और एक काल्पनिक सिंगल-स्टेज-टू-ऑर्बिट (SSTO) लॉन्चर के बीच का मध्यवर्ती है। अब आप यह जरूर जानना चाहोगे की स्पेस प्लेन क्या होता है? स्पेसप्लेन ऐसे विमान होते हैं जो वायुमंडलीय उड़ान के लिए लिफ्ट बनाने के लिए अपने पंखों का उपयोग करते हैं जबकि बाहरी अंतरिक्ष में नेविगेट करने के लिए रॉकेट प्रणोदन पर निर्भर करते हैं । इन-ऑर्बिट उड़ान के दौरान स्पेसप्लेन को शक्ति प्रदान करने के लिए ईंधन कोशिकाओं, सौर पैनलों या बैटरी जैसे ऊर्जा स्रोत की भी आवश्यकता होती है। इस प्रस्तावना के बाद अब मैं आपको यह बताना चाहूंगा कि भारत यानी कि भारत के इसरो ने स्पेस प्लेन बना लिया है जो दुश्मनों का काल साबित होगा। प्राप्त जानकारी और विभिन्न स्रोतों के अनुसार भारत के अलावा अभी तक विश्व में इस तरह के प्लेन बनाने में अभी तक किसी को भी कामयाबी नहीं मिली है। अमेरिका को भी नहीं। यह एक ऐसा प्लेन होगा जो अंतरिक्ष में जाकर अपने दुश्मनों पर हाइपरसोनिक मिसाइल को दागने के बाद पृथ्वी पर अगला वार करने के लिए वापस आ सकेगा। यानी कि सुदर्शन चक्र का आधुनिक रूप। अगर आप इसके बारे में अधिक जानकारी जानना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स में लिखें। तब तक के लिए राम-राम ❗