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विनोद कुमार शुक्ल के कविता संग्रह 'आकाश धरती को खटखटाता है' पर वरिष्ठ पत्रकार त्रिभुवन की टिप्पणी लिंक : https://rajkamalprakashan.com/blog/post/vinod-kumar-shukla-poetry-collection-aakash-dharti-ko-khatkhtata-hai-review-note-by-tribhuvan [साथ जुड़ें-साथ पढ़ें]
मनुष्यों के हृदय में श्री गणेश के लिए विशेष भक्ति-भावना है क्योंकि वे उन्हें एकदम अपने लगते हैं—करुणामय, उदार, सहज, समस्त आशा-आकांक्षाओं की पूर्ति करने वाले। महेंद्र मधुकर द्वारा लिखा गया एक पठनीय पौराणिक उपन्यास—वक्रतुण्ड
राजकमल किताब उत्सव-भोपाल से वालंटियर्स के रूप में जुड़ें! आवेदन करने के लिए कृपया इस लिंक पर जाएँ : https://forms.gle/Y179jSLskYjVnBNv7 [साथ जुड़ें साथ पढ़ें]
झील पर मृदंग बजा बारिश का मौसम जाने को है। एक अंतराल के बाद ‘किताब उत्सव’ भी लौट रहा है झीलों की नगरी― भोपाल। कुछ आपके पसंदीदा लेखक, बहुत सारी नई-पुरानी, पढ़ी-पहचानी-खोई-छूटी हुई किताबें और सोहबत का ढेर सारा समय―इत्मीनान से किताबों का संग-साथ। तारीखें सुरक्षित कर लें : 06 से 10 सितम्बर 2025 ज्यादा जानकारी के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ और तैयार हो जाइए शब्दों, विचारों और रचनात्मकता के इस उत्सव का हिस्सा बनने के लिए।
गीताश्री के कहानी-संग्रह ‘कामनाओं की मुंडेर पर’ की समीक्षा समीक्षक - निवेदिता लिंक - https://rajkamalprakashan.com/blog/post/geetashree-new-story-collection-kamanon-ki-munder-par-book-review-by-nivedita [साथ जुड़ें-साथ पढ़ें]
लेखक-पत्रकार रवीश कुमार ने इंक़लाबी कवि ‘पाश’ के अनन्य दोस्त शमशेर सिंह संधू से हुई मुलाक़ात का क़िस्सा साझा किया है, आप भी पढ़ें। लिंक - https://rajkamalprakashan.com/blog/post/ravish-kumar-meets-pash-friend-shamsher-singh-sandhu [साथ जुड़ें-साथ पढ़ें]
नामवर सिंह के जन्मदिवस पर पढ़ें, आशीष त्रिपाठी द्वारा सम्पादित पुस्तक ‘जीवन क्या जिया’ से एक अंश लिंक - https://rajkamalprakashan.com/blog/post/namvar-singh-autobiographical-writings-collection-jeevan-kya-jiya-book-read-an-excerpt [साथ जुड़ें-साथ पढ़ें]
https://rajkamalprakashan.com/blog/post/ratan-thiyam-tribute-by-amitesh-kumar
अब्दुल बिस्मिल्लाह के उपन्यास ‘झीनी-झीनी बीनी चदरिया’ पर महेश मिश्रा की टिप्पणी लिंक - https://rajkamalprakashan.com/blog/post/abdul-bismillah-novel-jheeni-jheeni-beeni-chadriya-review-note-by-mahesh-mishra [साथ जुड़ें-साथ पढ़ें]
https://rajkamalprakashan.com/blog/post/bangla-poet-shankha-ghosh-interview-by-vinod-das
शाज़ी ज़माँ के उपन्यास ‘अकबर’ का एक अंश लिंक - https://rajkamalprakashan.com/blog/post/shazi-zaman-novel-akbar-read-an-excerpt [साथ जुड़ें साथ पढ़ें]
नूम मीम राशिद की नज़्में लिंक - https://rajkamalprakashan.com/blog/post/noon-meem-rashid-nazmen-zindgi-se-darte-ho-book [साथ जुड़ें-साथ पढ़ें]
https://rajkamalprakashan.com/blog/post/rajkamal-urdu-new-initiative-by-rajkamal-prakashan
निर्मल वर्मा के उपन्यास ‘अंतिम अरण्य’ की समीक्षा समीक्षक : विनीता बाडमेरा लिंक - https://rajkamalprakashan.com/blog/post/nirmal-verma-novel-antim-aranya-book-review-by-vinita-badmera [साथ जुड़ें-साथ पढ़ें]
*राजकमल उर्दू : दो ज़ुबानें एक रास्ता* राजकमल अस्सी साल से हिन्दी के श्रेष्ठ लेखन के साथ-साथ उर्दू साहित्य के चुनिंदा श्रेष्ठ साहित्य को भी देवनागरी में प्रकाशित करता रहा है। हिन्दीभाषी समाज को अगर समझना है तो हिन्दी और उर्दू―दोनों ज़ुबानों के साहित्य को पढ़ने की ज़रूरत स्वाभाविक है। उर्दू का साहित्य-संसार अनोखा और बड़ा है। अब तक बहुत काम होने के बावजूद उसका एक छोटा-सा हिस्सा ही हमारे सामने आ सका है; और यह फ़ासला समय के साथ बड़ा होता गया है। इस ज़रूरत पर एक अरसे से चर्चा बनी हुई है कि इस बढ़ते फ़ासले को कम किया जाए। राजकमल प्रकाशन इसी मंशा से ‘राजकमल उर्दू’ की शुरूआत करने जा रहा है। • ◆ • सोशल मीडिया पर 'राजकमल उर्दू' से जुड़ें : इंस्टाग्राम - https://www.instagram.com/rajkamalurdu फेसबुक - https://www.facebook.com/rajkamalurdu एक्स - https://x.com/RajkamalUrdu [साथ जुड़ें साथ पढ़ें]
क्या आपने कभी सोचा है कि हम जो कहानी-उपन्यास पढ़ते हैं उसके किरदारों का क्या होता है? लिंक - https://rajkamalprakashan.com/blog/post/kirdar-kahani-ke-baad-prabhat-ranjan-fb-post [साथ जुड़ें-साथ पढ़ें]
प्रज्ञा के नवीनतम कहानी संग्रह ‘काठ के पुतले’ की समीक्षा समीक्षक : मधु कांकरिया लिंक - https://rajkamalprakashan.com/blog/post/kath-ke-putle-hindi-story-collection-pragya-book-review-by-madhu-kankriya [साथ जुड़ें-साथ पढ़ें]
यतीश कुमार की किताब ‘बोरसी भर आँच’ पर उषा प्रियंवदा की टिप्पणी लिंक - https://rajkamalprakashan.com/blog/post/yatish-kumar-book-borsi-bhar-aanch-review-note-by-usha-priyamvada [साथ जुड़ें-साथ पढ़ें]
गीताश्री के कहानी-संग्रह ‘कामनाओं की मुँडेर पर’ पर अनघ शर्मा की टिप्पणी लिंक - https://rajkamalprakashan.com/blog/post/geetashree-new-story-collection-kamnaon-ki-munder-par-review-note-by-anagh-sharma [साथ जुड़ें-साथ पढ़ें]
हरिमोहन झा के मैथिली भाषा के उपन्यासों ‘कन्यादान’ और ‘द्विरागमन’ पर अमितेश कुमार की टिप्पणी लिंक - https://rajkamalprakashan.com/blog/post/Harimohan-jha-maithili-novel-kanyadan-dwiragaman-review-note-by-amitesh-kumar [साथ जुड़ें-साथ पढ़ें]